ACP Vivek Bhagat FIR: दिल्ली में चल रहे प्रदर्शनों के बीच ACP Vivek Bhagat FIR का मामला सामने आया है। काकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास (Saurav Das) ने दिल्ली पुलिस (Delhi Police) पर एक स्वतंत्र महिला पत्रकार की शिकायत के बावजूद FIR दर्ज नहीं करने का आरोप लगाया है। दास के मुताबिक, वह और CJP नेता रत्ना सिंह शिकायत के बाद पुलिस के पास पहुंचे और मामले में कार्रवाई की मांग की।

महिला पत्रकार की शिकायत को लेकर विवाद

मामला जंतर-मंतर प्रदर्शन (Jantar Mantar Protest) की कवरेज से जुड़ा बताया जा रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, एक महिला पत्रकार ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की रिकॉर्डिंग करते समय ACP विवेक भगत (ACP Vivek Bhagat) ने उनके साथ कथित तौर पर बदसलूकी की। शिकायत में अनुचित तरीके से छूने और धक्का देने का भी आरोप लगाया गया है।

महिला पत्रकार के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस की ओर से शिकायत मिलने की बात सामने आई है, जबकि मामले में ACP विवेक भगत का विस्तृत पक्ष सार्वजनिक तौर पर सामने आना बाकी है।

Delhi Police FIR को लेकर सौरव दास ने उठाए सवाल

CJP प्रवक्ता सौरव दास का कहना है कि शिकायत के बाद भी Delhi Police FIR दर्ज करने को लेकर तैयार नहीं थी। उनके मुताबिक, पुलिस को वीडियो फुटेज की जांच के लिए समय चाहिए तो वह जांच कर सकती है, लेकिन शिकायत पर कानूनी प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए।

दास ने Delhi Police News से जुड़े इस मामले में सवाल उठाया कि शिकायत के बावजूद कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी को बचाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, यह आरोप CJP की ओर से लगाया गया है और पुलिस की ओर से इसका जवाब सामने आना बाकी है।

4 अक्टूबर दोपहर 12 बजे तक की डेडलाइन

सौरव दास ने कहा कि पुलिस को 4 अक्टूबर दोपहर 12 बजे तक FIR दर्ज करने का समय दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तय समय तक कार्रवाई नहीं हुई तो पत्रकार समुदाय और अन्य प्रदर्शनकारी दोबारा पुलिस स्टेशन के बाहर जुटेंगे।

दास के मुताबिक, प्रदर्शनकारी FIR की कॉपी मिलने तक अपनी मांग जारी रखेंगे। इस बीच Saurav Das Statementभी मामले में चर्चा का प्रमुख हिस्सा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी आगे भी बनी रह सकती है।

यह भी पढ़ें: Post Office Saving Scheme: रोजाना ₹200 बचाकर बनाएं 10 लाख का फंड, Post Office की इस स्कीम में ब्याज से होगी ₹3 लाख की कमाई

जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ा पूरा मामला

यह विवाद CJP Protestके बीच सामने आया है। संगठन की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव और पुलिस कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठे हैं।

2 अक्टूबर के प्रदर्शन के संबंध में दिल्ली पुलिस ने तीन FIR दर्ज किए थे। पुलिस के मुताबिक, इन मामलों में किसी व्यक्ति या संगठन को आरोपी के तौर पर नामित नहीं किया गया था। CJP की ओर से 10 अक्टूबर को दिल्ली में एक और प्रदर्शन का ऐलान भी किया गया है।

यह भी पढ़ें: Shardiya Navratri 2026: 10 साल बाद शारदीय नवरात्रि पर श्रवण नक्षत्र का विशेष संयोग, कब आएगी अष्टमी तिथि, क्या है दशहरा की सही डेट

मुंबई में भी CJP Protest पर FIR

CJP से जुड़े प्रदर्शन को लेकर मुंबई में भी पुलिस कार्रवाई हुई है। रिपोर्टों के अनुसार, 2 अक्टूबर के प्रदर्शन के बाद आयोजकों और 400-500 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ कथित अवैध जमावड़े, यातायात बाधित करने और बिना अनुमति लाउडस्पीकर इस्तेमाल करने के आरोप में FIR दर्ज की गई।

Cockroach Janta Party(CJP) से जुड़े प्रदर्शनों को लेकर दिल्ली और मुंबई में पुलिस कार्रवाई चर्चा में रही है। दिल्ली का ताजा मामला इसी व्यापक प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के सिलसिले में देखा जा रहा है।

यह भी पढ़ें: Netanyahu Captain Smit Talk:  नेतन्याहू ने भारतीय कैप्टन स्मित से फोन पर की बात, बोले-आप दुनिया के हीरो, इजराइली स्वतंत्रता दिवस पर PM मोदी के साथ मशाल जलाने का दिया न्योता

मामले में अभी क्या स्थिति है?

फिलहाल ACP Vivek Bhagat News मामले में सबसे अहम बात यह है कि एक महिला पत्रकार की ओर से पुलिस अधिकारी के खिलाफ शिकायत किए जाने की जानकारी सामने आई है और CJP की ओर से FIR दर्ज करने की मांग की जा रही है।

ACP Vivek Bhagat के खिलाफ लगाए गए आरोप अभी आरोप ही हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में दिल्ली पुलिस की विस्तृत प्रतिक्रिया, FIR की स्थिति और जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों से तस्वीर और स्पष्ट होगी।

इसलिए फिलहाल शिकायत और राजनीतिक संगठन के आरोपों को तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि संबंधित पक्षों के दावे के तौर पर देखा जाना चाहिए।

यह भी पढ़ें: UP Monsoon ki Vidai: उत्तर प्रदेश से मानसून की विदाई, भारी बाढ़ के बाद भी, 37 जिलों में सामान्य से कम बारिश