भारत के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब जीवन और करियर में नए अध्याय की शुरुआत करने का समय आ गया है।
Ajinkya Rahane
- Published: 30 Jul 2026, 10:36 AM IST
- Last Updated: 30 Jul 2026, 10:49 AM IST
भारतीय क्रिकेट के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। अपने शांत स्वभाव, तकनीकी बल्लेबाजी और दबाव में शानदार प्रदर्शन के लिए पहचाने जाने वाले रहाणे ने कहा कि यह फैसला उन्होंने काफी सोच-विचार के बाद लिया है।
कहा- अब नए सफर की शुरुआत का समय
संन्यास की घोषणा करते हुए रहाणे ने कहा कि उनके करियर का यह एक नया अध्याय है और उन्हें लगता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने का यही सही समय है। उन्होंने अपने क्रिकेट सफर में साथ देने वाले साथियों, कोच, परिवार और प्रशंसकों का आभार भी जताया।
टीम इंडिया के भरोसेमंद बल्लेबाज रहे रहाणे
अजिंक्य रहाणे ने कई वर्षों तक भारतीय टीम के लिए टेस्ट और वनडे क्रिकेट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विदेशी परिस्थितियों में उनकी बल्लेबाजी को हमेशा सराहा गया। कई मुश्किल मौकों पर उन्होंने अपनी जिम्मेदार पारियों से टीम इंडिया को जीत दिलाने में अहम योगदान दिया।
बल्लेबाजी के साथ कप्तानी में भी छोड़ी छाप
रहाणे ने केवल बल्लेबाज के रूप में ही नहीं, बल्कि कप्तान के तौर पर भी अपनी अलग पहचान बनाई। उनके शांत नेतृत्व और संयमित फैसलों ने भारतीय क्रिकेट में उन्हें खास स्थान दिलाया। उनके संन्यास के साथ भारतीय क्रिकेट के एक यादगार अध्याय का अंत हो गया।
अगली पीढ़ी की मदद करेंगे रहाणे
संन्यास के बाद अपनी भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए रहाणे ने स्पष्ट किया कि खेल के साथ उनका सफर खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, एक भारतीय क्रिकेटर के रूप में मेरा अध्याय भले ही समाप्त हो रहा हो, लेकिन इस खेल के साथ मेरी यात्रा जारी रहेगी। मैं अगली पीढ़ी की मदद करने, इस खेल से सीखे मूल्यों को साझा करने और उस खेल को वापस लौटाने के लिए तत्पर हूं जिसने मुझे सब कुछ दिया है।
रहाणे के करियर की बड़ी उपलब्धियां
- 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भारत को 2-1 से ऐतिहासिक जीत दिलाई।
- एडिलेड टेस्ट में 36 रन पर ऑलआउट होने के बाद टीम की शानदार वापसी कराई।
- मेलबर्न टेस्ट में कप्तानी पारी खेलते हुए शतक जड़ा।
- विदेशी सरजमीं पर भारत के सबसे सफल टेस्ट बल्लेबाजों में शुमार रहे।
- 85 टेस्ट में 5,077 रन और 12 शतक बनाए।
- अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 8,000 से ज्यादा रन बनाकर करियर का समापन किया।