Published: Saturday, August 22, 2026, 11:22 [IST]
Alaska Plane Crash: अमेरिका के अलास्का में एक दूर-दराज के मिलिट्री एयरपोर्ट पर घने कोहरे के बीच लैंडिंग की कोशिश कर रहा छोटा विमान क्रैश हो गया। हादसे में विमान में सवार सभी 8 लोगों की मौत हो गई। इनमें 2 पायलट और 6 यात्री शामिल थे। हादसे के समय विजिबिलिटी बेहद कम हो गई थी और पायलटों को रनवे दिखाई नहीं दे रहा था।
नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड ने जांच शुरू कर दी है। हादसे में मारे गए लोगों में US आर्मी कॉर्प्स ऑफ इंजीनियर्स के 2 कर्मचारी भी शामिल हैं। अब जांच एजेंसियां मौसम और विमान की आखिरी उड़ान से जुड़ी परिस्थितियों की पड़ताल कर रही हैं।
घने कोहरे में लैंडिंग की दूसरी कोशिश
पायलट जब केप न्यूएनहैम लॉन्ग रेंज रडार साइट एयरपोर्ट पर उतरने की कोशिश कर रहे थे, उस समय इलाके में मौसम तेजी से खराब हो रहा था। रनवे दिखाई नहीं देने के कारण उन्हें इंस्ट्रूमेंट्स पर निर्भर रहना पड़ा। NTSB के मुताबिक, यह लैंडिंग की दूसरी कोशिश थी। हादसे से कुछ मिनट पहले मौसम केंद्र ने कम ऊंचाई वाले बादल, कोहरा और करीब 10 मील विजिबिलिटी दर्ज की थी। इसके करीब 15 मिनट बाद विजिबिलिटी घटकर एक-चौथाई मील से भी कम रह गई।
पहाड़ पर बनी है बजरी वाली हवाई पट्टी
केप न्यूएनहैम का एयरपोर्ट आम हवाई अड्डों से काफी अलग है। यहां पहाड़ की ढलान पर बजरी वाली हवाई पट्टी बनी हुई है। फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन पायलटों को इस एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान GPS और दूसरे इंस्ट्रूमेंट्स के इस्तेमाल की सलाह देता है। यह जगह एंकरेज से करीब 450 मील पश्चिम में स्थित है। दूर-दराज के इलाके में होने के कारण यहां सामान्य सिविलियन विमान गतिविधियां भी बेहद सीमित रहती हैं और साइट पर कभी-कभार ही कॉन्ट्रैक्टर पहुंचते हैं।
1950 के दशक में बना था रडार स्टेशन
केप न्यूएनहैम रडार साइट का इतिहास अमेरिका की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा है। इसे 1950 के दशक में सोवियत संघ से संभावित मिसाइल हमले की शुरुआती चेतावनी देने वाले नेटवर्क के हिस्से के रूप में बनाया गया था। आज यह साइट रूस, चीन और उत्तर कोरिया की दिशा से आने वाले विमानों और अलास्का के एयरस्पेस पर नजर रखने वाले नेटवर्क का हिस्सा है। पुराना आउटपोस्ट 1983 में नए रडार की स्थापना के बाद बंद कर दिया गया था, हालांकि साइट पर निगरानी से जुड़ी व्यवस्थाएं जारी हैं।
मारे गए लोगों में सेना के दो कर्मचारी
US आर्मी कॉर्प्स ऑफ इंजीनियर्स ने बताया कि हादसे में मारे गए उसके दो कर्मचारी एक प्रोजेक्ट डिलीवरी टीम का हिस्सा थे। यह टीम US एयर फोर्स के समर्थन से जुड़े एक प्रोजेक्ट के लिए साइट पर जा रही थी। हालांकि सेना ने प्रोजेक्ट से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। अलास्का कमांड के अधिकारियों ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। लेफ्टिनेंट जनरल रॉबर्ट डेविस ने कहा कि विमान में सवार लोग कठिन परिस्थितियों में एक महत्वपूर्ण मिशन पूरा करने वाले समर्पित प्रोफेशनल थे।
क्या पायलटों ने इमरजेंसी घोषित की थी?
हादसे की जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले पायलटों ने किसी तरह की इमरजेंसी घोषित की थी या नहीं। जांचकर्ता यह भी जानेंगे कि विमान से संपर्क कब टूटा और उस समय मौसम की वास्तविक स्थिति क्या थी। अलास्का की सीनेटर लिसा मुर्कोव्स्की के मुताबिक, विमान एंकरेज की चार्टर कंपनी सिक्योरिटी एविएशन द्वारा संचालित किया जा रहा था। NTSB की टीम घटनास्थल के लिए रवाना हो चुकी है और अब हादसे की पूरी वजह सामने लाने की कोशिश की जा रही है।