Ambikapur Expired Injection Case: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में सिद्धार्थ हॉस्पिटल (Siddharth Hospital) में एडमिट बच्चे को एक्सपायरी डेट का इंजेक्शन (Ambikapur Expired Injection Case ) लगाने का मामला सामने आया है। परिजन का आरोप है कि इंजेक्शन लगने क बाद से बच्चा सुस्त और नींद में है। बच्चे के पिता ने कलेक्टर से इसकी शिकायत कर जांच की मांग की। जिसके बाद सीएमएचओ (CMHO Ambikapur) ने शिकायत की जांच कराई तो अस्पताल के फार्मेसी में उसी बैच के 3 एक्सपायरी इंजेक्शन वायल मिले हैं। जिसे बच्चे को लगाया गया था।
पिता ने लगाया एक्सपायरी इंजेक्शन का आरोप
जानकारी के मुताबिक, सरगुजा जिले के नगर पंचायत लखनपुर निवासी शम्स खान ने साढ़े तीन साल के बेटे उमैर खान की तबीयत बिगड़ने पर सिद्धार्थ हॉस्पिटल में 6 सितंबर को एडमिट कराया। इसके बाद हॉस्पिटल की नर्स ने बच्चे को इंजेक्शन लगाया। जो एक्सपायर्ड डेट का था। पिता ने इसकी शिकायत हॉस्पिटल प्रबंधन से की, लेकिन उन्होंने अनसुना कर दिया। इसके बाद शम्स खान ने इसकी शिकायत कलेक्टर अजीत वसंत से की।
जांच में इंजेक्शन एक्सपायरी डेट का निकला (Ambikapur Expired Injection Case)
डॉक्टर वैभव जायसवाल के लिखे पर्ची के आधार पर बच्चे को Amikacin 250mg इंजेक्शन लगाया गया। अगले दिन 7 सितंबर 2026 को इंजेक्शन की शीशी की जांच करने पर बैच नंबर L-24E-5B, निर्माण तारीख 05-2024 और एक्सपायरी तिथि 04-2026 लिखा मिला।
Expiry Injection की कलेक्टर से शिकायत
इस मामले की शिकायत सरगुजा कलेक्टर से करते हुए शम्स खान ने कहा कि, यदि यह इंजेक्शन बेटे को लगाई गई है, तो बहुत गंभीर मामला है। एक्सपायरी होने के बाद इंजेक्शन का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और तत्काल जांच कराने की मांग की।
बच्चे के पिता ने की जांच की मांग
बच्चे के पिता ने अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड, इंजेक्शन प्रशासन रिकॉर्ड, नर्सिंग रिकॉर्ड, फार्मेसी स्टॉक रजिस्टर और 6 सितंबर 2026 के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने की मांग की है। जिससे जांच के दौरान कोई महत्वपूर्ण सबूत नष्ट न हो सके।
जांच में मिली Expired दवाएं
कलेक्टर अजीत वसंत ने शिकायत मिलने पर तत्काल एक्शन लेते हुए सरगुजा CMHO डॉ. पीएस मार्को को शिकायत की जांच कराने के निर्देश दिए। सीएमएचओ के निर्देश पर नर्सिंग होम एक्ट के नोडल ऑफिसर डॉ. पीके सिन्हा की टीम हॉस्पिटल पहुंची।
टीम ने हॉस्पिटल के फार्मेसी की जांच की तो उसी बैच के 3 एक्सपायर्ड इंजेक्शन के वायल मिले हैं। जिस बैच का इंजेक्शन बच्चे को लगाया गया था।
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इंजेक्शन के साइड इफेक्ट की जांच की मांग
शम्स खान ने एक्सपायर्ड इंजेक्शन लगाने से साइड इफेक्ट्स के जांच की भी मांग की है। इंजेक्शन लगाने के बाद बच्चा सुस्त है और नींद में सो रहा है। 6 सितबर को उन्होंने बच्चे को सिद्धार्थ हॉस्पिटल (Siddharth Hospital) में डॉक्टर वैभव जायसवाल को दिखाया था। उन्होंने बच्चे की जांच के लिए टेस्ट लिखा। टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद बच्चे को उसी अस्पताल में इंजेक्शन लगाया गया था।
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