- Hindi News
- Local
- Uttar pradesh
- Aligarh
- Koil
- AMU Aligarh Land Dispute | Proctor Statement On Horse Riding Field Court
नरेश प्रताप सिंह | कोल29 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) और नगर निगम अलीगढ़ के बीच हॉर्सराइडिंग फील्ड की जमीन को लेकर चल रहे विवाद में मंगलवार, 1 सितंबर की देर शाम यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टर प्रो. नवेद खान ने वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने छात्रों और पूर्व छात्रों को मामले की अब तक हुई अदालती कार्यवाही की जानकारी दी।
इसके साथ ही सोशल मीडिया पर चल रही उन बातों को अफवाह बताया, जिनमें कहा जा रहा था कि 31 अगस्त की सुनवाई में AMU की ओर से कोई प्रतिनिधि कोर्ट में मौजूद नहीं था।
प्रॉक्टर ने बताया कि मामले की पहली सुनवाई 27 अगस्त को हुई थी, जिसमें AMU और नगर निगम दोनों ने अपने दस्तावेज अदालत के सामने रखे थे। इसके बाद कोर्ट ने 31 अगस्त को अगली सुनवाई तय की थी। अब अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 9 सितंबर 2026 की तारीख तय की है। यूनिवर्सिटी की ओर से जमीन पर यथास्थिति बनाए रखने की मांग को लेकर प्रार्थना पत्र भी दिया गया है।
31 अगस्त को पूरी तैयारी के साथ कोर्ट पहुंची AMU की टीम
प्रो. नवेद खान के मुताबिक, 31 अगस्त की सुनवाई में AMU की ओर से पूरी कानूनी टीम मौजूद थी। इसमें एमआईसी प्रॉपर्टी, प्रॉपर्टी ऑफिसर, विश्वविद्यालय के कानूनी सलाहकार और दूसरे संबंधित अधिकारी शामिल थे। टीम मामले में यूनिवर्सिटी का पक्ष रखने की पूरी तैयारी के साथ अदालत पहुंची थी।
सुनवाई के दौरान नगर निगम की ओर से एक नए वकील ने वकालतनामा दाखिल किया। नए अधिवक्ता ने मामले को समझने और तैयारी के लिए कोर्ट से समय मांगा। AMU की कानूनी टीम ने इसका विरोध किया। यूनिवर्सिटी की ओर से अदालत में कहा गया कि पहले से वकील मौजूद होने के कारण सुनवाई को अनावश्यक रूप से आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए।

नगर निगम को मिला समय, अब 9 सितंबर को होगी सुनवाई
AMU की आपत्ति के बावजूद अदालत ने नगर निगम को नए वकील के जरिए मामले को समझने का अवसर दिया। इसके बाद अगली सुनवाई के लिए 9 सितंबर की तारीख तय की गई। प्रॉक्टर ने बताया कि यूनिवर्सिटी ने इस दौरान जमीन की स्थिति में बदलाव न किए जाने को लेकर यथास्थिति बनाए रखने की मांग भी अदालत के सामने रखी है।
प्रॉक्टर बोले- सोशल मीडिया की अफवाहों पर ध्यान न दें
प्रो. नवेद खान ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि 31 अगस्त की सुनवाई में AMU की तरफ से कोई मौजूद नहीं था और विश्वविद्यालय ने अपना पक्ष नहीं रखा। उन्होंने इन दावों को गलत और भ्रामक बताया।
उन्होंने छात्रों और पूर्व छात्रों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट जानकारियों पर भरोसा न करें। प्रॉक्टर ने कहा कि कुलपति प्रो. नईमा खातून के निर्देश पर विश्वविद्यालय प्रशासन मामले को गंभीरता से ले रहा है और कानूनी स्तर पर मजबूती के साथ अपना पक्ष रख रहा है।
.