Anant Nag Dadasaheb Phalke Award: अनंत नाग को मिलेगा दादासाहेब फाल्के पुरस्कार, PM मोदी ने दी बधाई
Dadasaheb Phalke Award: दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को भारतीय सिनेमा में उनके लंबे और उनके योगदान के लिए दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह प्रतिष्ठित सम्मान 22 सितंबर 2026 को गुजरात में आयोजित होगा।
वेटरन एक्टर अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार का सम्मान दिया जाएगा
- Published: 16 Sep 2026, 06:41 PM IST
- Last Updated: 16 Sep 2026, 07:33 PM IST
नई दिल्ली: दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया जाएगा। भारतीय सिनेमा में उनके लंबे और उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अनंत नाग को बधाई देते हुए उनके अभिनय और खासतौर पर कन्नड़ सिनेमा में उनके योगदान की सराहना की है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में अनंत नाग को बधाई देते हुए उनके दशकों लंबे करियर का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अनंत नाग की सहज अदाकारी, शानदार बहुमुखी प्रतिभा और अभिनय क्षमता ने भारतीय सिनेमा, विशेष रूप से कन्नड़ सिनेमा पर गहरी छाप छोड़ी है।
पीएम मोदी ने कहा कि अनंत नाग ने अपने हर किरदार में खास गहराई और सच्चाई दिखाई। उन्होंने अभिनेता को यह सम्मान मिलने पर शुभकामनाएं देते हुए इसे उनके योगदान के लिए उपयुक्त सम्मान बताया।
Congratulations to the legendary Anant Nag Ji on being conferred the Dadasaheb Phalke Award.
For several decades, his effortless performances, remarkable versatility and brilliance have left a very strong mark on Indian cinema, particularly Kannada cinema. In whichever role he…
— Narendra Modi (@narendramodi) September 16, 2026
22 सितंबर को मिलेगा दादासाहेब फाल्के पुरस्कार
अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार 2024 22 सितंबर 2026 को प्रदान किया जाएगा। उन्हें यह सम्मान 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में दिया जाएगा। समारोह गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में आयोजित होगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस समारोह में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान करेंगी।
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा 18 जुलाई 2026 को की गई थी। ये पुरस्कार वर्ष 2024 में भारतीय सिनेमा में उत्कृष्ट उपलब्धियों को सम्मानित करते हैं।
कौन हैं अनंत नाग?
अनंत नाग भारतीय सिनेमा के प्रमुख अभिनेताओं में शामिल हैं। उनका फिल्मी करियर पांच दशकों से अधिक लंबा है। उन्होंने 1973 में कन्नड़ फिल्म 'संकल्प' से अभिनय की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने श्याम बेनेगल की फिल्म 'अंकुर' (1974) से हिंदी सिनेमा में भी पहचान बनाई।
अनंत नाग ने मुख्य रूप से कन्नड़ फिल्मों में काम किया है। उनके खाते में 300 से अधिक फिल्मों का अभिनय करियर बताया जाता है। इनमें कन्नड़ के अलावा हिंदी, तेलुगु, तमिल, मराठी, मलयालम और अंग्रेजी भाषा की फिल्में भी शामिल हैं।
इन फिल्मों में नजर आए अनंत नाग
अनंत नाग के लंबे करियर में कई चर्चित फिल्में शामिल हैं। इनमें 'हंसागीते', 'बयालु दारी', 'गणेशना मदुवे', 'गौरी गणेश', 'मुंगारू माले', 'केजीएफ: चैप्टर 1' और 'केजीएफ: चैप्टर 2' प्रमुख हैं।
फिल्मों के अलावा अनंत नाग को टीवी सीरीज 'मालगुडी डेज' में उनके अभिनय के लिए भी काफी लोकप्रियता मिली।
कन्नड़ सिनेमा में खास योगदान
अनंत नाग की पहचान खास तौर पर कन्नड़ सिनेमा के प्रमुख अभिनेताओं के रूप में रही है। पांच दशक से अधिक के करियर में उन्होंने समानांतर सिनेमा, मुख्यधारा की फिल्मों, थिएटर और टेलीविजन में भी काम किया है। भारतीय सिनेमा में उनके लंबे योगदान को देखते हुए उन्हें 2025 में पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया था।
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार भारतीय सिनेमा में किसी व्यक्ति के जीवनभर के उल्लेखनीय योगदान को सम्मानित करने वाला प्रमुख राष्ट्रीय सम्मान है। अनंत नाग को 2024 के लिए यह सम्मान दिया जाना उनके पांच दशक से अधिक लंबे सिनेमाई सफर की बड़ी पहचान है।
FAQ
Q. अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार कब मिलेगा?
अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार 2024, 22 सितंबर 2026 को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में दिया जाएगा।
Q. अनंत नाग को कौन सा पुरस्कार मिला है?
उन्हें भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए दादासाहेब फाल्के पुरस्कार 2024 के लिए चुना गया है।
Q. अनंत नाग ने कितनी फिल्मों में काम किया है?
उपलब्ध स्रोतों के अनुसार अनंत नाग ने 300 से अधिक फिल्मों में काम किया है।
Q. अनंत नाग की प्रमुख फिल्में कौन सी हैं?
'हंसागीते', 'बयालु दारी', 'गणेशना मदुवे', 'गौरी गणेश', 'मुंगारू माले', 'केजीएफ: चैप्टर 1' और 'केजीएफ: चैप्टर 2' उनकी चर्चित फिल्मों में शामिल हैं।
Q. अनंत नाग किस सिनेमा के लिए सबसे ज्यादा प्रसिद्ध हैं?
अनंत नाग मुख्य रूप से कन्नड़ सिनेमा में अपने लंबे और उल्लेखनीय योगदान के लिए जाने जाते हैं।