रायपुर की ARKASA ने पोलैंड के LunAres Research Station में 14 दिवसीय VYOMSETU-1 लूनर एनालॉग मिशन पूरा किया, दो युवाओं ने भारत का प्रतिनिधित्व किया।
पोलैंड में VYOMSETU-1 मिशन के दौरान ARKASA की टीम
- Published: 05 Sep 2026, 04:03 PM IST
- Last Updated: 05 Sep 2026, 04:08 PM IST
रायपुर। अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने एक और उपलब्धि हासिल की है। छत्तीसगढ़ स्थित ARKASA- Space Architecture Design Research Lab ने पोलैंड के Piła स्थित LunAres Research Station के सहयोग से 14 दिवसीय क्रूड लूनर एनालॉग मिशन VYOMSETU-1 सफलतापूर्वक पूरा किया है। इस मिशन की खास उपलब्धि यह रही कि इसमें रायपुर के दो युवाओं ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अहम जिम्मेदारियां संभालीं।
रायपुर के दो युवाओं ने निभाई अहम भूमिका
VYOMSETU-1 मिशन में ARKASA की संस्थापक और आर्किटेक्ट Arshleen Kaur Sahni ने Crew Commander की भूमिका निभाते हुए मिशन का नेतृत्व किया। वहीं, रायपुर के Lumesh Sahu ने Communication Officer के रूप में क्रू के संचार की जिम्मेदारी संभाली। दोनों की भागीदारी ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान मंच पर छत्तीसगढ़ की प्रतिभाओं को पहचान दिलाई है।

14 दिनों तक पृथक वातावरण में रहा क्रू
मिशन के दौरान ऑल-इंडियन क्रू को एक सीमित और पृथक Analog Environment में रखा गया। इसका उद्देश्य भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के दौरान आने वाली परिस्थितियों और चुनौतियों का अनुकरण करना था। इस दौरान क्रू ने मानव प्रदर्शन, आवास और लंबे समय तक सीमित वातावरण में रहने से जुड़ी विभिन्न चुनौतियों का अध्ययन किया।
Sleep Analysis और Plant Growth पर हुआ रिसर्च
VYOMSETU-1 मिशन के दौरान कई महत्वपूर्ण प्रयोग और अनुसंधान किए गए। इनमें Sleep Analysis और Plant Growth Experiments प्रमुख रहे। इन शोधों के जरिए सीमित और पृथक वातावरण में मानव स्वास्थ्य, प्रदर्शन और जैविक प्रणालियों से जुड़े पहलुओं को समझने का प्रयास किया गया। इसके अलावा क्रू के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए योग सत्र और सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित की गईं।

क्या है Lunar Analog Mission?
लूनर एनालॉग मिशन वास्तविक चंद्र मिशन नहीं होता, बल्कि पृथ्वी पर ऐसी परिस्थितियां तैयार की जाती हैं जो अंतरिक्ष या चंद्रमा जैसे कठिन वातावरण की चुनौतियों का अनुकरण करती हैं। इससे वैज्ञानिक और शोधकर्ता वास्तविक अंतरिक्ष उड़ान से पहले मानव स्वास्थ्य, टीम डायनेमिक्स, संचार, प्रदर्शन, आर्किटेक्चर और जैविक प्रणालियों का अध्ययन कर सकते हैं। पोलैंड स्थित LunAres Research Station इसी तरह के पृथक और सीमित वातावरण में मानव अंतरिक्ष मिशनों से जुड़े शोध के लिए जाना जाता है।
Space Architecture और Human Habitat पर फोकस
ARKASA के लिए VYOMSETU-1 मिशन केवल एक Analog Mission नहीं, बल्कि Space Architecture, Human-Centered Habitat Research, Analog Mission Operations और Space Education को एक साथ जोड़ने वाला महत्वपूर्ण प्रयास है। संस्था भविष्य में चंद्रमा और अन्य ग्रहों पर मानव आवास के लिए भारतीय डिजाइन और रिसर्च क्षमताओं को विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। इसका फोकस ऐसे आर्किटेक्चर पर है, जो चरम परिस्थितियों में मानव सुरक्षा, स्वास्थ्य और लंबे समय तक रहने के लिए अनुकूल हो।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की प्रतिभा
ARKASA और LunAres Research Station के संयुक्त मिशन से भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान और भविष्य के अंतरिक्ष आवास से जुड़ी महत्वाकांक्षाओं के लिए व्यावहारिक अनुभव जुटाने में मदद मिल रही है। रायपुर के दोनों क्रू सदस्यों की भागीदारी से यह भी सामने आया है कि छत्तीसगढ़ के युवा Space Architecture, Spaceflight Research और Space Economy जैसे उभरते क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।
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