ARTO Arrested: उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने पूर्व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) ललित कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर आय से अधिक संपत्ति बनाने का आरोप है। यह कार्रवाई 13 जुलाई 2026 को की गई। ललित कुमार आगरा में ARTO के पद पर तैनात रह चुके हैं। उनके खिलाफ पहले से भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज है और विजिलेंस इस मामले की जांच कर रही थी।
/filters:format(webp)/bansal-news/media/media_files/2026/07/13/sds-2026-07-13-18-47-49.jpeg)
घर पर छापे में मिला भारी सामान
7 और 8 जुलाई को विजिलेंस की टीम ने लखनऊ के अलीगंज स्थित उनके घर पर छापा मारा था। जांच के दौरान टीम को बड़ी मात्रा में नकदी, सोने-चांदी के बिस्किट और कीमती गहने मिले थे। इसके अलावा कई अहम दस्तावेज भी बरामद हुए, जिनसे उनकी संपत्ति और निवेश की जानकारी मिली।
यह भी पढ़ें: Korea Triple Murder: कोरिया ट्रिपल मर्डर में सीबीआई की जांच शुरू, जली कार देखी, सोनहत थाने पहुंची टीम, सबूत जुटाने का काम शुरू
15 संपत्तियों के दस्तावेज और 2 कार मिलीं
जांच के दौरान विजिलेंस को 15 संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिले। साथ ही 2 कार, एक रिवॉल्वर और बैंक, पोस्ट ऑफिस, म्यूचुअल फंड तथा फिक्स्ड डिपॉजिट से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए। अधिकारियों का कहना है कि ये दस्तावेज जांच में अहम सबूत साबित हो सकते हैं।
यह भी देखें: Thane Banner Falls: महाराष्ट्र के Thane में चलती बाइक पर गिरा एड बैनर, Helmet ने बचाया, Video Viral
पूछताछ में नहीं दे सके संतोषजनक जवाब
विजिलेंस ने ललित कुमार से उनकी संपत्ति और आय के स्रोत को लेकर पूछताछ की। लेकिन वे अपनी संपत्ति का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। जांच एजेंसी के अनुसार, उन्होंने जरूरी दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए और जांच में पूरा सहयोग नहीं किया। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया।
/filters:format(webp)/bansal-news/media/media_files/2026/07/13/arto-arrested-2026-07-13-18-47-49.jpeg)
यह भी देखें: दतिया उपचुनाव: BJP प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने भरा नामांकन, CM मोहन यादव और नरोत्तम मिश्रा रहे साथ
जांच आगे भी रहेगी जारी
विजिलेंस अब ललित कुमार की चल और अचल संपत्तियों की जांच आगे भी जारी रखेगी। बरामद दस्तावेजों और निवेश से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आय से अधिक संपत्ति किस तरह बनाई गई और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है। मामले में आगे और भी कार्रवाई हो सकती है।
यह भी देखें: Reservation in Promotion: सुनवाई से अलग हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश, अब विशेष पीठ करेगी फैसला