आषाढ़ पूर्णिमा 2026 पर पीपल के पेड़ की पूजा, दीपक जलाने और परिक्रमा का विशेष महत्व बताया गया है। जानिए धार्मिक मान्यताएं, पूजा विधि, दान का महत्व और इससे जुड़े शुभ फल।

Purnima 2026,

Purnima 2026

  • Published: 27 Jul 2026, 09:24 AM IST
  • Last Updated: 27 Jul 2026, 09:24 AM IST

Ashadha Purnima 2026: हिंदू धर्म में आषाढ़ पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है। इसी दिन गुरु पूर्णिमा भी मनाई जाती है, जब गुरु के साथ भगवान विष्णु की आराधना का विशेष विधान होता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा, जल अर्पित करने, दीपक जलाने और परिक्रमा करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। आइए जानते हैं कि आषाढ़ पूर्णिमा पर पीपल की पूजा क्यों शुभ मानी जाती है और इसकी सही पूजा विधि क्या है।

आषाढ़ पूर्णिमा पर पीपल की पूजा क्यों की जाती है?
सनातन परंपरा में पीपल के पेड़ को अत्यंत पवित्र माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पीपल में भगवान विष्णु का निवास माना जाता है। इसलिए आषाढ़ पूर्णिमा के दिन इसकी पूजा करना शुभ फलदायी माना जाता है। श्रद्धा के साथ पीपल की पूजा करने से घर में सुख-शांति, सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि का वास होने की मान्यता है।

पीपल के नीचे दीपक जलाने का महत्व
आषाढ़ पूर्णिमा की शाम पीपल के पेड़ के नीचे घी या तिल के तेल का दीपक जलाने की परंपरा है। मान्यता है कि इससे नकारात्मकता दूर होती है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। दीपक जलाकर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की जाती है।

पीपल की परिक्रमा करने से क्या लाभ मिलता है?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, आषाढ़ पूर्णिमा पर पीपल के पेड़ की श्रद्धापूर्वक परिक्रमा करने से भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलता है। कई श्रद्धालु मनोकामना पूर्ति के लिए पीपल की परिक्रमा करते हैं। माना जाता है कि इससे मानसिक शांति मिलती है और जीवन की बाधाएं दूर होने का मार्ग प्रशस्त होता है।

आषाढ़ पूर्णिमा पर पीपल की पूजा विधि

  • सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए पीपल के पेड़ की जड़ में जल अर्पित करें।
  • घी या तिल के तेल का दीपक जलाएं।
  • भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का स्मरण करें।
  • पीपल की श्रद्धापूर्वक परिक्रमा करें।
  • परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की प्रार्थना करें।
  • पूजा के बाद अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान-पुण्य करें।

आषाढ़ पूर्णिमा पर दान का महत्व
आषाढ़ पूर्णिमा के दिन पूजा के साथ दान-पुण्य का भी विशेष महत्व माना गया है। इस अवसर पर जरूरतमंद लोगों को भोजन, वस्त्र या अन्य आवश्यक सामग्री दान करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन किया गया दान पुण्यफल प्रदान करता है और जीवन में सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है।

धार्मिक सूचना: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है। अलग-अलग परंपराओं और क्षेत्रों में पूजा-विधि एवं मान्यताओं में भिन्नता हो सकती है।