
एशियन गेम्स में खराब इंतजाम (फोटो-पीटीआई)
एशियन गेम्स 19 सितंबर से शुरू हो रहे हैं और उसके आगाज से पहले ही विवाद खड़ा हो गया है. खबरें हैं कि जहां खिलाड़ियों को ठहराया गया है वो काफी छोटी हैं और कुछ खिलाड़ियों को तो जमीन पर सोना पड़ा है. भारतीय दल के एक सदस्य के मुताबिक तीन एथलीट्स को दो लोगों के कमरे में रहना पड़ रहा है. बेहद छोटे कमरे होने की वजह से खिलाड़ियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, हालांकि भारतीय दल ने अबतक इसकी औपचारिक शिकायत नहीं की है.
कुछ भारतीय अधिकारियों के साथ हो गया बड़ा खेल
खिलाड़ियों को छोटे कमरे मिलने के अलावा कुछ भारतीय अधिकारियों को अपने इंतजाम खुद करने के लिए कहा गया है. रोइंग टीम के दो सहायक कर्मचारी बाहर रह रहे हैं क्योंकि उन्हें क्रूज शिप पर जगह नहीं मिल पाई. कुछ भारतीय एथलीट्स को करमे के लिए 12 घंटे तक का इंतजार करना पड़ा. उन्हें आधी रात को क्रूज जहाज पर कमरे मिले. भारतीय दल के शेफ डी मिशन सहदेव यादव ने पीटीआई को बताया कि आयोजकों का इंतजाम खराब था और और भारतीय ओलंपिक संघ मुद्दों को सुलझाने की कोशिश कर रहा है.
कुछ खिलाड़ी फर्श पर सोए
रिपोर्ट्स के मुताबिक थाईलैंड टीम के एथलीट्स को फर्श पर सोना पड़ा. जब ये खिलाड़ी बुधवार को आयोजन स्थल पहुंचे तो वहां उनके रहने का इंतजाम ही नहीं था. ऐसे में इन खिलाड़ियों को क्रूज जहाज में फर्श पर सोना पड़ा. काफी देर बाद इन्हें चेक कराया गया.
कई खिलाड़ियों के लिए प्रैक्टिस करना हुआ मुश्किल
आइची-नागोया एशियाई खेलों में भारत के 30 सदस्यीय निशानेबाजी दल को प्रैक्टिस में दिक्कत हो रही है. भारतीय निशानेबाजों को शूटिंग वेन्यू से लगभग 50 किलोमीटर दूर अलग-अलग होटलों में ठहराया गया है. दूसरे खिलाड़ियों को भी प्रैक्टिस के लिए 30 से 50 किमी. की यात्रा करनी पड़ रही है.

अनूप देव सिंह
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले का रहने वाला हूं. बचपन से ही खेलों से बेहद प्यार है. खासतौर पर क्रिकेट से जो इस देश का धर्म भी कहा जाता है. स्कूली पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय से हुई. साल 2006 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की और उसके बाद मीडिया के मैदान में उतर गए और खेल की खबरों को ही अपना कर्म भी बना लिया. करियर की पहली नौकरी नेटवर्क 18 ग्रुप में मिली. शुरुआत IBN7 न्यूज चैनल से हुई जहां मैंने पांच सालों की लंबी पारी खेली. इसके बाद इंडिया टीवी, न्यूज नेशन जैसे बड़े नेशनल चैनल्स के साथ काम किया. 2016 में डिजिटल मीडिया में कदम रखा और ये मौका जी नेटवर्क ने दिया. एक साल तक क्रिकेट कंट्री के साथ काम किया और फिर हुई नेटवर्क 18 में वापसी. न्यूज 18 हिंदी की वेबसाइट में 4 सालों तक स्पोर्ट्स की हर खबर पाठकों तक पहुंचाई. अब टीवी9 के साथ हूं. क्रिकेट ही नहीं खेल की हर खबर आपतक एक नए अंदाज और नए कलेवर में पहुंचाता हूं.
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