Asian Para Games: जीत हो तो ऐसी… सचिन खिलाड़ी ने रिकॉर्ड बनाकर जीता गोल्ड, तीनों मेडल भारत के नाम

सचिन ने दूसरी बार पैरा गेम्स का गोल्ड जीता हैImage Credit source: Getty Images

एशियन पैरा गेम्स 2026 का चौथा दिन भारत के लिए मेडल्स की बरसात वाला साबित हुआ, जहां सुबह से ही अलग-अलग इवेंट्स में भारतीय खिलाड़ियों ने गोल्ड समेत तीनों रंग के मेडल जीते. मगर जो कमाल मेंस शॉट पुट में देखने को मिला, वो सबसे अलग, सबसे खास और सबसे जबरदस्त साबित हुआ. मेंस F46 कैटेगरी में शॉट पुट में भारत के सचिन सरजेराव खिलाड़ी ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया. वहीं इसी कम्पटीशन के सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल पर भी भारत ने ही कब्जा किया.

लगातार दूसरा गोल्ड, मेडल का क्लीन स्वीप

आइची-नागोया गेम्स के चौथे दिन 21 अक्टूबर की दोपहर ये मुकाबला हुआ. F46 कैटेगरी में भारतीय स्टार सचिन खिलाड़ी शुरू से ही जीत के दावेदार थे. ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने ही पिछले पैरा गेम्स में भी इस इवेंट का गोल्ड मेडल अपने नाम किया था. ऐसे में वो अपने खिताब का बचाव कर रहे थे और इसमें उन्हें सफलता हासिल हुई. इसके अलावा सचिन ने पेरिस पैरालंपिक 2024 में सिल्वर मेडल जीतकर अपने करियर में एक और ऐतिहासिक पल जोड़ा था.

सचिन की ये जीत सिर्फ इसलिए खास नहीं थी कि उन्होंने गोल्ड मेडल जीता, बल्कि 15.87 मीटर के बेस्ट थ्रो के साथ पैरा गेम्स का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया. वहीं सचिन के साथ भारत की दावेदारी पेश कर रहे मोहम्मद यासर और परवीन ने भी मेडल अपने नाम किए. यासर ने अपने तीसरे थ्रो में 15.06 मीटर की दूरी के साथ सिल्वर जीता, जबकि परवीन ने 14.94 मीटर के साथ तीसरा स्थान हासिल किया और ब्रॉन्ज पर कब्जा किया.

अब तक कितने गोल्ड मेडल?

इस तरह भारत की झोली में अब 12 गोल्ड मेडल हो चुके हैं. सचिन से पहले बुधवार को ही प्रवीण कुमार ने हाई जंप और आयुष वर्मा ने शॉट पुट (F53 कैटेगरी) में गोल्ड जीते हैं. इनके अलावा राकेशभाई भट्ट ने 100 मीटर (T37 कैटेगरी) में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. उधर महिलाओं के पावरलिफ्टिंग में 67 किलोग्राम वजन में भारत की कस्तूरी राजमणि ने सिल्वर मेडल जीतकर देश की मेडल टैली में इजाफा करने में योगदान दिया.

सुमित सुन्द्रियाल

सुमित सुन्द्रियाल

इस वक्त TV9 हिंदी (स्पोर्ट्स 9) में असिस्टेंट न्यूज एडिटर (स्पोर्ट्स) की भूमिका में हूं. यहां तक पहुंचने की शुरुआत 2009 से हुई, जब जामिया मिल्लिया इस्लामिया में मास मीडिया ऑनर्स कोर्स (2009-12) में एडमिशन लिया. फिर 2013 में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से हिंदी पत्रकारिता में पोस्ट-ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा किया. यहीं से 2013 में पहली बार पेशेवर पत्रकारिता में कदम रखे और सबसे पहले न्यूज 18 इंडिया टीवी चैनल में जगह बनाई. डिजिटल पत्रकारिता में एंट्री लेने से पहले करीब 6 साल टीवी इंडस्ट्री में ही गुजरे, जहां असानमेंट डेस्क पर काम किया. असाइनमेंट डेस्क पर रहते हुए जानकारी जुटाना सबसे अहम काम होता है और उस खबर के हर पहलू को जांचना और उसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होती है. यही काम न्यूज 18 इंडिया में रहते हुए किया. इसके बाद खेल और खेल की खबरों के मोह ने डिजिटल जर्नलिज्म की ओर मोड़ा और एक नया सफर शुरू हुआ. इसकी शुरुआत IPL 2019 के दौरान हुई, जब क्विंट हिंदी का दामन थामा. एक साल क्विंट के साथ खेल की खबरें लिखने के बाद इसी काम में नया मुकाम हासिल करने के लिए TV9 हिंदी से रिश्ता जुड़ा. पिछले 3 साल से यहीं पर खेल की हर छोटी-बड़ी, गंभीर और मजेदार खबरें आप तक पहुंचा रहां हूं और लगातार बेहतर तरीके से पेश करने का प्रयास कर रहा हूं.

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