अयोध्या: भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का CEO बनाया गया है। (Ayodhya Ram Mandir CEO Name) सैन्य सेवा में उनका लंबा और शानदार करियर रहा है। वह भारतीय वायुसेना के Western Air Command के पूर्व प्रमुख भी रह चुके हैं।
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1986 में वायुसेना में हुए थे शामिल
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने वर्ष 1986 में भारतीय वायुसेना में कमीशन प्राप्त किया था। वह फाइटर पायलट और टेस्ट पायलट के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। उनके पास 3,000 घंटे से अधिक की उड़ान का अनुभव है। उन्होंने भारतीय वायुसेना में 38 साल से ज्यादा समय तक सेवा दी। वह NDA पुणे के पूर्व छात्र हैं और अपने सैन्य करियर के दौरान कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
30 अप्रैल 2026 को हुए रिटायर
जितेंद्र मिश्रा 30 अप्रैल 2026 को भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त हुए। उनके सैन्य करियर में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां रही हैं। उन्हें देश की सैन्य सेवा के लिए सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल (SYSM) से सम्मानित किया जा चुका है। (Ayodhya Ram Mandir CEO Name) इसके अलावा उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) भी प्रदान किए जा चुके हैं।
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राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ी जिम्मेदारी
वायुसेना से सेवानिवृत्ति के कुछ ही महीनों बाद अब जितेंद्र मिश्रा को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में CEO की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। CEO के तौर पर वह मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक और प्रबंधन से जुड़े कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
CEO बनने की पात्रता
- शैक्षणिक योग्यता: मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduate) होना जरूरी था।
- उम्र: 50 से 70 वर्ष।
- अनुभव: बड़े सार्वजनिक संगठन, संस्थान, सरकारी विभाग या कंपनी में कम से कम 20 वर्ष का प्रबंधकीय अनुभव।
- क्षेत्र का अनुभव: प्रशासन, वित्त एवं लेखा, मानव संसाधन, जनसंपर्क, IT, सुरक्षा और कानूनी मामलों का अनुभव अपेक्षित था।
- धार्मिक पात्रता: उम्मीदवार का हिंदू धर्म का अनुयायी और सक्रिय रूप से आस्थावान होना जरूरी था। वैष्णव परंपरा में भगवान राम के भक्त को प्राथमिकता दिए जाने की बात कही गई थी।
- विशेष प्राथमिकता: मंदिर प्रबंधन या किसी हिंदू धार्मिक संस्था के संचालन का अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता।
- भाषा: हिंदी और अंग्रेजी का अच्छा ज्ञान अपेक्षित था।
- कार्यकाल: प्रारंभिक नियुक्ति 3 वर्ष के लिए।
- निवास: कार्यकाल के दौरान अयोध्या में रहना होगा।
CEO की प्रमुख जिम्मेदारियां
CEO को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की दैनिक प्रशासनिक और परिचालन व्यवस्था संभालनी होगी। इसमें मुख्य रूप से:
- मंदिर की रोजमर्रा की व्यवस्थाओं की निगरानी।
- ट्रस्ट द्वारा लिए गए निर्णयों को जमीन पर लागू कराना।
- मंदिर के अधिकारियों और कर्मचारियों की निगरानी एवं प्रबंधन।
- वित्त, लेखा और प्रशासन से जुड़े कामों का निरीक्षण।
- श्रद्धालुओं के लिए दर्शन व्यवस्था और सुविधाओं को सुचारु रखना।
- मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े विभागों के साथ समन्वय।
- धार्मिक गतिविधियों और स्थानीय प्रशासनिक/नागरिक गतिविधियों के बीच समन्वय।
- मंदिर परिसर से जुड़े विभिन्न विभागों और समितियों के बीच तालमेल।
- ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना।
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