अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और दान की राशि चोरी करने के मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों की न्यायिक हिरासत शनिवार को 14 दिनों के लिए और बढ़ा दी गई है। भ्रष्टाचार निवारण अदालत के विशेष न्यायाधीश ने मामले में पुलिस द्वारा अब तक आरोप पत्र दाखिल न किए जाने और जांच जारी रहने के आधार पर सभी आरोपियों को 18 सितंबर तक जेल में रखने का आदेश दिया है।
राम मंदिर, अयोध्या
- Published: 06 Sep 2026, 09:29 AM IST
- Last Updated: 06 Sep 2026, 09:30 AM IST
श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे की चोरी तथा वित्तीय अनियमितताओं के बहुचर्चित मामले में अयोध्या की अदालत से आरोपियों को राहत नहीं मिली है। विशेष जांच दल (SIT) द्वारा मामले की गहन जांच जारी रहने के बीच अयोध्या स्थित भ्रष्टाचार निवारण अदालत के विशेष न्यायाधीश रजत वर्मा ने सभी आठों आरोपियों की न्यायिक हिरासत 18 सितंबर तक बढ़ा दी है। एसआईटी की ओर से अभी तक इस मामले में आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया है।
अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई पेशी, हिरासत 18 सितंबर तक बढ़ी
अवधि समाप्त होने के बाद पुलिस ने सभी आठों आरोपियों को जिला जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए विशेष अदालत के सामने पेश किया। बचाव पक्ष के वकील कुल शेखर सिंह ने बताया कि अदालत ने एसआईटी की दलीलों और जांच प्रक्रिया जारी रहने का संज्ञान लेते हुए सभी आरोपियों की न्यायिक हिरासत 18 सितंबर तक बढ़ा दी। एसआईटी का कहना है कि जांच का दायरा बड़ा है और कई महत्वपूर्ण साक्ष्यों को जोड़ना बाकी है, इसलिए आरोप पत्र दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय चाहिए।
एसआईटी कर रही बरामद दस्तावेजों और बैंक खातों की पड़ताल
मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अब तक की जांच में कई अहम साक्ष्य जुटाए हैं। जांच टीम ने आरोपियों के ठिकानों से बरामद नकदी, आभूषण और महत्वपूर्ण दस्तावेजों का सत्यापन शुरू कर दिया है। इसके अलावा आरोपियों के बैंक खातों की भी गहन जांच की जा रही है।
हाल ही में आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के केनरा बैंक खाते को अनफ्रिज करने संबंधी याचिका पर भी कोर्ट में सुनवाई चल रही है। एसआईटी यह पता लगा रही है कि क्या दान पेटियों से चुराया गया पैसा अन्य खातों या संपत्तियों में ट्रांसफर किया गया था।
दान पेटियों की गिनती से जुड़ा था मामला, 25 जून को दर्ज हुई थी प्राथमिकी
यह पूरा मामला राम मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले दान की गिनती की प्रक्रिया से जुड़ा है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद 25 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
शुरुआती जांच में ट्रस्ट के कुछ कर्मचारियों व सहायकों की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद आठों आरोपियों- राम शंकर यादव, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडे, मनीष यादव, लवकुश मिश्रा, राम शंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में गरमाया मुद्दा, जांच जारी
राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े इस मामले ने पूरे देश में राजनीतिक और सामाजिक हलचल पैदा कर दी है। एक तरफ जहां अयोध्या बार एसोसिएशन ने आरोपियों का केस न लड़ने और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, वहीं विपक्षी दल भी इस मुद्दे पर निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग उठा रहे हैं। फिलहाल एसआईटी सबूतों की कड़ियों को जोड़कर अंतिम आरोप पत्र तैयार करने में जुटी है, जिसे जल्द ही अदालत में पेश किए जाने की संभावना है।