छात्रों की मानें तो परीक्षा से पहले उनसे कथित रूप से पैसे लिए गए थे. उनको भरोसा दिलाया गया कि परीक्षा केंद्र को मैनेज कर लिया गया है. परीक्षा के दौरान, उनको किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी.
छात्रों की मानें तो परीक्षा से पहले उनसे कथित रूप से पैसे लिए गए थे. उनको भरोसा दिलाया गया कि परीक्षा केंद्र को मैनेज कर लिया गया है. परीक्षा के दौरान, उनको किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी.
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Student Protest
बिहार के पटना जिले के दानापुर में परीक्षा परिणामों को लेकर B.Pharm और B.Sc Nursing के छात्र-छात्राओं ने जमकर हंगामा किया. मामला छितनामा स्थित अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन से जुड़ा हुआ है. परीक्षा परिणाम में छात्रों ने कथित गड़बड़ी का आरोप लगाया और संस्थान के गोला रोड स्थित मुख्य कार्यालय का घेराव किया. छात्रों का दावा है कि परीक्षा पास कराने और परीक्षा केंद्र को ‘मैनेज’ करने के नाम पर उनसे पैसे लिए गए थे. बावजूद इसके 90 फीसद छात्र-छात्राएं फेल हो गए, जिससे उनका गुस्सा भड़क गया.
सेंटर मैनेज करने के नाम पर पैसे लेने का आरोप
छात्रों की मानें तो परीक्षा से पहले उनसे कथित रूप से पैसे लिए गए थे. उनको भरोसा दिलाया गया कि परीक्षा केंद्र को मैनेज कर लिया गया है. परीक्षा के दौरान, उनको किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी. साथ ही छात्रों को आसानी से पास कराने का भरोसा भी दिया गया था. छात्रों का कहना है कि उन्होंने इसके लिए बड़ी रकम दी, लेकिन परिणाम सामने आने के बाद अधिकांश छात्र फेल हो गए. रिजल्ट सामने आने के बाद छात्रों ने सवाल उठाया कि जब परीक्षा केंद्र को मैनेज करने और पास कराने के नाम पर पैसे लिए गए थे, तो इतनी बड़ी संख्या में छात्र फेल कैसे हो गए? छात्रों ने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है.
मुख्य कार्यालय का किया घेराव
रिजल्ट में कथित गड़बड़ी से नाराज छात्र-छात्राओं ने गोला रोड स्थित संस्थान के मुख्य कार्यालय का घेराव कर दिया. प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच कराने और परीक्षा परिणाम का पुनर्मूल्यांकन करने की मांग की. छात्रों का कहना है कि उन्होंने कई वर्षों तक पढ़ाई और मेहनत की है. ऐसे में बड़ी संख्या में छात्रों के फेल होने से उनका शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो सकता है. उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की.
मौके पर पहुंचे SDM
हंगामे की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया. इसके बाद दानापुर के अनुमंडल पदाधिकारी अनिरुद्ध पांडेय भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं से बातचीत की और उनकी शिकायतें सुनीं. समझाने-बुझाने के बाद छात्रों को शांत कराया गया. छात्रों ने मांग रखी कि केवल रिजल्ट की दोबारा जांच ही नहीं, बल्कि परीक्षा केंद्र को मैनेज करने और पास कराने के नाम पर पैसे लिए जाने के आरोपों की भी जांच होनी चाहिए. छात्रों ने कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं
हालांकि, छात्रों द्वारा लगाए गए सेंटर मैनेज करने और पास कराने के नाम पर पैसे लेने के आरोपों की फिलहाल स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. संस्थान और संबंधित विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. फिलहाल छात्रों के प्रदर्शन ने परीक्षा परिणाम और परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब निगाहें संस्थान और विश्वविद्यालय प्रशासन की अगली कार्रवाई पर हैं. छात्रों को उम्मीद है कि उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच होगी और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी.