Time Published: Sunday, July 12, 2026, 23:37 [IST]

Ballia Custodial Death Case: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में पुलिस हिरासत में कथित मारपीट के बाद 42 वर्षीय व्यक्ति की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। रविवार (12 जुलाई) को पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI), एक कॉन्स्टेबल और ग्राम प्रधान समेत छह लोगों के खिलाफ हत्या और अन्य अपराधों के लिए एफआईआर दर्ज किया गया। FIR दर्ज होने के बाद सब-इंस्पेक्टर और कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है।

दरअसल, मामला बलिया जिले के रेवती थाना क्षेत्र के गायघाट गांव का है। यहां के निवासी कामजी गोंड (42) की पुलिस हिरासत में कथित मारपीट के बाद मौत हो गई। मृतक के बेटे विशाल गोंड की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया। शिकायत में विशाल गोंड ने आरोप लगाए कि पिता को पुलिस थाने ले गई और बेरहमी से पीटा। इतना ही नहीं, ग्राम प्रधान व अन्य लोगों ने पिता को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। आइए जानते हैं कि FIR में कौन-कौन नामजद?

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किसके खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर?

बैरिया के सर्कल ऑफिसर आलोक गुप्ता ने बताया कि पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या और अन्य संबंधित धाराओं के तहत छह लोगों को नामजद किया है। इसमें, सब-इंस्पेक्टर (SI) सचिन सरोज, कॉन्स्टेबल अंकित सिंह, ग्राम प्रधान आशुतोष शंकर सिंह, सूरज कन्नौजिया, मनीष यादव और कन्नौजिया का एक रिश्तेदार शामिल है। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद, पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) सुनील सिंह ने मीडिया को बताया कि मामले में प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने के बाद दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों - सब-इंस्पेक्टर सचिन सरोज और कॉन्स्टेबल अंकित सिंह - को सस्पेंड कर दिया गया है। मामले की जांच की जिम्मेदारी पुलिस लाइंस के DSP को सौंपी गई है।

क्यों पुलिस कामजी गोंड को थाने ले गई?

मृतक के बेटे विशाल गोंड के मुताबिक, 7 जुलाई की शाम को मांस खरीदने के लिए खेदन क्रॉसिंग पर कन्नौजिया की दुकान पर गया था, तभी उनके बीच बहस हो गई। विशाल का आरोप है कि कन्नौजिया ने उसे अपशब्द कहे और उसके रिश्तेदारों ने लाठियों से उसका पीछा किया, जिससे उसे भागना पड़ा। FIR में यह भी आरोप लगाया गया है कि ग्राम प्रधान आशुतोष शंकर सिंह ने अपने ड्राइवर मनीष यादव के साथ बाद में पुलिस स्टेशन जाकर विशाल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

8 जुलाई की दोपहर सब-इंस्पेक्टर सरोज और कॉन्स्टेबल सिंह, विशाल के घर पहुंचे और उसके पिता कामजी गोंड (42) को, जो घर पर सो रहे थे, पुलिस स्टेशन ले गए। आरोप है कि विशाल को पुलिस के सामने पेश होने के लिए मजबूर करने के मकसद से ग्राम प्रधान के दबाव में पुलिस स्टेशन में उसके पिता की पिटाई की गई। उसी दिन शाम करीब 4 बजे, गांव के मुखिया और उनके ड्राइवर कामजी गोंड को पुलिस स्टेशन से ले गए और एक ईंट भट्ठे पर उसके साथ मारपीट की, जिसके बाद उसे पास के ही एक बाग में छोड़ दिया।

एफआईआर के अनुसार, स्थानीय बच्चों ने उसे बेहोश हालत में पड़ा देखा और उसके परिवार को सूचना दी, जिसके बाद परिवार वाले उसे रेवती के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर ले गए। उसे ज़िला अस्पताल रेफर किया गया और बाद में वाराणसी के ट्रॉमा सेंटर में शिफ्ट कर दिया गया, जहां 10 जुलाई को उसकी मौत हो गई।

(PTI इनपुट के साथ)