Time Updated: Sunday, September 13, 2026, 14:04 [IST]

अफगानिस्तान और भारत की टी20 सीरीज में मैदान पर नजरें राशिद खान, जसप्रीत बुमराह और वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों पर होंगी। इन सबके बीच इस सीरीज में एक भारतीय कंपनी की मौजूदगी भी ध्यान खींच रही है। टीम इंडिया की जर्सी पर अपोलो टायर्स का लोगो है, तो अफगानों के पास भी एक ऐसी कंपनी आई है, जिसे भारत के लोग जानते भी नहीं होंगे।

अफगानिस्तान की टीम की जर्सी पर Be10X का नाम दिखाई दे रहा है। यह कोई पारंपरिक क्रिकेट ब्रांड नहीं है। यह एकआई और डिजिटल स्किल्स के क्षेत्र में काम करने वाला भारतीय स्टार्टअप है।

afg vs ind

Be10X ने खुद घोषणा की है कि वह अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड का आधिकारिक एआई पार्टनर बन गया है। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के मौजूदा सोशल मीडिया पोस्ट में भी टीम की जर्सी पर Be10X की ब्रांडिंग दिखाई दे रही है। असली सवाल यह है कि एक भारतीय एआई कंपनी ने अफगानिस्तान क्रिकेट के साथ जुड़ने का फैसला क्यों किया? सबसे खास बात इसकी टाइमिंग को लेकर है।

सिर्फ जर्सी पर लोगो लगाना पूरी कहानी नहीं है

सिर्फ किसी टीम की जर्सी पर लोगो दिखना स्पॉन्सरशिप की एक साधारण कहानी हो सकती है लेकिन Be10X के मामले में यह पार्टनरशिप उसके मौजूदा बिजनेस से भी जुड़ती है।

कंपनी एआई टूल्स और एआई स्किल्स सिखाने पर काम करती है। उसके दो सह-संस्थापक आदित्य गोयनका और आदित्य कचावे हैं। दोनों आईआईटी खड़गपुर के हैं। Be10X की वेबसाइट भी दोनों को फाउडिंग टीम के तौर पर मेंशन करती है।

आदित्य कचावे की सार्वजनिक प्रोफाइल में Be10X को एक ऐसी कंपनी के तौर पर बताया गया है, जिसका फोकस लोगों को एआई के साथ काम करने की स्किल्स देने पर है। उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल पर कंपनी की लर्नर कम्युनिटी को 2 मिलियन बताया गया है। यानी क्रिकेट स्पॉन्सरशिप का इस्तेमाल उस ब्रांड के लिए किया जा रहा है जिसका बिजनेस ही एआई और लर्निंग से जुड़ा है।

भारत-अफगानिस्तान सीरीज में ही क्यों हुई डील?

इस पार्टनरशिप की टाइमिंग भी दिलचस्प है। यह सोचने पर मजबूर करती है लेकिन एक स्मार्ट मूव भी इसी के अंदर है। अफगानिस्तान और भारत के बीच तीन टी20 मैच दिल्ली में खेले जा रहे हैं। ऐसे में अफगान टीम की जर्सी भारतीय दर्शकों के सामने लगातार दिखाई देगी। करोड़ों दर्शक टीवी पर यह लोगो बार-बार देखेंगे। भारत की जर्सी वाले लोगो के अलावा यह छोटी कंपनी भी टीवी पर बराबर स्पेस हासिल करेगी।

यही वह जगह है जहां स्पॉन्सरशिप का बिजनेस लॉजिक समझ आता है। Be10X को सिर्फ अफगानिस्तान के घरेलू दर्शकों तक सीमित रहने की जरूरत नहीं है। भारत के खिलाफ होने वाले मैचों में वही टीम भारतीय क्रिकेट दर्शकों के सामने भी आती है।

इसका मतलब यह नहीं है कि स्पॉन्सरशिप से कितनी निश्चित रीच मिली, इसका कोई आंकड़ा अभी उपलब्ध नहीं है। एक बात जरूर है कि भारत-अफगानिस्तान जैसे मुकाबले में ब्रांड विजिबिलिटी का एक अतिरिक्त बाजार जरूर बनता है। Be10x के मालिकों ने इस बात को अच्छी तरह समझ लिया और अपने ब्रांड की डील अफगानिस्तानी टीम के साथ कर ली।

क्रिकेट में कम पैसे खर्च कर असली मार्केटिंग ट्रिक

Be10X के कारोबार के आकार को देखें तो यह स्पॉन्सरशिप और भी दिलचस्प लगती है। कंपनी के मुताबिक 2025-26 में उसका रेवेन्यू करीब 167 करोड़ रहा। वहीं भारत के घरेलू क्रिकेट के लिए ChatGPT की नई पार्टनरशिप करीब 1.2 करोड़ प्रति मैच की है। यानी तीन मैचों के लिए यही बेंचमार्क करीब 3.6 करोड़ बैठता है। हालांकि Be10X ने अफगान क्रिकेट के साथ अपनी डील की रकम सार्वजनिक नहीं की है, यह रकम उससे काफी कम होगी या सिर्फ कुछ ही लाख में डील हो गई होगी।

बिजनेस एंगल से देखें तो Be10X को भारत की सबसे महंगी क्रिकेट प्रॉपर्टी जैसा खर्च किए बिना तीन मैचों में अच्छी विजिबिलिटी मिलने का मौका मिल गया। एआई स्टार्टअप के लिए यह ब्रांडिंग काफी अहम हो सकती है, क्योंकि जर्सी पर लगातार दिखने वाला नाम करोड़ों क्रिकेट दर्शकों तक पहुंचता है। रकम भले टाम इंडिया के प्रायोजक के लेवल की न हो लेकिन इन तीन मैचों में मिलने वाली विजिबिलिटी ब्रांड प्रमोशन के लिए काफी ज्यादा बड़ी है।