Aug 22, 2026 12:37 am ISTलाइव हिन्दुस्तान

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बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चैयरमैन मनन कुमार मिश्रा की परेशानियां बढ़ सकती है। सुप्रीम कोर्ट में उन्हें पद से हटाने के लिए याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि मनन मिश्रा पिछले एक दशक से ज्यादा समय से इस पद पर हैं।

भाजपा राज्यसभा सांसद मनन कुमार मिश्रा पर ।

मनन कुमार मिश्रा की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चैयरमैन मनन कुमार मिश्रा की परेशानी बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। हैदराबाद की लॉ यूनिवर्सिटी के छात्रों के खिलाफ आदेश निकालकर चर्चा में आए मिश्रा के खिलाफ अब सु्प्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। इस याचिका में मनन कुमार मिश्रा को BCI चैयरमैन के पद से हटाने और सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में नए चुनाव कराने की मांग की गई है।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट की वकील योगमाया एमजी ने मनन कुमार मिश्रा द्वारा पिछले एक दशक से इस पद को संभालने पर सवाल उठाया। याचिका में उन्होंने तर्क दिया कि BCI नियम 12(2) के तहत चेयरमैन का कार्यकाल दो साल तय है। ऐसे में वह इतने लंबे समय तक चैयरमैन के पद पर कैसे बैठे हुए हैं?

इसके अलावा याचिका कर्ता ने अप्रैल 2025 के गजट नोटिफिकेशन पर भी सवाल उठाया, जिसमें मिश्रा के कार्यकाल को 2030 तक बढ़ाया गया है।

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो BCI का चुनाव- याचिकाकर्ता

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चुनाव को नए सिरे से करवाने की मांग की। याचिका में कहा गया कि मनन कुमार मिश्रा को हटाने के बाद चुनाव कराए जाएं। इसके बाद कुल कार्यकाल की भी एक सीमा तय की जाए। इसके अलावा पद पर रोटेशन सिस्टम भी लागू किया जाए। इसके अलावा याचिकाकर्ता ने BCI ट्रस्ट "PEARL-FIRST" और ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन के फाइनेंस (वित्तीय मामलों) की स्वतंत्र जांच की भी मांग की है। याचिका में यह भी मांग की गई है कि अगर कोर्ट मिश्रा को हटाने का आदेश देता है, तो BCI के कामकाज को चलाने के लिए एक स्वतंत्र प्रशासनिक समिति बनाने का अंतरिम निर्देश दिया जाए।

गौरतलब है कि भाजपा से राज्यसभा सांसद और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा उस वक्त चर्चा में आ गए थे, जब उन्होंने सीजेआई का विरोध करने पर हैदराबाद का नालसार यूनिवर्सिटी के छात्रों के खिलाफ ऐक्शन लिया था। हालांकि, बाद में विरोध होने और सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद उन्होंने वह आदेश वापस ले लिया। लेकिन कॉकरोच जनता पार्टी ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इसके बाद मनन मिश्रा ने माफी भी मांगी थी।