भोपाल में BCLL की सिटी बसों की संख्या चार साल में करीब 356 से घटकर लगभग 60 रह गई है। विपक्ष का दावा है कि इससे करीब 1.5 लाख दैनिक यात्रियों को परेशानी हो रही है। 150 से ज्यादा बसें गैराज में खड़ी होने और ऑपरेटर विवाद, भुगतान व अनुबंध संबंधी समस्याओं के आरोप लगाए गए हैं।

Bhopal City Bus

चार साल में 356 से करीब 60 रह गईं सिटी बसें

  • Published: 09 Aug 2026, 10:33 AM IST
  • Last Updated: 09 Aug 2026, 10:33 AM IST

भोपाल: राजधानी भोपाल में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था लगातार चुनौती बनती जा रही है। भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (BCLL) के तहत संचालित सिटी बसों की संख्या पिछले चार साल में करीब 356 से घटकर लगभग 60 रह गई है। बसों की कमी से हजारों यात्रियों को रोजाना आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विपक्ष का दावा है कि इस स्थिति से करीब 1.5 लाख दैनिक यात्रियों पर असर पड़ा है।

मेयर मालती राय ने 6 अगस्त 2022 को पदभार संभाला था। उनके कार्यकाल के चार साल पूरे हो चुके हैं और अब करीब एक साल का समय बाकी है। इसी बीच विपक्ष ने सार्वजनिक परिवहन के साथ शहर की कई बुनियादी सुविधाओं को लेकर नगर निगम प्रशासन पर सवाल उठाए हैं।

गैराज में खड़ी हैं 150 से ज्यादा बसें
विपक्ष का आरोप है कि BCLL की बस सेवा ऑपरेटरों के साथ विवाद, भुगतान, अनुबंध और प्रशासनिक समस्याओं के कारण लगातार कमजोर हुई है। दावा किया गया है कि 150 से ज्यादा बसें गैराज में खड़ी हैं, जबकि कई अन्य बसें नियमित संचालन के लिए फिट नहीं रह गई हैं।

विपक्ष ने आरोप लगाया कि ऑपरेटरों के भुगतान, अनुबंध की शर्तों और कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी शिकायतों के बावजूद नगर निगम स्तर पर प्रभावी हस्तक्षेप नहीं हुआ। हालांकि, ये विपक्ष के आरोप हैं और इन पर प्रशासन का पक्ष अलग हो सकता है।

15 हजार करोड़ के खर्च पर सवाल

विपक्ष ने पिछले चार वर्षों में नगर निगम के बजट के जरिए हुए 15 हजार करोड़ रुपए से अधिक के खर्च को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उसका कहना है कि इतने बड़े बजट के बावजूद शहर के लोगों को सड़क, पानी, सफाई और यातायात जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।

विपक्ष के मुताबिक कई इलाकों में सड़कें खराब हैं, पानी की सप्लाई कम दबाव या दूषित पानी की शिकायतें हैं और यातायात के साथ अतिक्रमण की समस्या भी बनी हुई है।

हॉकर्स कॉर्नर और आदमपुर लैंडफिल भी मुद्दा

विपक्ष के अनुसार नगर निगम ने सभी 85 वार्डों में हॉकर्स कॉर्नर बनाने की योजना बनाई थी, लेकिन करीब 22-23 ही तैयार हो सके। इनमें से कुछ स्थानों पर बाद में अतिक्रमण की शिकायतें सामने आईं।

कचरा संग्रहण और सफाई पर खर्च के बावजूद कई इलाकों में कचरा जमा होने, सार्वजनिक शौचालयों के रखरखाव और सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए गए हैं। आदमपुर लैंडफिल की स्थिति भी विपक्ष के निशाने पर है।

सड़कों और ट्रैफिक को लेकर भी आरोप

नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने MP नगर, न्यू मार्केट, करोंद, अरेरा हिल्स, चौक बाजार और पुराने शहर के कई हिस्सों में सड़कों की स्थिति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अवैध कॉलोनियों से टैक्स वसूली के बावजूद पर्याप्त नागरिक सुविधाएं नहीं मिलने का आरोप भी लगाया।

मेयर ने गिनाईं उपलब्धियां
वहीं मेयर मालती राय ने निगम के कामकाज का बचाव किया है। उनका कहना है कि चुनौतियों के बावजूद उनकी सरकार ने भोपाल के विकास के लिए ईमानदारी से काम किया है।

मेयर ने उपलब्धियों में नीमच में 10 मेगावाट का सोलर पावर प्रोजेक्ट, स्वच्छता रैंकिंग में सुधार, CNG कचरा वाहनों की तैनाती और तुलसी नगर में आठ मंजिला नए नगर निगम मुख्यालय का निर्माण शामिल बताया है।