भोपाल के कलियासोत डैम के पास बाघिन-123 अपने परिवार के साथ देखी गई है। बारिश के मौसम में क्षेत्र में बाघ की गतिविधियां बढ़ने के बाद वन विभाग ने एडवाइजरी जारी कर लोगों से सुबह-शाम जंगल और डैम क्षेत्र में जाने से बचने, वाहन सावधानी से चलाने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
भोपाल के कलियासोत डैम के पास दिखा बाघ
- Published: 05 Aug 2026, 10:47 AM IST
- Last Updated: 05 Aug 2026, 10:47 AM IST
भोपाल: कलियासोत डैम और आसपास के जंगल क्षेत्र में एक बार फिर बाघ की मौजूदगी दर्ज की गई है। जानकारी के अनुसार, बाघिन-123 अपने पूरे परिवार के साथ बारिश के मौसम में इस इलाके में भ्रमण कर रही है। लगातार बढ़ रही टाइगर की मूवमेंट को देखते हुए वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
बाघ की गतिविधियां बढ़ी हैं
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, बारिश के मौसम में जंगलों में पानी और भोजन की उपलब्धता बदलने के कारण वन्यजीव अक्सर नए क्षेत्रों की ओर निकल आते हैं। इसी वजह से कलियासोत डैम और उसके आसपास के जंगलों में बाघ की गतिविधियां बढ़ी हैं। हाल के दिनों में कई बार टाइगर की मौजूदगी के संकेत मिलने के बाद विभाग ने निगरानी भी बढ़ा दी है।

मॉर्निंग वॉक पर जाने वालों में दहशत
बाघ की मौजूदगी की खबर से आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों और मॉर्निंग वॉक पर जाने वालों में दहशत का माहौल है। वन विभाग ने खास तौर पर सुबह और शाम के समय डैम और जंगल से लगे क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि इन समयों में वन्यजीवों की गतिविधियां अधिक रहती हैं।
सावधानी बरतने की अपील
वाहन चालकों से भी सावधानी बरतने की अपील की गई है। जंगल से गुजरने वाले मार्गों पर वाहन धीमी गति से चलाने और अनावश्यक रूप से कहीं रुकने से बचने की सलाह दी गई है। यदि किसी को बाघ दिखाई देता है तो उसके पास जाने या वीडियो बनाने की कोशिश न करें, बल्कि तुरंत वन विभाग को सूचना दें। वन विभाग की टीम पूरे क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। साथ ही सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट या भ्रामक सूचनाओं पर भरोसा न करने की भी अपील की गई है।
वन विभाग ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि सुरक्षा संबंधी सभी निर्देशों का पालन करें और किसी भी असामान्य गतिविधि की जानकारी तुरंत विभाग को दें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।