मध्यप्रदेश में कथित फर्जी पासपोर्ट नेटवर्क की एसटीएफ जांच में करीब 70 संदिग्ध पासपोर्ट सामने आए हैं। डबरा में एक ही पते और मोबाइल नंबर से 17 पासपोर्ट, जबकि भोपाल के एक मठ के पते से करीब 40 पासपोर्ट जारी होने की जानकारी सामने आई है।

Passport Scam

एक सिम से 17 पासपोर्ट, 4 देशों की ट्रैवल हिस्ट्री

  • Published: 15 Sep 2026, 11:32 AM IST
  • Last Updated: 15 Sep 2026, 11:32 AM IST

भोपाल: फर्जी पासपोर्ट नेटवर्क की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इसके तार विदेश यात्राओं तक जुड़ते जा रहे हैं। एसटीएफ की जांच में अब तक करीब 70 संदिग्ध पासपोर्ट सामने आए हैं। इनमें कुछ पासपोर्ट धारकों की यात्रा थाईलैंड, मलेशिया, कंबोडिया और इंडोनेशिया तक मिली है। वहीं, 100 से ज्यादा पासपोर्ट की जांच जारी बताई जा रही है।

एक ही पते से 17 पासपोर्ट, मोबाइल नंबर भी एक
जांच में डबरा का मामला सबसे चौंकाने वाला सामने आया है। यहां एक ही पते से 17 संदिग्ध पासपोर्ट बनाए गए। खास बात यह है कि इन सभी पासपोर्ट के आवेदन और वेरिफिकेशन में एक ही मोबाइल नंबर इस्तेमाल हुआ।

एसटीएफ अब इन आवेदनों में दर्ज पते, दस्तावेज, मोबाइल नंबर और पुलिस वेरिफिकेशन रिकॉर्ड का मिलान कर रही है। जांच इस बात पर भी है कि इतने अलग-अलग आवेदनों में एक ही नंबर कैसे इस्तेमाल हुआ और क्या इनके पीछे किसी एक व्यक्ति या एजेंट की भूमिका थी।

आधार-पैन से शुरू हुई फर्जी पहचान की पड़ताल
एसटीएफ के मुताबिक, संदिग्ध मामलों में पहले भारतीय पहचान से जुड़े दस्तावेज तैयार किए गए। इनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र शामिल हैं। इसके बाद इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर पुलिस वेरिफिकेशन कराया गया और पासपोर्ट बनवाए गए।

अब जांच केवल फर्जी पासपोर्ट तक सीमित नहीं है। एजेंसी यह पता लगा रही है कि फर्जी पहचान बनाने की शुरुआत कहां से हुई और सरकारी दस्तावेज जारी होने से लेकर पुलिस वेरिफिकेशन तक किस-किस की भूमिका रही।

चार देशों तक पहुंची ट्रैवल हिस्ट्री
जांच में विप्लव अधिकारी से जुड़े पासपोर्ट की ट्रैवल हिस्ट्री भी सामने आई है। इसमें कंबोडिया, इंडोनेशिया, थाईलैंड और मलेशिया की यात्राओं की जानकारी मिली है। एसटीएफ अब संदिग्ध पासपोर्ट धारकों के इमिग्रेशन रिकॉर्ड से दस्तावेजों का मिलान कर रही है। मुख्य आरोपी रियाल चौधरी के बारे में भी जांच में सामने आया है कि उसने पासपोर्ट गुम होने का आधार बताकर अलग-अलग समय में चार बार पासपोर्ट बनवाए। इन सभी पासपोर्ट के दस्तावेज और वेरिफिकेशन रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।

भोपाल के मठ के पते पर करीब 40 पासपोर्ट
डबरा के बाद भोपाल के अन्ना नगर स्थित एक बौद्ध मठ का पता भी जांच के दायरे में आया है। यहां से करीब 40 संदिग्ध पासपोर्ट जारी होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा बैतूल से 11 और छिंदवाड़ा-पांढुर्णा से एक-एक संदिग्ध पासपोर्ट की जांच की जा रही है।

नागपुर से गिरफ्तार जॉय चौधरी बरूआ के पासपोर्ट में गुजरात के कच्छ जिले के मथल गांव का पता दर्ज मिला है। एसटीएफ अब इस पते और वहां से जुड़े दस्तावेजों की वास्तविकता जांच रही है।

15 सरकारी कर्मचारियों की भूमिका की जांच
फर्जी पहचान के बाद पुलिस वेरिफिकेशन और पासपोर्ट जारी होने की प्रक्रिया ने जांच का रुख सरकारी सिस्टम की ओर भी कर दिया है। करीब 15 पुलिस और अन्य सरकारी कर्मचारियों की भूमिका जांच के दायरे में बताई जा रही है।

एसटीएफ यह पता लगा रही है कि पासपोर्ट में दर्ज पतों का वास्तविक भौतिक सत्यापन हुआ था या नहीं। साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि एक ही नंबर से 17 पासपोर्ट और एक ही पते से बड़ी संख्या में पासपोर्ट बनने का पैटर्न संबंधित रिकॉर्ड में क्यों नहीं पकड़ा गया।