Bhopal Rider Pooja Singh: भोपाल की राइडर पूजा सिंह ने हौसले और जुनून के साथ 6000 किलोमीटर से ज्यादा की लेह-लद्दाख बाइक यात्रा पूरी की है।
Bhopal Rider Pooja Singh
- Published: 16 Sep 2026, 09:07 AM IST
- Last Updated: 16 Sep 2026, 09:07 AM IST
भोपाल। हौसले, जुनून और एडवेंचर के साथ भोपाल की राइडर पूजा सिंह ने रॉयल एनफील्ड Meteor 350 पर 6000 किलोमीटर से ज्यादा की लेह-लद्दाख बाइक यात्रा पूरी की। 30 अगस्त से शुरू हुआ यह सफर 14 सितंबर को भोपाल लौटने के साथ पूरा हुआ।
इस यात्रा के दौरान पूजा ने लद्दाख के ऊंचाई वाले और चुनौतीपूर्ण इलाकों में बाइक चलाई। खारदुंग ला, चांगला, पेंगोंग और करीब 19,024 फीट की ऊंचाई पर स्थित उमलिंग ला जैसे प्रमुख स्थान उनके रूट का हिस्सा रहे। यात्रा के अलग-अलग हिस्सों में स्थानीय और अन्य राइडर्स भी उनके साथ जुड़े, लेकिन कई मुश्किल सेक्शन उन्होंने खुद बाइक चलाकर पूरे किए।
गाटा लुप्स की चढ़ाई और रात का मुश्किल सफर
लद्दाख में प्रवेश करने के बाद सरचू से आगे गाटा लुप्स का हिस्सा पूजा के लिए खासा चुनौतीपूर्ण रहा। करीब 21-22 घुमावदार मोड़ों और खड़ी चढ़ाई वाले इस रास्ते पर उन्हें रात के समय बाइक संभालनी पड़ी।
एक तरफ संकरी सड़क पर भारी ट्रकों की आवाजाही और दूसरी ओर तेज हवाओं के बीच बाइक चलाना उनके लिए अलग अनुभव रहा। ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम के साथ ऑक्सीजन की कमी का भी ध्यान रखना पड़ा।
पूजा के मुताबिक, तेज हवा के दौरान हेलमेट हटाने पर सांस लेने में परेशानी महसूस होती थी। ऐसे हालात में उन्होंने रफ्तार के बजाय सावधानी और धैर्य को प्राथमिकता दी और सफर जारी रखा।
60 किमी का निर्जन रास्ता अकेले पार किया
यात्रा का एक और चुनौतीपूर्ण हिस्सा पांग से लेह की ओर आने वाला करीब 60 किलोमीटर का निर्जन रास्ता रहा। तांगलांग ला से रूमत्से की ओर जाने वाले इस सेक्शन में काफी दूरी तक न आबादी नजर आती थी और न ही मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध था।
इस रास्ते का बड़ा हिस्सा पूजा ने अकेले बाइक चलाते हुए पार किया। हालांकि, वह बताती हैं कि पूरी यात्रा अलग-अलग चरणों में मिले साथी राइडर्स के सहयोग और साथ से पूरी हुई।
पूजा सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि कई जगह दूसरे राइडर्स उनके साथ जुड़े, जिससे सफर आसान और बेहतर हुआ। लेकिन कुछ लंबे और चुनौतीपूर्ण हिस्से ऐसे भी रहे, जिन्हें उन्हें अकेले पार करना पड़ा। उनके मुताबिक, निर्जन रास्तों पर बाइक चलाते समय आत्मविश्वास के साथ सतर्क रहना भी उतना ही जरूरी है।
बाइक की बेसिक जानकारी और सुरक्षा जरूरी
पूजा का कहना है कि लंबी बाइक यात्रा पर निकलने से पहले राइडर को अपनी बाइक की बेसिक तकनीकी जानकारी जरूर होनी चाहिए। किसी खराबी या आपात स्थिति में शुरुआती स्तर पर समस्या को समझना और सही निर्णय लेना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि कठिन और लंबे रूट पर बाइक के साथ अच्छा कनेक्शन होना चाहिए। इसके साथ सुरक्षा की तैयारी और किसी आपात स्थिति में निर्णय लेने का आत्मविश्वास भी जरूरी है।
पहाड़ों ने दिखाया रोमांच और प्रकृति का दूसरा रूप
पूजा की यात्रा सिर्फ मुश्किल रास्तों को पार करने तक सीमित नहीं रही। खारदुंग ला और चांगला की ऊंची पहाड़ियों से लेकर पेंगोंग झील तक, सफर में लद्दाख की प्राकृतिक खूबसूरती को करीब से देखने का मौका भी मिला। बदलते मौसम, ठंडी हवाओं, ऊंचाई और कठिन रास्तों के बीच यात्रा जारी रखते हुए पूजा ने लद्दाख के अलग-अलग रंगों को अनुभव किया।
वह कहती हैं कि लद्दाख की खूबसूरती ऐसी है कि रास्ते में बार-बार रुककर उसे देखने का मन करता है। लेकिन पहाड़ यह भी सिखाते हैं कि प्रकृति के सामने सावधानी और विनम्रता जरूरी है। उनके अनुसार, ऐसे सफर में प्लानिंग, धैर्य और सही लोगों का साथ काफी मायने रखता है।
महिलाओं के लिए पूजा का संदेश
पूजा सिंह का कहना है कि महिलाओं को अपनी क्षमताओं पर भरोसा करना चाहिए। सही तैयारी, बाइक और रूट की जानकारी के साथ सुरक्षा को प्राथमिकता देकर महिलाएं भी लंबी और चुनौतीपूर्ण बाइक यात्राएं कर सकती हैं। उनके लिए यह सफर खुद को चुनौती देने, नए अनुभव हासिल करने और अलग-अलग राइडर्स के साथ यादगार यात्रा साझा करने का अनुभव रहा।
30 अगस्त को शुरू हुई यह यात्रा 14 सितंबर को भोपाल वापसी के साथ पूरी हुई। पूजा के मुताबिक, इस सफर का उद्देश्य केवल एडवेंचर तक सीमित नहीं था, बल्कि दूसरी महिलाओं को भी बाइकिंग और एडवेंचर राइडिंग के लिए प्रेरित करना था।