सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल के रहवासी इलाकों में स्पष्ट रूप से गैर-अनुमत व्यावसायिक गतिविधियों पर सीलिंग और जरूरत पड़ने पर डिमोलिशन की कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही 21 साल से लंबित नए मास्टर प्लान के ड्राफ्ट को जारी करने की अनुमति दी गई है।

Bhopal, Sealing

भोपाल में रहवासी इलाकों की दुकानों पर फिर चलेगा सीलिंग का अभियान

  • Published: 23 Sep 2026, 10:59 AM IST
  • Last Updated: 23 Sep 2026, 10:59 AM IST

भोपाल: रहवासी इलाकों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों और सीलिंग की कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को करीब तीन घंटे सुनवाई की। कोर्ट ने साफ कहा कि जिन जगहों का लैंड यूज स्पष्ट रूप से रहवासी है, वहां कारोबार की अनुमति नहीं होगी और सीलिंग या डिमोलिशन की कार्रवाई जारी रहेगी। हालांकि, जहां मिक्स्ड लैंड यूज है या जमीन का उपयोग स्पष्ट नहीं है, वहां कार्रवाई में हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।

सुनवाई के दौरान सील की गई दुकानों के दोबारा खुलने की शिकायतों पर कोर्ट ने नाराजगी जताई। एमिकस क्यूरी एके सिन्हा के जरिए करीब 10 शिकायतें कोर्ट तक पहुंचीं। इनमें आरोप लगाया गया कि अगस्त में सील किए गए कई प्रतिष्ठान सुबह बंद रहते हैं, लेकिन शाम को फिर खुल जाते हैं। कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उसके आदेशों का हर हाल में पालन सुनिश्चित किया जाए।

नई कमेटी नहीं बनेगी
मध्यप्रदेश सरकार की ओर से केएन नटराजन ने कोर्ट को बताया कि सीलिंग के मामले में अब कोई नई कमेटी नहीं बनाई जाएगी और कार्रवाई में रुकावट नहीं डाली जाएगी। इससे पहले सरकार ने जांच के लिए 10 सदस्यीय कमेटी बनाई थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी। कमेटी बनाने को लेकर अवमानना का मुद्दा भी उठा था।

21 साल से अटका मास्टर प्लान जारी होगा
सुनवाई में भोपाल के नए मास्टर प्लान के ड्राफ्ट को जारी करने की अनुमति भी मिल गई। सरकार के मुताबिक 1995 के बाद नया मास्टर प्लान नहीं आया। 2005 का मास्टर प्लान भी अपनी अवधि पूरी कर चुका है। अब तैयार ड्राफ्ट को सार्वजनिक किया जा सकेगा। फाइनल प्रकाशन से पहले सरकार कोर्ट को इसकी जानकारी देगी। नए मास्टर प्लान के लागू होने तक सीलिंग की कार्रवाई जारी रहेगी।

8,084 प्रतिष्ठानों को नोटिस
5 अगस्त के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम ने 62,500 दर्ज दुकानों में से 8,084 प्रतिष्ठानों को नोटिस दिए थे। करीब 190 दुकानों को तीन दिन के लिए बंद या सील किया गया था। व्यापारियों के विरोध के बाद करीब 22 दिन से कार्रवाई रुकी हुई थी। मामले की अगली सुनवाई अब 23 नवंबर को होगी।