सारण जिले में उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में बुधवार का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। जिले के नौ नवस्थापित राजकीय डिग्री कॉलेजों का औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा। उद्घाटन समारोह को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली हैं। इन कॉलेजों की शुरुआत से जिले के हजारों विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा का बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।



इन प्रखंडों में शुरू होंगे नए कॉलेज


जिले के इसुआपुर, दरियापुर, एकमा, मशरक, मढ़ौरा, मकेर, तरैया, लहलादपुर और पानापुर प्रखंडों में एक साथ नौ नए राजकीय डिग्री कॉलेजों की शुरुआत की जा रही है। इसे उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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उपमुख्यमंत्री करेंगे दरियापुर कॉलेज का उद्घाटन


दरियापुर स्थित राजकीय डिग्री कॉलेज का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव करेंगे। वहीं मकेर में आयोजित कार्यक्रम में सारण के प्रभारी सचिव एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव पंकज कुमार शामिल होंगे।

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उद्घाटन से पहले ही संसाधनों की कमी पर सवाल


कॉलेजों के उद्घाटन से पहले ही संसाधनों की कमी को लेकर कई सवाल सामने आने लगे हैं। अधिकांश कॉलेजों में न तो पर्याप्त प्राध्यापकों की नियुक्ति हुई है और न ही लिपिक एवं चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों की व्यवस्था की गई है। स्थिति यह है कि कई कॉलेजों में केवल एक शिक्षक के भरोसे पूरी शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था संचालित की जा रही है। वही शिक्षक प्रभारी प्राचार्य, अर्थपाल, कार्यालय प्रभारी, नामांकन प्रभारी सहित कई जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।



कॉलेज के कक्षों में ही होगा उद्घाटन समारोह


जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने उद्घाटन समारोह की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने कॉलेज परिसरों की साफ-सफाई, जल निकासी, शुद्ध पेयजल, शौचालय, नामपट्ट और साइनेज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।



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प्रशासन के अनुसार, सभी कॉलेज परिसरों को फूलों और गुब्बारों से सजाया गया है। उद्घाटन समारोह में राष्ट्रगीत, दीप प्रज्ज्वलन, राज्य गीत, जनप्रतिनिधियों के संबोधन और लाइव प्रसारण की व्यवस्था रहेगी।


विशेष बात यह है कि समारोह के लिए अलग से टेंट या पंडाल नहीं लगाया जाएगा। उद्घाटन कार्यक्रम कॉलेज के कक्षों में ही आयोजित होगा। प्रत्येक कॉलेज में दो से तीन टीवी, इंटरनेट और लैपटॉप के माध्यम से कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया जाएगा।



उद्घाटन के साथ ही शुरू होगा पठन-पाठन


जिला प्रशासन ने उद्घाटन के पहले ही दिन से नियमित पठन-पाठन शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। हालांकि आने वाले दिनों में इन कॉलेजों में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति, प्रशासनिक व्यवस्था और बुनियादी संसाधनों की उपलब्धता सबसे बड़ी चुनौती होगी।