बिहार में सहायक प्राध्यापक भर्ती नियमों की समीक्षा होगी। राज्यपाल ने 4 सदस्यीय कमेटी बनाई है, जो एज लिमिट, योग्यता, परीक्षा, इंटरव्यू और अनुभव के अंकों पर रिपोर्ट देगी।

Bihar Assistant Professor Recruitment

Bihar Assistant Professor Recruitment

  • Published: 13 Sep 2026, 02:11 PM IST
  • Last Updated: 13 Sep 2026, 02:11 PM IST

 बिहार के विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक की भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की तैयारी है। राज्यपाल एवं कुलाधिपति सय्यद अता हसनैन ने मौजूदा नियुक्ति नियमों की समीक्षा के लिए चार सदस्यीय हाई लेवल कमेटी गठित की है। समिति भर्ती नियमों की खामियों और विवादित पहलुओं की जांच कर उनमें सुधार के सुझाव देगी। कमेटी को अपनी रिपोर्ट 90 दिनों के भीतर सौंपनी होगी।

Bihar Assistant Professor Recruitment: भर्ती नियमों की होगी समीक्षा

बिहार के विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर राज्यपाल सचिवालय की ओर से बड़ा कदम उठाया गया है। मौजूदा भर्ती नियमों की समीक्षा और उनमें सुधार के सुझाव देने के लिए चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है।

इस समिति में प्रशासन, शिक्षा और अकादमिक क्षेत्र से जुड़े अनुभवी लोगों को शामिल किया गया है। कमेटी को अपनी रिपोर्ट तैयार कर 90 दिन के भीतर सौंपनी होगी। यह निर्णय 24 अगस्त को राज्यपाल और प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच हुए समझौते के बाद लिया गया है।

कमेटी में कौन-कौन शामिल?
हाई लेवल कमेटी में चार सदस्य हैं। इनमें पूर्व IAS अधिकारी अमरजीत सिन्हा, संजय कुमार, पद्मश्री प्रो. H.C. वर्मा, शिक्षाविद डॉ. P.K. रॉय शामिल हैं। राज्यपाल सचिवालय में अपर सचिव (विश्वविद्यालय) संजय कुमार को समिति का सदस्य सचिव बनाया गया है।

प्रशासन और शिक्षा के अनुभवी लोगों को मिली जगह
समिति में शामिल अमरजीत सिन्हा बिहार और केंद्र सरकार में शिक्षा सहित कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वह बिहार सरकार में अपर मुख्य सचिव के पद पर भी रह चुके हैं।

संजय कुमार भी बिहार और केंद्र सरकार में कई अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। वह हाल ही में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। वहीं पद्मश्री प्रो. H.C. वर्मा देश के प्रसिद्ध फिजिसिस्ट हैं और IIT कानपुर में प्रोफेसर रह चुके हैं। समिति में शामिल डॉ. P.K. रॉय शिक्षाविद के तौर पर जाने जाते हैं।

इन मुद्दों पर होगी जांच
समिति विश्वविद्यालय सेवा आयोग और हायर एजुकेशन विभाग की भर्ती नियमावली के अहम पहलुओं की समीक्षा करेगी। इसमें असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए निर्धारित मौजूदा एज लिमिट भी जांच के दायरे में होगी। इसके अलावा UGC के मानकों के अनुरूप PhD, NET और SLET जैसी शैक्षणिक योग्यताओं और पात्रता की शर्तों की भी समीक्षा की जाएगी।

लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के नियम भी जांचे जाएंगे
सहायक प्राध्यापक भर्ती में होने वाली लिखित परीक्षा और इंटरव्यू की व्यवस्था पर भी समिति विचार करेगी। दोनों चरणों में अंकों के बंटवारे और चयन प्रक्रिया में इनके वेटेज को लेकर भी सुझाव दिए जाएंगे। समिति यह भी देखेगी कि उम्मीदवारों के शैक्षणिक रिकॉर्ड, रिसर्च पब्लिकेशन और इंटरव्यू को चयन प्रक्रिया में कितना महत्व दिया जाना चाहिए।

गेस्ट लेक्चरर के अनुभव के अंकों पर भी मंथन
विश्वविद्यालयों में काम कर रहे गेस्ट लेक्चरर को अनुभव के आधार पर मिलने वाले अंकों को लेकर सामने आने वाले विवाद भी समिति की समीक्षा में शामिल होंगे।

कमेटी इन सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। माना जा रहा है कि इसके सुझावों से बिहार के विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक भर्ती प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित बनाने में मदद मिल सकती है।