राजस्थान में नगर निगम चुनाव की तैयारियां तेज होते ही बीकानेर में कांग्रेस के टिकट के लिए दावेदारों की होड़ लग गई है। पार्टी की ओर से टिकट आवेदन प्रक्रिया शुरू होते ही शनिवार को शहर कांग्रेस कार्यालय में कार्यकर्ताओं और संभावित उम्मीदवारों की भारी भीड़ जुटी। पार्षद का चुनाव लड़ने के इच्छुक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में आवेदन जमा कराने पहुंचे। कांग्रेस के सामने अब 80 वार्डों में मजबूत उम्मीदवार उतारने की चुनौती है, जबकि दावेदारों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
80 वार्डों के लिए अब तक करीब 600 आवेदन
कांग्रेस ने टिकट आवेदन प्रक्रिया की जिम्मेदारी बीकानेर पूर्व विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके यशपाल गहलोत को सौंपी है। गहलोत ने बताया कि बीकानेर पूर्व और पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों के तहत आने वाले कुल 80 वार्डों के लिए अब तक करीब 600 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहली बार टिकट के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया लागू की गई है। इसके चलते कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है और बड़ी संख्या में दावेदार आवेदन कर रहे हैं।
विज्ञापन
पारदर्शी तरीके से होगा प्रत्याशियों का चयन
यशपाल गहलोत के मुताबिक कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भरोसा है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से प्रत्याशियों का चयन पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाएगा। पार्टी ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता देगी, जिनके पास चुनाव जीतने की क्षमता हो और जो लंबे समय से संगठन तथा जनता के बीच सक्रिय रूप से काम कर रहे हों।
पार्टी का फोकस ऐसे चेहरों पर रहेगा, जिनकी क्षेत्र में पकड़ और जनाधार मजबूत हो और जो चुनाव के बाद भी संगठन के साथ सक्रिय रह सकें।
सीवरेज, पानी और टूटी सड़कें बनेंगे चुनावी मुद्दे
यशपाल गहलोत ने दावा किया कि आगामी नगर निगम चुनाव में कांग्रेस दो-तिहाई बहुमत के साथ अपना बोर्ड बनाने में सफल होगी। उन्होंने शहर की बदहाल सीवरेज व्यवस्था, पेयजल संकट और टूटी सड़कों को लेकर भाजपा पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि भाजपा के लंबे कार्यकाल के बावजूद बीकानेर की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं हो सका है। इन समस्याओं को लेकर आम लोगों में नाराजगी है और इसका असर आने वाले नगर निगम चुनाव में देखने को मिल सकता है।
युवा, महिला और मजदूर वर्ग में बदलाव की चाहत का दावा
कांग्रेस नेता ने कहा कि युवा, महिलाएं, किसान और मजदूर वर्ग भाजपा सरकार की नीतियों से निराश हैं और बदलाव चाहता है। कांग्रेस इन्हीं मुद्दों को लेकर चुनाव मैदान में उतरेगी।
उन्होंने कहा कि पार्टी मजबूत संगठन, जनाधार वाले उम्मीदवारों और स्थानीय मुद्दों के सहारे चुनाव लड़ेगी। कांग्रेस का लक्ष्य नगर निगम में अपना बोर्ड बनाना है। वहीं, 80 वार्डों के लिए आए करीब 600 आवेदनों ने टिकट वितरण से पहले ही पार्टी के भीतर मुकाबला रोचक बना दिया है।