Bijnor Honey Trap Case: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में हनीट्रैप के जरिए लोगों को फंसाकर उन्हें गंभीर मुकदमों में जेल भेजने का दबाव बनाने और समझौते के नाम पर पैसे ऐंठने वाली गैंग (Bijnor Honey Trap Case) के खिलाफ बिजनौर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कोतवाली शहर पुलिस ने गैंग के 2 और आरोपियों मोहम्मद आसिफ और दिलशाद को गिरफ्तार किया है।
झूठे केस में फंसाने की धमकी
पुलिस के मुताबिक, 6 सितंबर 2026 को मोहम्मद अहसान ने कोतवाली शहर में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे झूठे मुकदमे में फंसाने और मुकदमा वापस लेने के नाम पर रुपयों की मांग की जा रही है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 61(2) और 308(5) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने 7 सितंबर को जुल्फेकार उर्फ बब्बू लंगड़ा, अफजल, गुड्डी, कुन्ती और प्रीति को गिरफ्तार किया था। अब जांच में सामने आए दो अन्य आरोपियों मोहम्मद आसिफ निवासी औरंगपुर भिक्कू उर्फ नारायणपुर, थाना मंडावली और दिलशाद निवासी मोहल्ला सादात, झालू को गिरफ्तार (Bijnor Honey Trap Case Accused Arrest) किया है।
ऐसे काम करता था कथित गिरोह
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पुलिस की जांच में कथित गिरोह के काम करने का तरीका भी सामने आया है। आरोप है कि गिरोह के सदस्य लोगों के आपसी विवाद, पुरानी रंजिश और अन्य मामलों की जानकारी जुटाते थे। इसके बाद महिलाओं और अन्य सहयोगियों के जरिए संबंधित लोगों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने या न्यायालय में परिवाद दाखिल कराने का दबाव बनाया जाता था। बाद में मुकदमे से बचाने और समझौते के नाम पर धनराशि या अनुचित फायदा पहुंचाने की मांग की जाती थी।
पुलिस ने जांच में क्या पाया
यूपी पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान बलात्कार, गैंगरेप, पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट जैसी गंभीर धाराओं से जुड़े कई मुकदमों और परिवादों का भी जिक्र सामने आया है। आरोपी दिलशाद ने पूछताछ में जमीन के विवाद को लेकर अपने साथियों के साथ मिलकर एक व्यक्ति पर दबाव बनाने और धनराशि वसूलने के लिए मुकदमे दर्ज कराने की बात बताई है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में 2025 और 2020 के कुछ अन्य मामलों में भी कथित रूप से झूठे मुकदमे दर्ज कराने की जानकारी सामने आई है।
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PAC में तैनात है आरोपी आसिफ
गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद आसिफ के संबंध में पुलिस ने बताया कि वह वर्तमान में पीएसी की 24वीं वाहिनी मुरादाबाद में तैनात है। पूछताछ में उसने पारिवारिक विवाद और मुकदमों के दौरान मुख्य आरोपी बब्बू लंगड़ा समेत अन्य लोगों के संपर्क में आने की बात बताई। पुलिस के अनुसार, इसके बाद लोगों पर दबाव बनाने और मुकदमों के जरिए धनराशि हासिल करने की कथित साजिश (Bijnor Honey Trap Case) में उसकी भूमिका सामने आई।
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SP की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई
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एएसपी गौतम राय ने बताया कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। विवेचना में जिन लोगों के नाम सामने आएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एसपी केके विश्नोई की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत फर्जी मुकदमों और हनीट्रैप के जरिए कथित वसूली करने वाले नेटवर्क (Bijnor Honey Trap Case) पर लगातार कार्रवाई से ऐसे लोगों में खलबली मची हुई है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों के भी सामने आने की उम्मीद है।