Bilaspur School Teacher Bharti: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर (Bilaspur) में दूरदराज के एकल शिक्षकीय स्कूलों (Single Teacher Schools) में बच्चों की पढ़ाई सुचारु रखने के लिए प्रशासन ने स्थानीय स्तर पर योग्य युवाओं की सेवाएं (Bilaspur School Teacher Bharti) लेने का फैसला किया है। ये युवा विशेष रूप से गणित और विज्ञान जैसे विषयों की कक्षाएं संभालेंगे। उन्हें DMF फंड से पीरियड के आधार पर मानदेय दिया जाएगा।
स्कूलों में संकुल स्तर से 1 महीने में होगी भर्ती
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने टीएल बैठक (Bilaspur TL Meeting) में अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों में खाली पदों पर संकुल स्तर से भर्ती की प्रक्रिया एक महीने में पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए और जरूरी कदम तत्काल उठाए जाएं।
750 Schools में Smart TV से पढ़ाई
बैठक में जिले की स्मार्ट क्लास व्यवस्था (Smart Class System) की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि बिलासपुर के करीब 750 Schools में Smart TV के माध्यम से पढ़ाई कराई जा रही है।
कलेक्टर ने यह भी दिए निर्देश
कलेक्टर ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घटिया निर्माण और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले में स्वीकृत विकास कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
230 आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण को मंजूरी
जिले में 230 आंगनबाड़ी भवन, 125 पीडीएस दुकान और 325 स्कूल टॉयलेट के निर्माण को मंजूरी मिलने की जानकारी भी बैठक में दी गई।
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24 कार्यालय प्रमुखों को ई-ऑफिस में शून्य प्रगति पर नोटिस
ई-ऑफिस व्यवस्था की समीक्षा के दौरान करीब 24 कार्यालय प्रमुखों की प्रगति शून्य पाई गई। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। सभी विभागों में ई-ऑफिस प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया गया।
DCS सर्वे का 39% काम पूरा
बैठक में DCS सर्वे की प्रगति की भी समीक्षा हुई। अब तक जिले में करीब 39 प्रतिशत सर्वे कार्य पूरा होने की जानकारी सामने आई। कलेक्टर ने सर्वे की गुणवत्ता और गति की जांच के लिए जिला स्तरीय टीम को मैदानी निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
बाढ़ से निपटने ‘Jalmitra’ बनेंगे स्थानीय तैराक
आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए बड़े बांधों और नदी-नालों के आसपास बसे गांवों के कुशल स्थानीय तैराकों को ‘जलमित्र’ के रूप में तैयार किया जाएगा। इन्हें बाढ़ के दौरान बचाव कार्य का प्रशिक्षण देने के साथ आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे आपदा की स्थिति में स्थानीय स्तर पर तत्काल रेस्क्यू शुरू किया जा सकेगा।
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ये अफसर भी रहे मौजूद
बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत CEO संदीप अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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