यूपी चुनाव: वाराणसी में BJP का दो दिवसीय महामंथन, पूर्वांचल की 133 सीटों पर जीत की रणनीति होगी तैयार

विनोद तावड़े और बीएल संतोष

यूपी में 2024 लोकसभा चुनाव के परिणाम ने बीजेपी को अब तक चैन से नहीं रहने दिया है. जो पूर्वांचल बीजेपी का कभी गढ़ होता था, जहां से पीएम मोदी, सीएम योगी और राजनाथ सिंह जैसे दिग्गज नेता आते हों, वहां के दोनों प्रांतों में पार्टी को जो जोर का झटका लगा, उससे सबक लेते हुए आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के लिए बीजेपी अभी से जुट गई है. लोकसभा चुनाव में इस काशी क्षेत्र (जिसमें 14 लोकसभा सीटें शामिल हैं) में बीजेपी ने सीधे तौर पर 3 सीटें वाराणसी, भदोही और फूलपुर जीती थीं, जबकि उसकी सहयोगी पार्टी अपना दल (एस) ने 1 सीट (मिर्जापुर) पर जीत दर्ज की थी. बाकी 10 सीटें बीजेपी और उसके सहयोगी दल हार गए थे.

यही हाल गोरक्ष क्षेत्र की 13 सीटों पर रहा. यहां भी एनडीए सात सीटें हार गया. काशी क्षेत्र की 71 और गोरक्ष क्षेत्र की 62 सीटों पर विशेष रणनीति बनाने के उद्देश्य से ये दो दिवसीय रणनीतिक बैठक 14 और 15 अक्टूबर को बनारस में रखी गई है.

इस बार क्या होगी पूर्वांचल में बीजेपी की रणनीति?

बीजेपी ने एक बार फिर से माइक्रो लेवल पर अपनी तैयारी करने का फैसला किया है और इसके लिए बूथ प्रभारी और विस्तारकों से सीधे संपर्क स्थापित करने और फीडबैक लेने की रणनीति बन रही है. सभी बूथ अध्यक्षों और विस्तारकों को ट्रेनिंग देने का पहला चरण पूरा हो चुका है. अब इन सभी 266 प्रभारियों/विस्तारकों को 14 और 15 अक्टूबर की बैठक में ये बताया जाएगा कि अपने बूथ और क्षेत्र के लोगों को जोड़ने, उनतक केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के बारे में बताने और Gen Z और पहली बार बने वोटर्स को पार्टी की रीति और नीति से रूबरू कराने के तरीके के बारे में संगठन के बड़े नेताओं के द्वारा बताया जाएगा.

विस्तारकों को बाइक देकर उनको अलॉट किए गए क्षेत्र में घूमने और उसकी डिटेल रिपोर्ट बनाकर सीधे संगठन से जुड़े जिम्मेदार पदाधिकारी तक भेजने का सिस्टम डेवलप किया जा रहा है. बूथ समितियों को सक्रिय करने और विधानसभा वार उनकी जिम्मेदारी तय करने की भी रणनीति बन रही है.

कास्ट पॉलिटिक्स को ध्यान में रखकर विशेष रणनीति बनाने की भी तैयारी है. समाज के सभी वर्गो तक पहुंचने और उनको पार्टी की रीति-नीति से जोड़ने की ट्रेनिंग भी दी जाएगी. लाभार्थी वर्ग की दिक्क़तों और सरकारी योजनाओं में आ रही बाधा को लेकर भी डिटेल रिपोर्ट बनाने और उसको संगठन तक भेजने की पूरी ट्रेनिंग दी जाएगी.

दो दिन और छह सत्रों में होगी बैठक

दोनों प्रांतों के 266 प्रभारी/विस्तारकों को बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष, बीजेपी के यूपी प्रभारी विनोद तावड़े और प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल की उपस्थिति में ये सभी छह सत्रों में प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया जाएगा. बैठक में मौजूद काशी और गोरक्ष प्रान्त के संगठन से जुड़े अन्य नेताओं की भी भूमिका तय की जाएगी. ये दो दिवसीय बैठक वाराणसी के सुंदरपुर इलाके के नरिया स्थित शम्भुनाथ चौधरी लॉन में आयोजित होगी. इसके अलावा 14 अक्टूबर को सीएम योगी की भी वाराणसी में एक जनसभा है. इस बात की भी संभावना है कि सीएम योगी थोड़ी देर के लिए ही सही बैठक में शामिल हो सकते हैं.

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अमित कुमार सिंह

अमित कुमार सिंह

पिछले 15 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय, 2008 सितम्बर में नई दुनियां अख़बार दिल्ली से पत्रकारिता शुरू की. अप्रैल 2009 में ज़ी मीडिया जॉइन किया. दिसंबर 2018 तक ज़ी मीडिया में बतौर ब्यूरो चीफ बनारस रहा. जनवरी 2019 से जनतंत्र टीवी में गए और 2021 तक जिम्मेदारी निभाई. रोमिंग जर्नलिस्ट के तौर पर जनतंत्र टीवी के लिए स्पेशल करेस्पोंडेंट की हैसियत से दिल्ली, बिहार-झारखंड और लखनऊ में अपनी सेवाएं दीं. टीवी 9 यूपी का हिस्सा बनने से पहले न्यूज़ नेशन गोरखपुर में बतौर ब्यूरो चीफ़ की भूमिका में रहे. फिलहाल टीवी 9 यूपी (डिजिटल) के लिए बनारस से सेवाएं दे रहे हैं.

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