Published: Monday, August 17, 2026, 17:26 [IST]
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अध्यक्ष नितिन नबीन की नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया है। इस टीम में कई पुराने चेहरों को नई जिम्मेदारियां मिली हैं, तो कुछ जगहों पर बदलाव भी किया गया है। सबसे ज्यादा नजर भाजपा के IT और सोशल मीडिया सेटअप पर है। लंबे समय से पार्टी के डिजिटल मोर्चे का चेहरा रहे अमित मालवीय अब इस भूमिका में नहीं हैं। उनकी जगह छत्तीसगढ़ के दीपक म्हस्के को राष्ट्रीय सोशल मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है।
बीजेपी के लिए यह बदलाव इसलिए भी खास है, क्योंकि सोशल मीडिया अब सिर्फ प्रचार का प्लेटफॉर्म नहीं रहा। चुनावी कैंपेन, विपक्ष पर पलटवार, सरकार की योजनाओं की ब्रांडिंग और पार्टी के समर्थकों तक सीधा संदेश पहुंचाने में डिजिटल टीम की बड़ी भूमिका है। ऐसे में आइए जानते हैं कि दीपक म्हस्के कौन हैं और अमित मालवीय की जगह उनको मौका क्यों दिया गया है।
कौन हैं दीपक म्हस्के?
दीपक म्हस्के का राजनीतिक सफर छत्तीसगढ़ भाजपा से जुड़ा रहा है। वह प्रदेश स्तर पर पार्टी के प्रवक्ता और IT सेल से जुड़े पदों पर काम कर चुके हैं। 2018 में भी वह छत्तीसगढ़ भाजपा के IT सेल के प्रदेश संयोजक के तौर पर सोशल मीडिया वॉलंटियर्स को जोड़ने और डिजिटल नेटवर्क तैयार करने के अभियान से जुड़े थे।
1968 में जन्मे दीपक म्हस्के का प्रोफेशनल बैकग्राउंड काफी विविध और दिलचस्प रहा है। उन्होंने शिक्षा, कृषि और डेटा एनालिसिस के क्षेत्र में लंबा अनुभव हासिल किया है, जो अब बीजेपी के केंद्रीय डिजिटल वॉर रूम को नई दिशा देगा।
दीपक म्हस्के की प्रोफाइल का सबसे दिलचस्प हिस्सा उनकी पढ़ाई और शुरुआती करियर है। राजनीति में सक्रिय होने से पहले वह केमिस्ट्री के शिक्षक रहे हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 2025 में CGMSC के चेयरमैन के रूप में म्हस्के के पदभार कार्यक्रम में उनके शिक्षक रहने का जिक्र किया था।
इसके बाद उनका काम सिर्फ पार्टी संगठन तक सीमित नहीं रहा। उन्हें छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी CGMSC का चेयरमैन भी बनाया गया। अप्रैल 2025 में उन्होंने इस पद की जिम्मेदारी संभाली थी। इस तरह उनकी प्रोफाइल में शिक्षण, संगठन, मीडिया, सोशल मीडिया और सरकारी संस्था के नेतृत्व का अनुभव दिखाई देता है।
अमित मालवीय की जगह दीपक म्हस्के क्यों?
अमित मालवीय लंबे समय तक भाजपा के IT सेल का प्रमुख चेहरा रहे। पार्टी के डिजिटल नैरेटिव और सोशल मीडिया कैंपेन में उनकी भूमिका काफी चर्चित रही है। अब राष्ट्रीय संगठन में हुए बदलाव के साथ यह जिम्मेदारी दीपक म्हस्के को दी गई है।
हालांकि बीजेपी ने अमित मालवीय को हटाने की कोई अलग वजह सार्वजनिक तौर पर नहीं बताई है। इसलिए इसे किसी विवाद या अंदरूनी कारण से जोड़ना फिलहाल सही नहीं होगा। इतना साफ है कि नई राष्ट्रीय टीम में डिजिटल संगठन की कमान अब म्हस्के के पास होगी।
डिजिटल कैंपेन में क्या करेंगे म्हस्के?
राष्ट्रीय सोशल मीडिया संयोजक के तौर पर म्हस्के के सामने सबसे बड़ा काम भाजपा के डिजिटल नेटवर्क को और मजबूत करना होगा। इसमें पार्टी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, डिजिटल कैंपेन, राज्य इकाइयों के साथ तालमेल और पार्टी के संदेश को ऑनलाइन ज्यादा प्रभावी तरीके से पहुंचाना शामिल होगा।
उनका पुराना अनुभव यहां काम आ सकता है। 2018 में छत्तीसगढ़ भाजपा ने सोशल मीडिया वॉलंटियर्स को जोड़ने की मुहिम शुरू की थी। उस समय दीपक म्हस्के ने बताया था कि पार्टी समर्थकों को डिजिटल नेटवर्क से जोड़कर उन्हें पार्टी के विचारों और संदेशों के साथ सक्रिय किया जाएगा।
BJP की नई टीम में और कौन-कौन?
नितिन नबीन की नई टीम में कई बड़े नामों को जगह मिली है। राम माधव, वसुंधरा राजे और डी पुरंदेश्वरी समेत कई नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है, जबकि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है।
क्या बदलेगा BJP के डिजिटल गेम में?
अमित मालवीय के दौर में भाजपा का IT सेल सोशल मीडिया पर काफी आक्रामक और हाई-फ्रीक्वेंसी कैंपेन के लिए जाना गया। अब दीपक म्हस्के के सामने उसी डिजिटल मशीनरी को आगे बढ़ाने की चुनौती होगी। उनके लिए सबसे बड़ा टेस्ट यह होगा कि राष्ट्रीय स्तर की डिजिटल रणनीति को राज्यों के संगठन तक कितनी तेजी से पहुंचाया जाता है। छत्तीसगढ़ में IT और सोशल मीडिया से जुड़े उनके पुराने अनुभव को देखते हुए यही उनकी सबसे बड़ी ताकत बन सकती है।
फिलहाल इतना साफ है कि भाजपा ने अपने डिजिटल मोर्चे पर चेहरा बदला है। अमित मालवीय के बाद अब दीपक म्हस्के के हाथ में राष्ट्रीय सोशल मीडिया की कमान है। आने वाले चुनावी कैंपेन बताएंगे कि यह बदलाव BJP की डिजिटल रणनीति को किस दिशा में ले जाता है।