Time Updated: Wednesday, August 5, 2026, 18:53 [IST]

Sultanpur BJP MLA Vinod Singh: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर सदर से भाजपा विधायक विनोद सिंह इन दिनों सुर्खियों में छाए हैं। एक महिला ने विधायक पर बेहद गंभीर आरोप हैं। दिल्ली में की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला ने विधायक पर अभद्रता, यौन उत्पीड़न की कोशिश, कपड़े फाड़ने, जान से मारने और 10 वर्षीय बेटी से रेप करवाने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

दूसरी ओर, विधायक विनोद सिंह ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह झूठा, मनगढ़ंत और गिरफ्तारी से बचने की साजिश बताया है। उनका कहना है कि महिला और उसका पति धोखेबाज हैं। लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में विधायक ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। ऐसे में यह मामला अब केवल आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक और कानूनी बहस का विषय भी बन गया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि क्या है पूरा मामला?

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Sultanpur BJP MLA Vinod Singh: क्या हैं महिला के आरोप?

महिला ने दिल्ली में मीडिया के सामने आकर दावा किया कि विधायक और उसका परिवार लखनऊ के हजरतगंज स्थित एक अपार्टमेंट में रहते थे। विधायक चौथी मंजिल पर रहते थे। पिछले 3-4 महीनों से विधायक उसके पीछे पड़े हुए थे। अपने गनर के जरिए उसे बुलवाते थे और धमकियां दी जा रही थीं। महिला का आरोप है कि अगर वह बात नहीं मानेगी तो उसे या उसकी 10 साल की बेटी को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई। डर के कारण उसे विधायक के पास जाना पड़ता था। एक रात जब वह उनके घर पहुंची तो विधायक नशे में थे।

पीड़िता के मुताबिक, उन्होंने अनुचित व्यवहार किया, कपड़े फाड़ने की कोशिश की और धमकी दी। महिला ने खुद को बचाया और घटना के बाद परिवार को बताया। परिवार की सलाह पर उन्होंने अपार्टमेंट खाली कर गोमती नगर में किराए का मकान ले लिया। महिला का कहना है कि घटना के बाद विधायक के सुल्तानपुर लौटने पर फोन आने लगे। परिवार ने फोन बंद करने की सलाह दी।

पुलिस-प्रशासन पर भी महिला ने लगाए विधायक से मिली भगत के आरोप

महिला का कहना है कि घटना के बाद उसने हजरतगंज थाने जाकर शिकायत देने की कोशिश की, लेकिन उसकी तहरीर नहीं ली गई। बाद में उसने महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई, जहां उसे रिसीविंग मिली।

महिला का दावा है कि उसने जीरो एफआईआर दर्ज कराने और अदालत का दरवाजा खटखटाने की भी कोशिश की, लेकिन उसे राहत नहीं मिली। उसका आरोप है कि विधायक सत्ताधारी दल से जुड़े होने के कारण प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रहा। महिला ने यह भी कहा कि इस पूरे विवाद के बाद उसकी आजीविका प्रभावित हो गई है। उसका बेटा बीमार है, बेटी की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और पूरा परिवार भय के माहौल में जी रहा है। वह कहीं आ-जा नहीं पा रही। उसकी मांग है कि विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और महिलाओं के साथ गलत व्यवहार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।

BJP MLA Vinod Singh का जवाब

भाजपा विधायक विनोद सिंह ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि महिला और उसका पति शशांक पहले से ही उनके द्वारा दर्ज कराए गए धोखाधड़ी के मुकदमे में आरोपी हैं। गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए उन्होंने यह पूरी कहानी गढ़ी है। विधायक के अनुसार, दोनों उनके ही जिले के रहने वाले हैं और लखनऊ के पार्क रोड स्थित उसी अपार्टमेंट में रहते थे।

क्या है धोखाधड़ी का मामला?

भाजपा विधायक विनोद सिंह का दावा है कि महिला के पति शशांक ने अपने भाई को आईएएस (IAS) अधिकारी बताकर एफसीआई (FCI)का गोदाम और वेयरहाउस पास कराने का भरोसा दिया था। उन्होंने कहा कि इस काम के नाम पर पैसे लिए गए और बाद में केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) के लेटरहेड पर कथित फर्जी एनओसी भेजकर और रकम मांगी गई। जब दस्तावेजों की जांच दिल्ली स्थित कार्यालय से कराई गई तो एनओसी फर्जी निकली। विधायक का आरोप है कि इसके बाद महिला और उसका पति फोन बंद कर अपार्टमेंट छोड़कर फरार हो गए। इसी आधार पर 10 जुलाई को हजरतगंज कोतवाली में दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया।

पुलिस क्या कह रही है?

लखनऊ के डीसीपी मध्य विक्रांत वीर के मुताबिक, 10 जुलाई को विधायक विनोद सिंह की शिकायत पर महिला और उसके पति के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना चल रही है। डीसीपी के अनुसार, महिला ने इस विवेचना को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी, लेकिन अदालत ने याचिका खारिज कर विवेचना में सहयोग करने के निर्देश दिए। पुलिस का यह भी कहना है कि महिला ने हजरतगंज थाने में किसी प्रकार की लिखित तहरीर नहीं दी थी। हालांकि, महिला इस दावे को गलत बताते हुए कह रही है कि उसने कई बार शिकायत करने की कोशिश की, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई।

Who Is BJP MLA Vinod Singh: कौन हैं भाजपा विधायक विनोद सिंह?

विनोद सिंह उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर सदर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक हैं। उनकी उम्र करीब 69 वर्ष है। राजनीति में आने से पहले वे इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में अधिवक्ता रहे हैं। उन्होंने एमए और एलएलबी की पढ़ाई की है। साल 1986 में केएनआईपीएसएस, सुल्तानपुर (डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय से संबद्ध) से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की।

2007 में बसपा के टिकट पर लंभुआ से विधायक बने। बसपा सरकार में पर्यटन राज्य मंत्री भी रहे। 2018 में बसपा छोड़ दी। दिसंबर 2019 में भाजपा में शामिल हुए। 2022 विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार के रूप में सुल्तानपुर सदर सीट से जीत दर्ज की। खास बात यह है कि पिता स्वर्गीय केदारनाथ सिंह, पूर्व सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे। विधायक की पत्नी पेशे से शिक्षिका है।

BJP MLA Vinod Singh Net Worth-Criminal Case: भाजपा विधायक विनोद सिंह कितने अमीर? कितने दागी?

एडीआर 2022 के चुनावी हलफनामे के अनुसार, विनोद सिंह ने लगभग 16.67 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की थी। हलफनामे में दो आपराधिक मामले दर्ज होने का उल्लेख है, हालांकि किसी भी मामले में उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है।

शक के तराजू में ये 4 बड़े सवाल!

  • 1. अगर विधायक का दावा सही है, तो अपनी ही सरकार में एफसीआई गोदाम पास कराने के नाम पर निजी व्यक्ति को पैसा देने की जरूरत क्यों पड़ी?
  • 2. अगर महिला की शिकायत स्थानीय स्तर पर नहीं सुनी गई, तो क्या यही वजह थी कि उसे दिल्ली जाकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ी? क्या उसे वास्तव में अपनी सुरक्षा का खतरा महसूस हो रहा है?
  • 3. महिला अगर पहले से शिकायत कर रही थी, तो उसके आरोपों पर समय रहते औपचारिक जांच या कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
  • 4. क्या धोखाधड़ी का मुकदमा और महिला द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप एक-दूसरे से जुड़े हैं, या दोनों पूरी तरह अलग घटनाएं हैं? जांच एजेंसियां इसे कैसे परखेंगी?