Published: Sunday, July 26, 2026, 18:25 [IST]
Black Sea Ship Attack: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच ब्लैक सी (काला सागर) एक बार फिर खतरनाक घटनाक्रम का गवाह बना है। यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर व्यापारिक जहाज एमवी एजीएन रैग्नर (MV AGN Ragnar) पर हुए हमले में सवार चार भारतीय नागरिकों में से दो सुरक्षित हैं, जबकि दो अब भी लापता हैं।
कीव स्थित भारतीय दूतावास ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों लापता भारतीयों की तलाश के लिए सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। यह पिछले एक सप्ताह में भारतीय नाविकों से जुड़ी दूसरी बड़ी घटना है, जिससे ब्लैक सी में काम कर रहे भारतीय समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ओडेसा पोर्ट पर फिर निशाना बना व्यापारिक जहाज
यूक्रेन के सबसे बड़े समुद्री बंदरगाह ओडेसा पर 25 जुलाई को एक बार फिर हमला हुआ। इस बार निशाना बना व्यापारिक जहाज एमवी एजीएन रैग्नर, जिस पर चार भारतीय नागरिक भी सवार थे। भारतीय दूतावास के मुताबिक दो भारतीय सुरक्षित निकाल लिए गए हैं, जबकि दो अन्य का अब तक पता नहीं चल पाया है। स्थानीय प्रशासन और बचाव एजेंसियां लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। दूतावास ने कहा है कि वह पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और सभी संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है।
हफ्तेभर में दूसरी घटना, पहले हमले में गई थी चार भारतीयों की जान
यह घटना इसलिए भी चिंता बढ़ाने वाली है क्योंकि कुछ दिन पहले ही ओडेसा से रवाना हुए मालवाहक जहाज एमवी गोल्डन लियो (MV Golden Leo) पर भी हमला हुआ था। उस जहाज पर पांच भारतीय नाविक मौजूद थे। हमले में चार भारतीयों की मौत हो गई थी, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हुआ था और उसका इलाज चल रहा है। लगातार दो घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि ब्लैक सी में काम कर रहे भारतीय नाविक बेहद बड़े खतरे के बीच अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
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भारत सरकार ने जारी की नई सुरक्षा एडवाइजरी
लगातार बढ़ते हमलों को देखते हुए भारत सरकार ने ब्लैक सी क्षेत्र में काम करने वाले भारतीय नागरिकों के लिए नई सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इस क्षेत्र में संचालित व्यापारिक जहाज मिसाइल और ड्रोन हमलों के गंभीर खतरे का सामना कर रहे हैं। सरकार ने भारतीय नागरिकों से अपील की है कि वे इस क्षेत्र में नौकरी स्वीकार करने से पहले सुरक्षा हालात, जहाज की सुरक्षा व्यवस्था, बीमा और आपातकालीन सुविधाओं का पूरी तरह आकलन करें।
भारतीय दूतावास ने संभाला मोर्चा, लापता नाविकों की तलाश जारी
कीव स्थित भारतीय दूतावास ने कहा है कि वह स्थानीय प्रशासन, बंदरगाह प्राधिकरण और बचाव एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है। दूतावास का पूरा फोकस दोनों लापता भारतीय नागरिकों का जल्द से जल्द पता लगाने पर है। अधिकारियों के अनुसार जैसे ही कोई नई जानकारी मिलेगी, उसे परिवारों और भारत सरकार के साथ साझा किया जाएगा। दूतावास ने भरोसा दिलाया है कि प्रभावित भारतीय नागरिकों को हर संभव कूटनीतिक और मानवीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
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क्यों बढ़ रही है ब्लैक सी में भारतीय नाविकों की चिंता?
रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से ब्लैक सी अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए सबसे संवेदनशील इलाकों में शामिल हो गया है। अप्रैल से अब तक व्यापारिक जहाजों पर हमलों में कम से कम पांच भारतीय नाविकों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य प्रभावित हुए हैं। ऐसे में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक इस क्षेत्र में सैन्य तनाव कम नहीं होता, तब तक व्यापारिक जहाजों और उन पर काम करने वाले विदेशी कर्मचारियों के लिए खतरा बना रहेगा।