नई दिल्ली में हुए BRICS Summit के बाद कई वैश्विक नेताओं के बीमार पड़ने के दावे सोशल मीडिया पर वायरल हुए। विदेश मंत्रालय की फैक्ट-चेक यूनिट ने इन्हें 'फेक' और 'मिसलीडिंग' बताते हुए लोगों को ऐसे पोस्ट से सावधान रहने को कहा।
'ब्रिक्स में आए नेताओं की तबीयत बिगड़ने की बात झूठी
- Published: 17 Sep 2026, 02:14 PM IST
- Last Updated: 17 Sep 2026, 02:14 PM IST
नई दिल्ली में आयोजित BRICS Summit 2026 के बाद सोशल मीडिया पर कई विश्व नेताओं के बीमार पड़ने से जुड़ी पोस्ट वायरल हो रही हैं। इन पोस्ट में दावा किया जा रहा था कि भारत में BRICS सम्मेलन में शामिल होने के बाद कई नेताओं की तबीयत खराब हो गई। अब इन दावों पर विदेश मंत्रालय (MEA) ने प्रतिक्रिया दी है।
MEA की फैक्ट-चेक यूनिट ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए इन दावों को 'फेक' और 'मिसलीडिंग' बताया। मंत्रालय की ओर से लोगों को ऐसे पोस्ट से सावधान रहने की अपील की गई।
— MEA FactCheck (@MEAFactCheck) September 17, 2026
MEA Fact Check ने लिखा, “Fake Alert!!! We caution against such malicious posts on social media platforms!” मंत्रालय की यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब BRICS Summit में शामिल नेताओं की सेहत को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जा रहे थे।
किन नेताओं को लेकर वायरल हुए दावे?
सोशल मीडिया पर वायरल दावों में BRICS Summit में शामिल हुए कुछ प्रमुख नेताओं के नाम भी लिए गए। इनमें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा का नाम शामिल था।
— MEA FactCheck (@MEAFactCheck) September 17, 2026
हालांकि, MEA ने कई नेताओं के BRICS Summit के बाद बीमार पड़ने से जुड़े व्यापक दावे को खारिज किया है। ऐसे में सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए दावों को आधिकारिक पुष्टि के बिना तथ्य के तौर पर पेश नहीं किया जा सकता।
रामाफोसा की तबीयत को लेकर क्या जानकारी सामने आई?
वायरल दावों के बीच दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा की तबीयत को लेकर उनके कार्यालय की ओर से अलग जानकारी सामने आई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, BRICS Summit से लौटने के बाद उन्हें डॉक्टरों ने आराम करने की सलाह दी थी और उन्होंने कुछ सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बनाई। हालांकि, इससे यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि BRICS Summit में शामिल कई नेताओं के बीमार पड़ने का वायरल दावा सही है।
12-13 सितंबर को हुआ था BRICS Summit
भारत की मेजबानी में 18वां BRICS Summit 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हुआ था। सम्मेलन के दौरान BRICS देशों ने कई वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की और New Delhi Declaration 2026 को अपनाया गया।
घोषणापत्र में वैश्विक स्वास्थ्य, सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज, व्यापार, अंतरराष्ट्रीय कानून, संघर्षों की रोकथाम और बहुपक्षीय सहयोग समेत कई मुद्दों पर सदस्य देशों की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
New Delhi Declaration में क्या कहा गया?
BRICS देशों ने घोषणापत्र में एकतरफा टैरिफ और गैर-टैरिफ उपायों को लेकर चिंता जताई। घोषणा में कहा गया कि ऐसे कदम व्यापार को प्रभावित कर सकते हैं और विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों के अनुरूप नहीं हैं। इसके अलावा, सदस्य देशों ने अंतरराष्ट्रीय विवादों को बातचीत, परामर्श और कूटनीति के जरिए शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
घोषणापत्र में संघर्षों की रोकथाम के लिए अधिक सहयोग और संघर्षों के मूल कारणों से निपटने की जरूरत पर भी जोर दिया गया। BRICS देशों ने वैश्विक मुद्दों पर अलग-अलग राष्ट्रीय दृष्टिकोणों को ध्यान में रखते हुए बहुपक्षीय सहयोग और संवाद को आगे बढ़ाने की बात कही।