Mayawati on BRICS Summit: दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर बसपा सुप्रीमो मायावती की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने नई दिल्ली घोषणापत्र पर सहमति को बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि बताया है.

Mayawati on BRICS Summit: दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर बसपा सुप्रीमो मायावती की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने नई दिल्ली घोषणापत्र पर सहमति को बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि बताया है.

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Mayawati BSP Supreme

मायावती, बसपा सुप्रीमो Photograph: (X@Mayawati)

Mayawati on BRICS Summit: बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती ने नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने ब्रिक्स देशों के बीच बनी सहमति और दिल्ली घोषणापत्र को मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धि बताया. बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी तनाव, युद्ध और आर्थिक चुनौतियों के बीच ब्रिक्स देशों का 140 पैराग्राफ वाले दिल्ली घोषणापत्र पर सर्वसम्मति बनाना आपसी समझ और कूटनीतिक प्रयासों का परिणाम है. उन्होंने कहा कि सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने की इच्छा भविष्य के लिए उम्मीद पैदा करती है.

BRICS करेंसी को लेकर भी मायावती ने दी प्रतिक्रिया

बीएसपी सुप्रीमो ने ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में संभावित साझा मुद्रा की चर्चा को सकारात्मक कदम बताया. उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल से सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग को नई दिशा मिल सकती है. इसके साथ ही उन्होंने फिलिस्तीन के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि 1966 की सीमाओं के आधार पर एक स्वतंत्र फिलिस्तीन राष्ट्र के समर्थन और आतंकवाद के खिलाफ प्रतिबद्धता जैसे मुद्दों पर भारत के दृष्टिकोण को समर्थन मिलना महत्वपूर्ण है.

Lucknow, Uttar Pradesh: BSP Chief Mayawati says, "...In this context, the development of BRICS is also an important step. In addition, on the Palestine issue, there was united support for a two-state solution and an independent Palestine based on the 1967 borders. At the same… pic.twitter.com/SeCEcICzJ3

— IANS (@ians_india) September 13, 2026

पहलगाम हमले का भी किया जिक्र

इसके साथ ही बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने आतंकवाद के मुद्दे पर भारत के रुख का जिक्र करते हुए पहलगाम का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि आतंकवाद के सभी रूपों से मुकाबला करने की प्रतिबद्धता महत्वपूर्ण है और इस मामले में भारत के दृष्टिकोण को ब्रिक्स मंच पर समर्थन मिलना सराहनीय है.

चीन के साथ रिश्तों पर क्या बोलीं मायावती?

वहीं चीन के साथ भारत के संबंधों को लेकर मायावती ने कहा कि दोनों देशों के बीच मतभेदों को विवाद में बदलने से बचना चाहिए. उनके मुताबिक, अगर दोनों देश एक-दूसरे को विकास के साझेदार के तौर पर देखते हैं, तो इससे सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इन प्रयासों का वास्तविक असर आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा. मायावती ने भारत-चीन सीमा विवाद का जल्द समाधान किए जाने की जरूरत पर भी जोर दिया.

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ब्रिक्स समिट का आज आखिरी दिन

बता दें कि भारत की मेजबानी में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आज दूसरा और अंतिम दिन है. नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में ब्रिक्स देशों के नेताओं ने राउंडटेबल बैठक में हिस्सा लिया. सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे. इनमें कजाकिस्तान, मिस्र, युगांडा और बुरुंडी समेत सात देशों के नेताओं के साथ प्रस्तावित मुलाकातें शामिल हैं.

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