प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12 से 13 सितंबर तक नई दिल्ली में होने वाले 18वें BRICS समिट में शामिल होंगे. शी जिनपिंग की भारत यात्रा से दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को नई गति मिलने की उम्मीद है. इस दौरान ट्रेड, इन्वेस्टमेंट और बिजनेस कोऑपरेशन बढ़ाने पर जोर रह सकता है. भारत और चीन हाल के वर्षों में रिश्तों में आई नरमी को आगे बढ़ाते हुए आर्थिक और व्यावहारिक सहयोग के नए रास्ते तलाशना चाहते हैं.
At the invitation of Prime Minister of the Republic of India Narendra Modi, President Xi Jinping will attend the 18th BRICS Summit in New Delhi from September 12 to 13. pic.twitter.com/abKPwOyqRm
— CHINA MFA Spokesperson 中国外交部发言人 (@MFA_China) September 10, 2026
शी का यह दौरा, जो सात साल में उनका पहला भारत दौरा है, ऐसे समय में हो रहा है जब नई दिल्ली और बीजिंग हाई-लेवल जुड़ाव को मजबूत करने और प्रैक्टिकल सहयोग के एरिया को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. BRICS प्लेटफॉर्म दोनों देशों को ट्रेड, इन्वेस्टमेंट, टेक्नोलॉजी और ग्लोबल सप्लाई चेन पर मिलकर काम करने का एक और मौका दे सकता है.
भारत-चीन के द्विपक्षीय व्यापार में इजाफा
बीजिंग में भारतीय दूतावास के डेटा के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत-चीन का द्विपक्षीय व्यापार 151.10 डॉलर बिलियन तक पहुंच गया, जो पिछले साल से 18.31% ज्यादा है. इस साल चीन को भारत का निर्यात 36.62% बढ़कर 19.47 बिलियन डॉलर हो गया, जबकि आयात 16.03% बढ़कर 131.63 बिलियन डॉलर हो गया.
ट्रेड में तेज बढ़ोतरी दोनों देशों को आगे के कमर्शियल मौकों को तलाशने के लिए एक बड़ा बेस देती है. चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने जुलाई में कहा था कि बाइलेटरल ट्रेड “नई ऊंचाई” पर पहुंच गया है, साथ ही उन्होंने इकॉनमी और ट्रेड जैसे एरिया में मजबूत कोऑपरेशन की अपील की थी.
BRICS समिट से रिश्तों में आएगी मजबूती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी ने अपनी पिछली मीटिंग के दौरान द्विपक्षीय ट्रेड और इन्वेस्टमेंट संबंधों को बढ़ाने और ट्रेड डेफिसिट को कम करने की अहमियत पर भी जोर दिया था. दोनों नेताओं ने ग्लोबल ट्रेड को स्थिर करने में मदद करने में भारत और चीन की भूमिका को पहचाना था.
चीन ने रिश्ते की कंस्ट्रक्टिव दिशा पर जोर देने की कोशिश की है. इसके विदेश मंत्रालय ने कहा कि शी और पीएम मोदी भारत और चीन को “पार्टनर मानते हैं, कॉम्पिटिटर नहीं.”
भारत की BRICS चेयरमैनशिप का इकोनॉमिक एजेंडा ट्रेड और इन्वेस्टमेंट को बढ़ाने, ग्लोबल वैल्यू चेन को मजबूत करने और सदस्य देशों की अर्थव्यवस्थाओं में बिजनेस के लिए मौके बेहतर बनाने पर फोकस है. जयपुर में BRICS ट्रेड मिनिस्टर्स की मीटिंग में, सदस्यों ने BRICS इकोनॉमिक पार्टनरशिप 2030 के लिए स्ट्रैटेजी की दिशा में काम को आगे बढ़ाया और सर्विसेज़ में ज्यादा ट्रेड और मज़बूत, अलग-अलग तरह की ग्लोबल वैल्यू चेन का समर्थन किया.

मनीष झा
Tv9 भारतवर्ष के साथ एग्जीक्यूटिव एडिटर के रूप में कार्यरत. सरकार की पॉलिसी, प्रोग्राम, राजनीति और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों की रिपोर्टिंग में स्पेशलाइजेशन. रूस-यूक्रेन युद्ध में 1 साल से ज्यादा समय तक लाइव रिपोर्टिंग करने वाले भारत के एकमात्र रिपोटर.
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