Time Published: Thursday, September 10, 2026, 18:56 [IST]

BRICS Summit Security: नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा का व्यापक खाका तैयार किया है। 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम में होने वाले सम्मेलन के दौरान राजधानी में करीब 15,000 पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियां तैनात रहेंगी। सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ कार्यक्रम स्थल तक सीमित नहीं होगी, बल्कि एयरपोर्ट, होटल, प्रमुख मार्गों और संभावित आवाजाही वाले स्थानों पर भी निगरानी रखी जाएगी।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, सुरक्षा को कई स्तरों में बांटा गया है। इसमें फिजिकल सिक्योरिटी, एक्सेस कंट्रोल, CCTV निगरानी, इंटेलिजेंस इनपुट, ट्रैफिक मैनेजमेंट और इमरजेंसी रिस्पॉन्स जैसे इंतजाम शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि सुरक्षा के साथ-साथ आम लोगों की आवाजाही पर कम से कम असर पड़े, इसका भी ध्यान रखा जा रहा है।

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500 से ज्यादा CCTV कैमरों से चप्पे-चप्पे पर नजर

समिट को देखते हुए नई दिल्ली इलाके में 500 से ज्यादा CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं। इनमें अलग-अलग क्षमता वाले हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों के साथ तकनीक आधारित सर्विलांस सिस्टम भी शामिल हैं। सुरक्षा नेटवर्क में 4K हाई-रिजॉल्यूशन CCTV कैमरे, 2K कैमरे, फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) कैमरे, वाहनों की नंबर प्लेट पढ़ने वाले कैमरे शामिल हैं। इन कैमरों को एक केंद्रीय मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा, जहां से संदिग्ध गतिविधियों और प्रमुख इलाकों पर लगातार नजर रखी जा सकेगी।

भारत मंडपम पर सबसे कड़ा सुरक्षा घेरा

BRICS Summit का मुख्य आयोजन स्थल भारत मंडपम होगा। यहां सुरक्षा के कई स्तर बनाए गए हैं। प्रवेश और निकास के लिए सख्त एक्सेस कंट्रोल, पहचान और वेरिफिकेशन की व्यवस्था के साथ निगरानी बढ़ाई गई है। इसके अलावा इमरजेंसी की स्थिति से निपटने के लिए रिस्पॉन्स सिस्टम भी तैयार किया गया है। कार्यक्रम स्थल के साथ-साथ उन होटलों में भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है, जहां विदेशी प्रतिनिधिमंडल और अन्य महत्वपूर्ण मेहमान ठहरेंगे।

एयरपोर्ट से होटल तक रहेगा सुरक्षा का घेरा

विदेशी मेहमानों की सुरक्षा के लिए सिर्फ भारत मंडपम ही नहीं, बल्कि एयरपोर्ट, होटल और मेहमानों के संभावित रूट भी सुरक्षा योजना का हिस्सा हैं। दिल्ली पुलिस ने संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर इन रूटों का सर्वे किया है। मेहमानों के कार्यक्रम और आवाजाही के हिसाब से सुरक्षा, ट्रैफिक और कानून-व्यवस्था की तैनाती में बदलाव किया जाएगा।

15 हजार पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा और ट्रैफिक

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए करीब 15,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी। इसके अलावा अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियां भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा होंगी। महत्वपूर्ण चौराहों और VVIP काफिलों के रूट पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसका मकसद विदेशी मेहमानों और VVIP काफिलों की सुरक्षित और सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करना है।

10 से 14 सितंबर तक ट्रैफिक पर असर

BRICS Summit 12 और 13 सितंबर को है, लेकिन विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही को देखते हुए ट्रैफिक पाबंदियां 10 सितंबर से शुरू होकर करीब 14 सितंबर तक जारी रहने की उम्मीद है।

दिल्ली पुलिस ने लोगों को पहले से ट्रैफिक एडवाइजरी के जरिए संभावित बदलावों की जानकारी देना शुरू कर दिया है। लोगों से अपील की गई है कि वे यात्रा की योजना बनाते समय इन पाबंदियों और डायवर्जन को ध्यान में रखें।

रियल टाइम इंटेलिजेंस पर भी नजर

सुरक्षा व्यवस्था में सिर्फ कैमरों और पुलिस बल की तैनाती पर निर्भर नहीं किया जा रहा है। पुलिस अलग-अलग स्रोतों से मिलने वाली इंटेलिजेंस और सुरक्षा संबंधी सूचनाओं का रियल टाइम असेसमेंट भी करेगी।

जरूरत पड़ने पर संबंधित एजेंसियों के साथ सूचनाएं साझा कर कार्रवाई की जाएगी। इस पूरी व्यवस्था का उद्देश्य किसी संभावित खतरे का पहले से आकलन करना और उसे रोकने के लिए समय रहते कदम उठाना है।

कई केंद्रीय एजेंसियों के साथ तालमेल

दिल्ली पुलिस ने BRICS Summit की सुरक्षा को लेकर कई केंद्रीय और सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय किया है। इनमें गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय, NSG, इंटेलिजेंस ब्यूरो और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों समेत अन्य संबंधित एजेंसियां शामिल हैं। पड़ोसी राज्यों के साथ भी समन्वय बैठकें की गई हैं, ताकि दिल्ली में विदेशी मेहमानों की आवाजाही के दौरान राज्यों के बीच बेहतर तालमेल बना रहे।

G20 का अनुभव आएगा काम

दिल्ली पुलिस पहले भी G20 जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की सुरक्षा संभाल चुकी है। इसी अनुभव के आधार पर BRICS Summit के लिए भी मल्टी-एजेंसी कोऑर्डिनेशन और सुरक्षा अभ्यास किए गए हैं। इस बार सुरक्षा व्यवस्था का फोकस तीन स्तरों पर दिखाई देता है, मेहमानों की सुरक्षा, संभावित खतरे की पहले से पहचान और आम लोगों की आवाजाही पर न्यूनतम असर।

क्यों खास है यह सुरक्षा व्यवस्था?

सुरक्षा का हिस्सा क्या इंतजाम किया गया है
पुलिस बल करीब 15,000 पुलिसकर्मी
अर्धसैनिक बल 200 कंपनियां
CCTV 500 से ज्यादा कैमरे
कैमरा तकनीक 4K, 2K, FRS और नंबर प्लेट रीडिंग
मुख्य आयोजन स्थल भारत मंडपम
निगरानी केंद्रीय मॉनिटरिंग सिस्टम
सुरक्षा क्षेत्र एयरपोर्ट, होटल, रूट और आयोजन स्थल
ट्रैफिक VVIP रूट और प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त तैनाती
इंटेलिजेंस रियल टाइम इनपुट का आकलन
एजेंसियां दिल्ली पुलिस के साथ कई केंद्रीय एजेंसियों का समन्वय

कुल मिलाकर, BRICS Summit के दौरान दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को तकनीक, पुलिस बल और खुफिया तंत्र के संयोजन के साथ तैयार किया गया है। पुलिस का लक्ष्य है कि विदेशी मेहमानों की सुरक्षा में कोई समझौता न हो, जबकि राजधानी में आम लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही पर भी संभव हो तो कम से कम असर पड़े।

(PTI इनपुट के साथ)