उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के शिकारपुर में तालाब के सौंदर्यीकरण की खुदाई के दौरान शिवलिंग जैसी आकृति निकलने से हड़कंप मच गया है। पवित्र सावन मास में इस आकृति के मिलने के बाद भारी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक और पूजा-अर्चना शुरू कर दी है।
इस दौरान पूरा माहौल 'हर-हर महादेव' और 'जय भोलेनाथ' के भक्तिमय गगनभेदी जयकारों से लगातार गूंज रहा है।
- Published: 20 Jul 2026, 04:05 PM IST
- Last Updated: 20 Jul 2026, 04:05 PM IST
उत्तर प्रदेश के आगरा में हाल ही में एक घर के फ्रिज के अंदर बर्फ से 'शिवलिंग' जैसी आकृति स्वतः बनने के दावे के बाद अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से भी आस्था का एक बेहद अनोखा मामला सामने आया है। यहाँ के शिकारपुर कस्बे में नगर पालिका द्वारा कराए जा रहे एक पुराने तालाब के सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार कार्य के दौरान अचानक एक शिवलिंग जैसी आकृति जमीन के नीचे से बाहर निकली है।
जैसे ही खुदाई में इस धार्मिक आकृति के निकलने की सूचना स्थानीय ग्रामीणों को मिली, देखते ही देखते पूरे इलाके में यह खबर आग की तरह फैल गई और आसपास के लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला। सावन के पवित्र महीने को देखते हुए स्थानीय लोगों में आस्था का एक अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा है और बड़ी संख्या में महिला व पुरुष श्रद्धालुओं ने मौके पर पहुंचकर भगवान शिव की इस आकृति का विधि-विधान से जलाभिषेक और धूप-दीप से पूजा-अर्चना शुरू कर दी है।
बुलंदशहर के शिकारपुर में सरकारी तालाब की JCB से सफाई के दौरान एक शिवलिंग मिलने के बाद मौके पर पूजा-अर्चना शुरू हो गई। श्रद्धालु चढ़ावा चढ़ा रहे हैं और मंदिर निर्माण की तैयारियां भी शुरू होने की बात सामने आ रही है।#Bulandshahr #Shikarpur #UttarPradesh #Shivling #Encroachment pic.twitter.com/kVgmCg6YqX
— Maharashtra Bandhu News (@BandhuNews_in) July 19, 2026
तालाब की खुदाई में मिली शिवलिंग जैसी आकृति! दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
बुलंदशहर के शिकारपुर में तालाब के सौंदर्यीकरण कार्य के दौरान शिवलिंग जैसी पत्थर की आकृति मिलने का मामला सामने आया है. स्थानीय लोगों के मुताबिक क्रिकेट खेल रहे बच्चों ने जमीन से बाहर निकली आकृति देखी, जिसके बाद… pic.twitter.com/pbE6Ds1Cfp
— News Leader (@NewsLeaderLive) July 20, 2026
वार्ड नंबर 10 के तालाब के सौंदर्यीकरण के दौरान सामने आई धार्मिक आकृति
शिकारपुर नगर पालिका प्रशासन द्वारा कस्बे के वार्ड नंबर 10 में स्थित एक पुराने सार्वजनिक तालाब के कायाकल्प और रंग-रोगन का कार्य कराया जा रहा था। मजदूर जब तालाब की तली की खुदाई और सफाई कर रहे थे, तभी यह प्राचीन शिवलिंग जैसी आकृति मिट्टी के बीच से प्रकट हुई।
श्रद्धालुओं ने तुरंत ईंटों की मदद से एक सुंदर चौखट का निर्माण कर वहां 'शिवलिंग' को विधिवत स्थापित कर दिया है, जहां अब दिन भर श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। भक्तजन इस आकृति पर श्रद्धापूर्वक कच्चा दूध, गंगाजल, फूल-माला और बेलपत्र अर्पित कर रहे हैं। इस दौरान पूरा माहौल 'हर-हर महादेव' और 'जय भोलेनाथ' के भक्तिमय गगनभेदी जयकारों से लगातार गूंज रहा है।
नगर पालिका अध्यक्ष राजबाला सैनी ने मौके पर पहुंचकर जांच और मंदिर निर्माण की मांग की
तालाब की खुदाई में शिवलिंग निकलने की सूचना के मिलते ही शिकारपुर नगर पालिका की अध्यक्ष राजबाला सैनी ने खुद विभागीय पहुंचकर मौका मुआयना किया और श्रद्धालुओं से बातचीत की। उन्होंने इस पूरे मामले को आम जनता की अटूट धार्मिक आस्था और जनभावनाओं से जुड़ा हुआ बेहद महत्वपूर्ण मसला बताया।
पालिका अध्यक्ष राजबाला सैनी ने जिला प्रशासन और पुरातत्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से अपील की है कि वे इस स्थल की प्राचीनता और शिवलिंग जैसी आकृति की वैज्ञानिक व ऐतिहासिक जांच कराएं ताकि इसकी असल सच्चाई सबके सामने आ सके। उन्होंने मांग उठाई है कि यदि जांच में यह वास्तव में एक प्राचीन व ऐतिहासिक शिवलिंग सिद्ध होता है, तो प्रशासन को जनसहयोग के माध्यम से इस पावन स्थान पर भगवान शिव का एक भव्य मंदिर बनवाना चाहिए।