बिहार कैबिनेट की बैठक में एससी-एसटी मामलों के लिए 19 नए फास्ट ट्रैक कोर्ट और 16 मेडिकल कॉलेजों के पीपीपी मोड पर संचालन समेत 17 एजेंडों पर मुहर लगी है।
बिहार कैबिनेट की बैठक में एससी-एसटी मामलों के लिए 19 नए फास्ट ट्रैक कोर्ट और 16 मेडिकल कॉलेजों के पीपीपी मोड पर संचालन समेत 17 एजेंडों पर मुहर लगी है।
- Published: 05 Aug 2026, 06:56 PM IST
- Last Updated: 05 Aug 2026, 06:56 PM IST
Bihar cabinet decisions: बिहार में कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा और खेलकूद के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बुधवार की बिहार कैबिनेट की बैठक में कुल 17 महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगाई गई है। इस बैठक में राज्य के विकास और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए हैं, जिससे विभिन्न क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
एससी-एसटी और एनडीपीएस मामलों के लिए विशेष अदालतें
राज्य में एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों के त्वरित निष्पादन (स्पीडी ट्रायल) के लिए 19 नए फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट बनाए जाएंगे। इसके लिए जजों के कुल 171 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। ये नए कोर्ट बेतिया, मधुबनी, आरा, सीवान, अररिया, सुपौल, खगड़िया, जहानाबाद, बक्सर, जमुई, भभुआ, कटिहार, सीतामढ़ी, मुंगेर, मधेपुरा, बांका, शेखपुरा, औरंगाबाद और लखीसराय जिलों में स्थापित किए जाएंगे।
इसके साथ ही, एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के मामलों की सुनवाई के लिए तीन नए स्पेशल कोर्ट खोले जाने का निर्णय लिया गया है। इन अदालतों की स्थापना पूर्णिया, भागलपुर और गयाजी में होगी, जिसके लिए 27 नए जज पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है।
स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव: 16 मेडिकल कॉलेज पीपीपी मोड पर
चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए एक अहम फैसला लिया गया है। इसके तहत राज्य के 16 मौजूदा मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों (डेंटल कॉलेज सहित) का संचालन अब पीपीपी (PPP) मोड पर किया जाएगा। इस व्यवस्था पर कुल 8.27 करोड़ रुपये के खर्च की मंजूरी दी गई है।
इसके अलावा, आयुष चिकित्सा सेवा नियमावली में संशोधन किया गया है और पटना के सरकारी आयुर्वेदिक कॉलेज में दो नए पदों का सृजन भी किया गया है।
राजगीर में स्पोर्ट्स साइंस सेंटर और ज्ञान भारतम मिशन
खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए राजगीर खेल अकादमी में एक अत्याधुनिक स्पोर्ट्स साइंस सेंटर की स्थापना की जाएगी। यहाँ खिलाड़ियों को वैज्ञानिक प्रशिक्षण के साथ-साथ अन्य आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। इसके संचालन और रखरखाव के लिए एजेंसी का चयन किया जाएगा, जिस पर कुल 25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
वहीं, 'ज्ञान भारतम मिशन' के अंतर्गत सर्वेक्षित पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण और मेटाडेटा निर्माण की योजना को भी मंजूरी दी गई है। इस कार्य पर कुल 6.23 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
मुंगेर-जमालपुर जलापूर्ति और नवादा में BISF सेंटर
बुनियादी ढांचे के विकास के तहत मुंगेर और जमालपुर शहरों में जलापूर्ति योजनाओं को हरी झंडी मिल गई है। मुंगेर जलापूर्ति योजना पर 177 करोड़ रुपये और जमालपुर योजना पर 102 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसके अलावा, नवादा जिले के रजौली में बिहार औद्योगिक सुरक्षा बल (BISF) का नया सेंटर बनाया जाएगा। इसके लिए 43.98 एकड़ जमीन गृह विभाग को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है।
सुरक्षा व्यवस्था और अन्य विकास कार्य
बालक और बालिका गृहों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए समाज कल्याण निदेशालय के अंतर्गत संचालित 23 बालक पर्यवेक्षण गृह, 1 बालिका गृह, 1 विशेष गृह और 9 सुरक्षित स्थानों पर कुल 330 होमगार्ड जवानों की तैनाती की जाएगी। इस पर हर साल 14.53 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
पूर्वी चंपारण के पीपराकोठी में नए केंद्रीय विद्यालय की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है, जिसके लिए बिहार सरकार 30 साल की अवधि के लिए जमीन लीज पर देगी। इसके अतिरिक्त, राज्य में 'हर घर तिरंगा अभियान 2026' के सफल आयोजन के लिए 6.12 करोड़ रुपये के बजट की स्वीकृति भी दे दी गई है।