एजुकेशन
- Authored by: कुलदीप राघव
- Updated Jul 14, 2026, 04:39 PM IST
CBSE Three Language Policy Row: थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने CBSE को नोटिस जारी किया है। कक्षा 9 के छात्रों के लिए CBSE की तीन-भाषा नीति से जुड़े सर्कुलरों को चुनौती दी गई थी, जिसके बाद ये नोटिस जारी हुआ है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई को होगी.
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थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने CBSE को नोटिस जारी किया
CBSE Three Language Policy Row: थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने CBSE को नोटिस जारी किया है। कक्षा 9 के छात्रों के लिए CBSE की तीन-भाषा नीति से जुड़े सर्कुलरों को चुनौती दी गई थी, जिसके बाद ये नोटिस जारी हुआ है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई को होगी। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की नई तीन-भाषा नीति को लेकर चल रहे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से महत्वपूर्ण सवाल पूछा है। अदालत ने जानना चाहा कि नई भाषा नीति में इस्तेमाल किए गए ‘मूल भारतीय भाषा’ शब्द का वास्तविक अर्थ क्या है। इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को अपना स्पष्ट पक्ष रखने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है।
इस बीच, CBSE ने कक्षा 10 के छात्रों के लिए तीसरी भाषा (R3) को लेकर भी स्पष्टीकरण जारी किया है। बोर्ड के अनुसार, वर्तमान कक्षा 9 (शैक्षणिक सत्र 2026-27) के छात्रों के लिए तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा नहीं होगी, लेकिन स्कूल स्तर पर आयोजित मूल्यांकन में उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा। तभी छात्रों को CBSE सेकेंडरी स्कूल परीक्षा का पास प्रमाणपत्र मिलेगा।
देना होगा हलफनामा
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि किसी नीति में इस तरह के शब्दों का प्रयोग किया जाता है तो उनकी स्पष्ट परिभाषा होना आवश्यक है, ताकि छात्रों, अभिभावकों और स्कूलों के बीच किसी तरह का भ्रम पैदा न हो। अदालत ने केंद्र सरकार से इस संबंध में विस्तृत हलफनामा दाखिल करने को कहा है। यह मामला CBSE द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप लागू किए जा रहे संशोधित भाषा ढांचे से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि नई व्यवस्था में कई ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, जिनकी स्पष्ट कानूनी या शैक्षणिक परिभाषा नहीं दी गई है। इनमें सबसे बड़ा सवाल "मूल भारतीय भाषा" की व्याख्या को लेकर उठाया गया है।
मूल भारतीय भाषा की परिभाषा क्या है
अब सभी की नजर केंद्र सरकार के जवाब पर है। यदि सरकार "मूल भारतीय भाषा" की स्पष्ट परिभाषा प्रस्तुत करती है, तो इससे नई तीन-भाषा नीति के क्रियान्वयन को लेकर बनी कई शंकाएं दूर हो सकती हैं। वहीं, सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई में यह तय होगा कि नीति में किसी संशोधन या अतिरिक्त दिशा-निर्देश की आवश्यकता है या नहीं।
सीबीएसई ने क्या किया जवाब
वहीं, CBSE ने अदालत में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि देश के लगभग आधे संबद्ध विद्यालय पहले से ही कक्षा 9 में दो या उससे अधिक भारतीय भाषाएं पढ़ा रहे हैं। बोर्ड का दावा है कि अधिकांश स्कूलों में कम से कम एक भारतीय भाषा का शिक्षक उपलब्ध है, इसलिए नई व्यवस्था को लागू करना व्यावहारिक है।
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कुलदीप राघव author
कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर... और देखें
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