बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर शहर की बिजली व्यवस्था, जर्जर विद्युत अधोसंरचना और मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को लेकर छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच को राज्य सरकार, उर्जा विभाग और नगर निगम की ओर से उठाए जा रहे कदमों की अफसरों ने शपथ पत्र के साथ जानकारी दी।

छत्तीसगढ़ बिलासपुर शहर की बिजली व्यवस्था, जर्जर विद्युत अधोसंरचना और मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को लेकर छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के डिवीजन बेंच को राज्य शासन और नगर निगम की ओर से उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी गई। उर्जा विभाग के प्रमुख सचिव, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और नगर निगम आयुक्त ने प्रगति रिपोर्ट के साथ शपथ पत्र के साथ जानकारी पेश की।

0 तीनों अफसरों ने शपथ पत्र के साथ दी जानकारी

शपथ पत्र में अफसरों ने जानकारी दी है, शहर में क्षतिग्रस्त सीमेंट पोल को हटाकर लोहे के पोल लगाने का काम चल रहा है। आपात स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त स्काई लिफ्ट मशीनों की खरीदी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मंगला और कोनी में नए सप्लाई जोन बनाने तथा महत्वपूर्ण विद्युत अधोसंरचना के उन्नयन के लिए अतिरिक्त राशि से काम शुरू किए जाने की जानकारी भी कोर्ट को दी। पीआईएल की अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने 25 अगस्त 2026 की तिथि तय कर दी है।

0 21 क्षतिग्रस्त सीमेंट पोल बदले गए

ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव ने कोर्ट को बताया, शहर में क्षतिग्रस्त सीमेंट पोल को हटाकर उनकी जगह मजबूत लोहे के पोल लगाया जा रहा है। सीएसपीडीसीएल के प्रबंध निदेशक की रिपोर्ट के अनुसार अब तक 21 क्षतिग्रस्त सीमेंट पोल बदले जा चुके हैं। बिजली वितरण नेटवर्क में बाधा उत्पन्न करने वाले खतरनाक विज्ञापन बोर्ड और होर्डिंग हटाने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। मानसून के दौरान तेज हवा और बारिश में इनसे विद्युत लाइनों को होने वाले संभावित नुकसान को रोकने के लिए सीएसपीडीसीएल ने खतरनाक होर्डिंग्स के जीपीएस स्थान चिह्नित कर नगर निगम को सूची उपलब्ध करा दी है।

0 स्काई लिफ्ट के लिए टेंडर जारी

मानसून के दौरान बिजली के पोल और तारों से संबंधित आपात स्थिति में त्वरित सुधार के लिए अतिरिक्त स्काई लिफ्ट मशीनों और वाहनों की जरूरत को देखते हुए 23 जुलाई 2026 को निविदा जारी की गई है। राज्य सरकार की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया, जब तक अतिरिक्त मशीनों की व्यवस्था नहीं हो जाती, आपात स्थिति में अन्य विभागों के साथ समन्वय कर आवश्यक वाहन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

0 मंगला और कोनी में बनेंगे नए सप्लाई जोन

शहर में बिजली आपूर्ति को अधिक व्यवस्थित और निर्बाध बनाने के लिए मंगला और कोनी को नए बिजली सप्लाई जोन के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह प्रस्ताव प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति के लिए भेजा जा चुका है।

इसके अलावा महत्वपूर्ण विद्युत अधोसंरचना के उन्नयन के लिए 10 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत किए जाने और उससे संबंधित कार्य शुरू होने की जानकारी भी कोर्ट को दी गई।

0 तीन नए सब-स्टेशनों की दिशा में कार्रवाई

विद्युत व्यवस्था के विस्तार के लिए लोखंडी में हाई वोल्टेज सब-स्टेशन तथा ज्वाली नाला और मंगला रिवर व्यू क्षेत्र में 33/11 केवी सब-स्टेशन स्थापित करने की दिशा में भी कार्रवाई चल रही है। इन परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया राजस्व विभाग के माध्यम से आगे बढ़ाए जाने की जानकारी शपथ पत्र में दी गई है।

0 बारिश के दौरान शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई

सीएसपीडीसीएल की ओर से कोर्ट को बताया गया कि कॉल सेंटर के माध्यम से मिलने वाली बिजली संबंधी शिकायतों का निर्धारित मानकों के अनुरूप समय पर निराकरण किया जा रहा है।

17 जुलाई को हुई भारी बारिश और जलभराव के दौरान बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति में भी मैदानी अमले ने त्वरित कार्रवाई कर आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया। रिपोर्ट में बताया गया कि इस कार्रवाई की आम लोगों और स्थानीय समाचार माध्यमों ने भी सराहना की।

0 बाढ़ नियंत्रण कक्ष सक्रिय, जलभराव वाले क्षेत्रों में फॉगिंग

नगर निगम आयुक्त की ओर से पेश शपथ पत्र में बताया गया कि नेहरू चौक स्थित विकास भवन में समर्पित बाढ़ नियंत्रण कक्ष मानसून के दौरान सक्रिय है। जल निकासी और जलभराव से संबंधित शिकायतों के लिए अलग शिकायत रजिस्टर भी रखा जा रहा है। बारिश के बाद जलभराव वाले इलाकों में जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए नगर निगम द्वारा ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, फॉगिंग और नालियों की विशेष सफाई लगातार कराई जा रही है।