CG Dhan Kharidi Token Rules:छत्तीसगढ़ (Chattisgarh News) में धान खरीदी सीजन शुरू होने से पहले किसानों के लिए जरूरी खबर है। इस बार धान खरीदी की प्रक्रिया में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। Chhattisgarh Paddy Procurement 2026 के तहत अब किसानों को धान बेचने के लिए अपनी पहचान के साथ-साथ टोकन में दर्ज धान की मात्रा का भी विशेष ध्यान रखना होगा। नई व्यवस्था में खरीदी केंद्र पर किसान या उसके अधिकृत नॉमिनी का बायोमेट्रिक यानी फिंगरप्रिंट से सत्यापन किया जाएगा।

धान बेचने के लिए अब फिंगरप्रिंट जरूरी

नई व्यवस्था के तहत धान खरीदी केंद्र पर किसान की पहचान बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन (Paddy Biometric Verification) के जरिए की जाएगी। अगर किसान खुद धान बेचने के लिए खरीदी केंद्र नहीं पहुंच सकता है, तो उसके अधिकृत नॉमिनी के जरिए धान बेचने की सुविधा रहेगी। हालांकि नॉमिनी को भी फिंगरप्रिंट के जरिए अपनी पहचान सत्यापित करानी होगी।

यानी अब केवल ओटीपी के जरिए सत्यापन कराकर धान बिक्री की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी। किसान या उसके अधिकृत नॉमिनी को खरीदी केंद्र पर बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। नॉमिनी के मामले में किसानों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उसका नाम संबंधित रिकॉर्ड में दर्ज हो।

टोकन में दर्ज धान की मात्रा पर रखें नजर

धान खरीदी के नए नियमों में CG Dhan Kharidi Token Rules के तहत टोकन में दर्ज धान की मात्रा को लेकर भी किसानों को सावधानी बरतनी होगी। टोकन जारी होने के बाद किसान उसमें दर्ज मात्रा की अच्छी तरह जांच कर लें।

उदाहरण के लिए अगर किसी किसान को 120 क्विंटल धान बेचना है और उसके लिए दो टोकन जारी किए जाते हैं, तो दोनों टोकन में 60-60 क्विंटल धान दर्ज हो सकता है। इसी तरह 300 क्विंटल धान के लिए तीन टोकन जारी होने पर प्रत्येक टोकन में 100-100 क्विंटल की मात्रा दर्ज हो सकती है।

इसलिए टोकन मिलने के बाद किसान उसमें दर्ज मात्रा जरूर जांच लें। टोकन में दर्ज मात्रा और खरीदी केंद्र पर लाई गई धान की मात्रा में अंतर होने पर परेशानी हो सकती है।

100 क्विंटल का टोकन, 80 क्विंटल धान लाए तो?

किसानों के मन में यह सवाल भी है कि अगर टोकन में 100 क्विंटल धान दर्ज है, लेकिन किसान खरीदी केंद्र पर सिर्फ 80 क्विंटल धान लेकर पहुंचता है तो क्या होगा?

ऐसी स्थिति में किसान के पास मौजूद धान के हिसाब से ही खरीदी की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यानी टोकन में 100 क्विंटल दर्ज होने के बावजूद किसान अगर 80 क्विंटल धान लेकर पहुंचता है, तो शेष 20 क्विंटल की मात्रा के संबंध में लागू नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी।

ऐसे में किसानों को सलाह है कि टोकन बनवाने से पहले अपनी वास्तविक उपज का हिसाब जरूर लगा लें और टोकन जारी होने के बाद उसमें दर्ज मात्रा की जांच कर लें।

यह भी पढ़ें: MP Dhar Irrigation Project: मध्य प्रदेश के धार को नई सिंचाई परियोजना की सौगात, CM ने ₹2,387.60 करोड़ के विकास कार्य का किया भूमिपूजन

एक से ज्यादा टोकन मिले तो भी सावधानी जरूरी

जिन किसानों को एक से ज्यादा टोकन जारी किए गए हैं, उन्हें सभी टोकन की जांच करनी होगी। किसान यह देखें कि प्रत्येक टोकन में कितनी मात्रा दर्ज है और सभी टोकन में दर्ज कुल मात्रा कितनी है।

खासकर ज्यादा उत्पादन वाले किसानों को इस मामले में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होगी। टोकन में दर्ज मात्रा उनकी वास्तविक उपज और बिक्री की योजना के मुताबिक होनी चाहिए।

यह भी पढ़ें: Bhopal Gas Pipeline Fire: छोला ब्रिज के पास गैस पाइपलाइन में आग, 10 फीट तक लपटें, कंपनी ने बंद की सप्लाई

किसान की जगह नॉमिनी बेच सकेगा धान

नई व्यवस्था में उन किसानों को राहत दी गई है, जो किसी कारण से खुद खरीदी केंद्र नहीं पहुंच सकते। ऐसे किसान अपने अधिकृत नॉमिनी के जरिए धान बेच सकेंगे।

हालांकि नॉमिनी के लिए भी बायोमेट्रिक सत्यापन जरूरी होगा। (CG Dhan Kharidi Token Rules) नॉमिनी का फिंगरप्रिंट लिया जाएगा और उसके विवरण का संबंधित रिकॉर्ड से मिलान किया जाएगा। इसलिए किसान पहले से यह सुनिश्चित कर लें कि उनके अधिकृत नॉमिनी की जानकारी संबंधित समिति के रिकॉर्ड में दर्ज है।

यह भी पढ़ें: Jabalpur Congress: कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में गए नेताओं की वापसी में फंसा पेंच, सीधे नहीं मिलेगी एंट्री, पुराने रिकॉर्ड और छोड़ने की वजह की होगी जांच

खरीदी केंद्र जाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

किसानों को धान खरीदी केंद्र जाने से पहले टोकन में दर्ज मात्रा और खरीदी की तारीख की जांच कर लेनी चाहिए। इसके साथ ही उपलब्ध धान का सही हिसाब भी पहले से लगा लेना जरूरी है।

अगर किसान के पास टोकन में दर्ज मात्रा से कम धान है तो खरीदी केंद्र पहुंचने से पहले संबंधित सहकारी समिति से प्रक्रिया की जानकारी लेनी चाहिए। इससे खरीदी के दौरान होने वाली परेशानी से बचा जा सकता है।

यह भी पढ़ें: MP Vindhya Rail Connectivity: विंध्य क्षेत्र को रेल कनेक्टिविटी की सौगात, CM यादव-केंद्रीय रेल मंत्री ने सतना–देवेंद्रनगर, रीवा–चुरहट रेलखंडों का किया उद्घाटन