CG High Court Decision: आदिवासी जमीन (Tribal Land) पर गैर-आदिवासी कब्जा (Non-Tribal Possession) मिलने की शिकायत की जांच को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। 

कोर्ट ने कहा कि किसी जमीन का रजिस्टर्ड बिक्री विलेख (Registered Sale Deed) आदिवासी के नाम होने मात्र से उसके वास्तविक कब्जे और उपयोग की जांच पर रोक नहीं लगती। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (Chhattisgarh High Court) ने कहा कि धारा 170-B (Section 170-B) के तहत राजस्व अधिकारी जमीन के वास्तविक कब्जे और लेनदेन की परिस्थितियों की जांच कर सकते हैं।

नया बाराद्वार की जमीन से जुड़ा मामला

आदिवासी जमीन (Tribal Land) से जुड़ा यह मामला ग्राम नया बाराद्वार की जमीन का है। रिकॉर्ड के अनुसार जमीन पहले लतीराम के नाम थी। बाद में उनके बेटे धनीराम के नाम दर्ज हुई।

धनीराम ने 23 मई 1979 को पांच हजार रुपये में यह जमीन आदिवासी समुदाय के फिरतू राम को रजिस्टर्ड बिक्री विलेख के जरिए हस्तांतरित की थी। फिरतू राम की मृत्यु के बाद जमीन गोकुल राम के नाम दर्ज हुई। बाद में उनके कानूनी वारिस इस मामले में अपीलकर्ता बने। इसी जमीन को लेकर जमीन विवाद (Land Dispute) सामने आया।

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गैर-आदिवासी के कब्जे का लगाया था आरोप

मामले में जानकी बाई ने धारा 170-B (Section 170-B) के तहत शिकायत की थी। आरोप लगाया गया कि राजस्व रिकॉर्ड (Revenue Records) में जमीन आदिवासी व्यक्तियों के नाम दर्ज होने के बावजूद उसका वास्तविक कब्जा और उपयोग गैर-आदिवासी लखनलाल राठौर के पास है।

शिकायत के बाद राजस्व अधिकारी (Revenue Officials) ने पटवारी रिपोर्ट, पक्षकारों के बयान और गवाहों के कथनों के आधार पर जांच की। एसडीएम ने 30 मार्च 1998 को जमीन आदिवासी पक्ष को वापस करने का आदेश दिया था। इसके बाद मामला कलेक्टर, कमिश्नर और रेवेन्यू बोर्ड तक पहुंचा।

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हाईकोर्ट ने अपील की खारिज

आदिवासी जमीन (Tribal Land) मामले में डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के 20 मार्च 2024 के आदेश को बरकरार रखा। कोर्ट ने कहा कि धारा 170-B (Section 170-B) का उद्देश्य आदिवासी भूमि को ऐसे लोगों के कब्जे और उपयोग से बचाना है, जो उसके कानूनी हकदार नहीं हैं। 

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि मकान निर्माण, बिजली कनेक्शन या संपत्ति कर जमा करने जैसे दस्तावेज अपने आप जमीन पर मालिकाना हक साबित नहीं करते। हाईकोर्ट ने अपील खारिज करते हुए राजस्व अधिकारियों के आदेशों को बरकरार रखा।

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