Chandra Grahan 2026: साल का आखिरी चंद्र ग्रहण कुंभ राशि में, जानें शतभिषा नक्षत्र का कनेक्शन

चंद्र ग्रहण 2026Image Credit source: PTI

Lunar Eclipse in Aquarius: साल 2026 का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को लगने जा रहा है. खगोलीय गणना के अनुसार यह आंशिक चंद्र ग्रहण होगा. भारतीय समय के मुताबिक इसकी आंशिक अवस्था सुबह करीब 8:04 बजे शुरू होगी और 11:21 बजे तक रहेगी. यह ग्रहण इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि ज्योतिषीय दृष्टि से चंद्र ग्रहण का संबंध चंद्रमा की राशि और नक्षत्र से जोड़ा जाता है. इस बार ग्रहण के दौरान चंद्रमा कुंभ राशि में रहेगा और शतभिषा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा. आइए जानते हैं ज्योतिष में शतभिषा नक्षत्र का क्या महत्व है.

शतभिषा नक्षत्र और कुंभ राशि का खास कनेक्शन

ज्योतिष शास्त्र में कुंभ राशि को वायु तत्व और शनि देव की स्वामित्व वाली राशि माना गया है. वहीं, शतभिषा नक्षत्र का स्वामी ग्रह राहु है और इसे रहस्यों, चिकित्सा और अचानक होने वाले बदलावों का नक्षत्र माना जाता है. जब चंद्रमा कुंभ राशि और राहु के नक्षत्र शतभिषा में ग्रहण पीड़ित होता है, तो इसका सीधा असर मन, विचारों और तकनीकी व मानसिक क्षेत्रों पर पड़ता है. यही वजह है कि इस ग्रहण को सामान्य पूर्णिमा की तुलना में ज्योतिषीय रूप से अधिक खास माना जा रहा है.

भारत में नहीं दिखाई देगा चंद्र ग्रहण

इस चंद्र ग्रहण की सबसे अहम बात यह है कि यह भारत में दिखाई नहीं देगा. ऐसे में भारतीय समय के अनुसार ग्रहण की अवधि होने के बावजूद भारत में इसे प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा जा सकेगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिन स्थानों पर ग्रहण दिखाई नहीं देता, वहां आमतौर पर ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं माना जाता. इसलिए भारत में इस चंद्र ग्रहण को लेकर सूतक संबंधी नियम लागू नहीं होंगे.

क्या पूजा-पाठ पर पड़ेगा असर?

चूंकि यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां धार्मिक गतिविधियों पर ग्रहण संबंधी रोक लागू होने की बात नहीं मानी जाएगी. लोग सामान्य तरीके से पूजा-पाठ और धार्मिक कार्य कर सकते हैं.

क्या रक्षाबंधन पर होगा ग्रहण का असर?

रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते का खास त्योहार है. इस दिन बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी खुशहाली व लंबी उम्र की कामना करती हैं. 28 अगस्त का चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका रक्षाबंधन के त्योहार पर कोई असर नहीं पड़ेगा. लोग बिना किसी चिंता के विधि-विधान और श्रद्धा के साथ रक्षाबंधन मना सकते हैं.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

वरुण चौहान

वरुण चौहान

इलेक्‍ट्रानिक और डिजिटल मीडिया में करीब एक दशक से ज्यादा का अनुभव. 2008 में एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन (AAFT) नोएडा से पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद कुछ अलग और नया करने की सोच के साथ मीडिया में अपने सफर की शुरुआत की. शुरुआत से ही मेरी रुचि उन विषयों को आम लोगों तक पहुंचाने में रही है, जो भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं से जुड़े हैं. अपने करियर के दौरान Channel One News, Sahara Samay, A2Z News, News Express, National Voice और पंजाब केसरी डिजिटल जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला. इन संस्थानों में काम करते हुए समाचार लेखन, फील्ड रिपोर्टिंग,और डिजिटल कंटेंट को सीखने का अनुभव मिला. फिलहाल देश के सबसे बड़े न्यूज नेटवर्क TV9 भारतवर्ष में धर्म और आस्था से जुड़ी खबरों, धार्मिक आयोजनों, ज्योतिष, वास्तु, पौराणिक कथाओं, मंदिरों की परंपराओं और व्रत-त्योहारों से जुड़े विषयों को सरल, सहज और तथ्यपूर्ण भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभा रहा हूं. महाकुंभ 2025 की कवरेज मेरे करियर के महत्वपूर्ण अनुभवों में शामिल है, जहां करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, अखाड़ों की परंपराओं, संत समाज की गतिविधियों और कुंभ से जुड़े धार्मिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर विस्तार से लिखने का अवसर मिला. इसके अलावा चारधाम यात्रा, सावन, नवरात्रि, दीपावली, होली, छठ पूजा, अमरनाथ यात्रा, रमज़ान और अन्य प्रमुख धार्मिक आयोजनों पर भी लगातार लेखन किया है. भारतीय संस्कृति, धर्म-दर्शन, ज्योतिष, अंक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र, पुराणों और लोक आस्थाओं के अध्ययन में विशेष रुचि रखता हूं. मेरा प्रयास हमेशा यही रहता है कि धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों को सरल भाषा के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाया जाए, ताकि वे अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को बेहतर ढंग से समझ सकें.

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