Updated On: Jul 20, 2026 | 03:52 PM IST

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सार

MSRTC Employees Demands: चंद्रपुर में महाराष्ट्र स्टेट ट्रांसपोर्ट कर्मचारी संघ ने 22 सूत्रीय मांगों को लेकर विभागीय कार्यालय के सामने क्रमिक अनशन शुरू किया है।

chandrapur st employees protest 22 demands hunger strike

चंद्रपुर ST कर्मचारी आंदोलन- फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)

विस्तार

Chandrapur ST Employees Protest: महाराष्ट्र स्टेट ट्रांसपोर्ट कर्मचारी संघ, मुंबई (चंद्रपुर विभाग) के बैनर तले एसटी कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर शनिवार से विभागीय कार्यालय के समक्ष क्रमिक अनशन आंदोलन शुरू कर दिया गया है। संघ का आरोप है कि बार-बार ज्ञापन सौंपने के बावजूद प्रशासन ने किसी भी मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते आंदोलन का निर्णय लिया गया। मांगें पूरी नहीं होने पर 23 जुलाई से आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी भी दी गई है।

आंदोलन के पहले दिन विभागीय अध्यक्ष अश्विनी येलमुले, विभागीय सचिव संजय सोमनकर, प्रादेशिक सचिव दत्ता बावणे, प्रचार सचिव कुरेशी, आम्रपाली खोब्रागड़े, संतोष वाटेकर तथा दिनेश गोहणे सहित अन्य पदाधिकारी और कर्मचारी आंदोलन में शामिल हुए।

ये है मांगे

संघ द्वारा प्रस्तुत 22 सूत्रीय मांगों में चालक, परिचालक तथा चालक-सह-परिचालक के रिक्त पदों को तत्काल भरना, अतिरिक्त कार्यभार कम करना, ओवरटाइम भत्ते का नियमानुसार भुगतान, रात्रि ड्यूटी के बाद आवश्यक विश्राम, वार्षिक वेतनवृद्धि एवं पदोन्नति के लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा, बकाया आर्थिक लाभों का भुगतान, इलेट्रिक बसों के संचालन में मौजूद खामियों को दूर करना, यातायात नियंत्रण कार्य में चालक-परिचालकों की नियुक्ति बंद कर अलग कर्मचारियों की नियुक्ति करना, ईटीआई प्रणाली लागू करना तथा कार्यालयीन कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाना प्रमुख हैं।

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चालक-परिचालकों पर अतिरिक्त बोझ

संघ का कहना है कि कर्मचारियों की भारी कमी के कारण वर्तमान चालक और परिचालकों पर अतिरिक्त फेरों का बोझ बढ़ गया है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। साथ ही कुछ डिपो में योजना संबंधी खामियों के कारण राज्य परिवहन महामंडल को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि 22 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 23 जुलाई से आंदोलन को आमरण अनशन में बदल दिया जाएगा।

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