Char Dham Yatra Closing Date: हिंदू धर्म में चारधाम यात्रा का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है. उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के दर्शन किए जाते हैं. मान्यता है कि इन पवित्र धामों की यात्रा करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक शांति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है. हर साल देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान के दर्शन और आशीर्वाद पाने के लिए इस यात्रा पर निकलते हैं.

अगर आप भी साल 2026 में चारधाम यात्रा करने का प्लान बना रहे हैं, तो अब आपके पास ज्यादा समय नहीं बचा है. सर्दियों की शुरुआत के साथ ही उत्तराखंड के चारों धामों के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे. हालांकि, चारों धामों के कपाट अलग-अलग तारीखों पर बंद होंगे. ऐसे में यात्रा पर जाने से पहले कपाट बंद होने की तारीख और समय जान लेना जरूरी है, ताकि आप उसी हिसाब से अपनी यात्रा की योजना बना सकें.

कब बंद होंगे चारों धाम के कपाट?

साल 2026 में चारधाम यात्रा नवंबर के मध्य तक चलेगी. गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के कपाट अलग-अलग तिथियों पर बंद होंगे. ऐसे में अगर आप इस साल दर्शन करना चाहते हैं, तो इन तारीखों को जरूर नोट कर लें.

  • गंगोत्री धाम: 10 नवंबर 2026 को दोपहर 12:05 बजे कपाट बंद होंगे.
  • केदारनाथ धाम: 11 नवंबर 2026 को सुबह 8:30 बजे कपाट बंद होंगे.
  • यमुनोत्री धाम: 11 नवंबर 2026 को भैया दूज के अवसर पर सुबह 10:28 बजे कपाट बंद होंगे.
  • बद्रीनाथ धाम: 16 नवंबर 2026 को रात 9:37 बजे कपाट बंद होंगे.

चारधाम यात्रा का धार्मिक महत्व

चारधाम यात्रा को बेहद पवित्र तीर्थयात्रा माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि चारों धामों के दर्शन करने से व्यक्ति को पुण्य की प्राप्ति होती है और मन में भक्ति, शांति तथा सकारात्मकता का संचार होता है. श्रद्धालु इस यात्रा को आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक जागृति का माध्यम भी मानते हैं.

चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालु देवी यमुना, मां गंगा, भगवान शिव और भगवान विष्णु के दर्शन करते हैं. मान्यता है कि सच्चे मन से की गई तीर्थयात्रा व्यक्ति को सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठने और मोक्ष के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है. यही वजह है कि कठिन पहाड़ी रास्तों और मौसम की चुनौतियों के बावजूद हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर पहुंचते हैं.

चारधाम यात्रा का सही क्रम

उत्तराखंड की चारधाम यात्रा परंपरागत रूप से एक निश्चित क्रम में पूरी की जाती है. यात्रा की शुरुआत यमुनोत्री से होती है और अंत बद्रीनाथ धाम के दर्शन के साथ माना जाता है. चारों धामों का क्रम इस प्रकार है:-

1. यमुनोत्री धाम

चारधाम यात्रा का पहला पड़ाव यमुनोत्री धाम है, जो देवी यमुना को समर्पित है. ये उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां यमुना की पूजा करने से सुख-समृद्धि और आरोग्य का आशीर्वाद मिलता है. श्रद्धालु यहां मां यमुना के दर्शन करके अपनी यात्रा की शुरुआत करते हैं.

2. गंगोत्री धाम

यमुनोत्री के बाद दूसरा पड़ाव गंगोत्री धाम है, जो मां गंगा को समर्पित है. ये धाम भी उत्तरकाशी जिले में स्थित है. हिंदू धर्म में गंगा नदी को मोक्षदायिनी माना जाता है. मान्यता है कि मां गंगा के दर्शन और पूजा से पापों से मुक्ति तथा आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है.

3. केदारनाथ धाम

चारधाम यात्रा का तीसरा पड़ाव केदारनाथ धाम है, जो भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है. उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित ये मंदिर हिमालय की ऊंची पहाड़ियों के बीच स्थित है. केदारनाथ को भगवान शिव के प्रमुख तीर्थस्थलों में गिना जाता है. यहां दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं को कठिन पहाड़ी रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है.

4. बद्रीनाथ धाम

चारधाम यात्रा का अंतिम पड़ाव बद्रीनाथ धाम है, जो भगवान विष्णु को समर्पित है. ये उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित है. यहां भगवान विष्णु की बद्री नारायण स्वरूप में पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, बद्रीनाथ धाम के दर्शन से भक्तों को पुण्य और मोक्ष की प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

सना चौधरी

सना चौधरी

सना यूपी के गाजियाबाद की रहने वाली हैं. सना ने हाईटेक इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है. पढ़ाई के साथ-साथ कंटेंट ऑप्टिमाईजेशन और वीडियो एडिटिंग भी सीखा है. जिसके बाद सना ने अलग-अलग जगहों पर डिजिटल कॉन्टेंट राइटर और वीडियो एडिटर के तौर पर काम किया.  इससे पहले सना Zee मीडिया में बतौर वीडियो और कंटेंट एडिटर काम कर चुकी हैं. उन्होंने जी न्यूज में सोशल मीडिया पेज मैनेज किया है. Zee के बाद सना ने टीवी9 भारतवर्ष की वेबसाइट TV9hindi.com में बतौर ट्रेनी ज्वाइन किया. सना को न्यूज़ एंकरिंग का भी शौक है.

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