Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में आदिम जाति कल्याण विभाग के कर्मचारियों ने 29 जुलाई केा नेशनल हाइवे जाम करने की चेतावनी दी है, वहीं बालोद में 108 एंबुलेंस के EMT और पायलट ने भी वेतन और ग्रेजुएटी की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने भी एक दिन की हड़ताल को अल्टीमेटम दिया है।
दोनों ही मामलों में कर्मचारी वेतन नहीं मिलने से परेशान हैं और मजबूरन आंदोलन की मंशा बना रहे हैं।
गरियाबंद में 29 को हाइवे जाम का किया ऐलान
गरियाबंद में आदिम जाति कल्याण विभाग के कर्मचारी संघ ने चक्का जाम करने का ऐलान किया है। कर्मचारियों को अनिश्चितकालीन हड़ताल के दौरान जिला प्रशासन ने लंबित वेतन देने का वादा किया था,लेकिन वो पूरा नहीं हुआ। इससे कर्मचारी नाराज हैं और संघ ने 29 जुलाई को नेशनल हाइवे को कलेक्ट्रेट के पास जाम करने का ऐलान किया है।
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25 जुलाई तक लंबित पेमेंट का दिया था आश्वासन
संगठन के जिला अध्यक्ष डोमार बघेल ने बताया कि सामूहिक अवकाश लेकर 1 जुलाई से अपनी लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे थे। 3 जुलाई को जिला पंचायत अध्यक्ष गौरी शंकर कश्यप की मौजूदगी में सहायक आयुक्त लोकेशवर पटेल ने लंबित भुगतान को रथयात्रा के पहले यानी 25 जुलाई तक करने का आश्वासन दिया था।
बिना मंजूरी नियुक्त कर फंस गया विभाग
आदिवासी विकास विभाग जिले के 79 आश्रम शालाओं में नेता और बड़े अफसरों के कहने पर बेरोजगारों को मौखिक आदेश पर चपरासी की नियुक्ति दे दी। देखते ही देखते चपरासियों की संख्या 513 हो गई, जबकि 255 पद मंजूर थे। इतना ही नहीं कलेक्टर दर पर शासन आवंटन भी देती रही।
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... फिर 258 कर्मियों को नौकरी से निकाला
ऐसे में रोटेशन फार्मूले पर वेतन देकर सब को खुश किया जाता रहा, लेकिन वित्तीय भार बढ़ता गया तो दिसंबर 2025 में अतिरित नियुक्त 258 कर्मियों को नौकरी से निकाल दिया गया। इसके बाद से ये कर्मचारी अब तक 7 बार से ज्यादा धरना प्रदर्शन चुकें हैं।
जय अम्बे इमरजेंसी कंपनी से वेतन-ग्रेजुएटी दिलाने की मांग
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इधर, बालोद जिले के 108 एंबुलेंस के ईएमटी और पायलेटों का आरोप है कि अप्रैल से पहले जय अम्बे इमरजेंसी सर्विसेस कम्पनी में काम करते थे। अब अप्रैल में ठेका चेंज हो गया और काम जीवीके ईएमआरआई कंपनी को मिल गया। नई कंपनी ने वेतन देना शुरू कर दिए, लेकिन पुरानी कंपनी जय अम्बे इमरजेंसी सर्विसेस ने अब तक पुराना दो माह का न तो पेमेंट दिया न तो 5 साल की ग्रेजुएटी दी है, जिससे उनको अपने परिवार के पालन पोषण करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सीएम हेल्पलाइन में शिकायत, फिर भी नहीं हुआ समाधान
108 के कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने पहले भी कई बार कंपनी से रुका वेतन देने की मांग कर चुके हैं, लेकिन उनको सिर्फ आश्वासन ही मिला। इसके बाद सीएम हेल्पलाइन नम्बर में भी शिकायत की, लेकिन आज तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। अब कलेक्टर के पास वे गुहार लगाने पहुंचे हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं होता है तो धरना प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे।
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