Aug 12, 2026 12:22 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
रूस ने यूक्रेन के सरकारी ओशाडबैंक के साथ करोड़ों डॉलर के निवेश विवाद में भारत के पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ को अपना मध्यस्थ नियुक्त किया है। जानें क्या है यह पूरा हाई-प्रोफाइल मामला और विवाद।

अंतरराष्ट्रीय ट्रिब्यूनल में रूस ने चला बड़ा दांव, भारत के पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ को दी बड़ी जिम्मेदारी
भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी कानूनी भूमिका निभाने जा रहे हैं। रूस ने यूक्रेन के सरकारी बैंक 'ओशाडबैंक' के साथ चल रहे एक बड़े निवेश संधि विवाद में उन्हें अपना मध्यस्थ नियुक्त किया है। यह पूरा मामला यूक्रेन युद्ध के दौरान हुए करोड़ों डॉलर के नुकसान के दावे से जुड़ा है। अब रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन के प्रशासन ने भारत के बेहद चर्चित पूर्व सीजेआई को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।
तीन सदस्यीय ट्रिब्यूनल करेगा मामले की सुनवाई
ग्लोबल आर्बिट्रेशन रिव्यू की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस हाई-प्रोफाइल मामले को सुलझाने के लिए तीन सदस्यों वाले एक ट्रिब्यूनल का गठन किया गया है। कोस्टा रिका की मध्यस्थ और पूर्व व्यापार मंत्री डियाला जिमेनेज इस ट्रिब्यूनल की अध्यक्षता करेंगी। उन्हें रूस और यूक्रेन (ओशाडबैंक) दोनों ने आपसी सहमति से चुना है।
पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ को रूस की तरफ से नियुक्त किया गया है। ग्रीस के मध्यस्थ और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर में प्रोफेसर स्टावरोस ब्रेकौलकिस को ओशाडबैंक ने अपनी ओर से नियुक्त किया है।
आखिर क्या है करोड़ों डॉलर का यह विवाद?
यह मध्यस्थता प्रक्रिया रूस और यूक्रेन के बीच साल 1998 में हुई द्विपक्षीय निवेश संधि के तहत शुरू की गई है। ओशाडबैंक का दावा है कि साल 2022 में रूस के पूर्ण सैन्य हमले और अन्य सैन्य कार्रवाइयों के कारण उसे भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है।
बैंक के मुताबिक, डोनेट्स्क, लुहान्स्क, खेरसॉन और जापोरिजिया क्षेत्रों में उसकी संपत्तियां और कामकाज पूरी तरह छिन गए। यह दावा करोड़ों डॉलर का बताया जा रहा है।
इस मामले में ओशाडबैंक ने जुलाई 2025 में रूस को विवाद सुलझाने के लिए एक नोटिस भेजा था। जब रूस की तरफ से इस नोटिस का कोई जवाब नहीं मिला, तब बैंक ने यह कार्यवाही शुरू की।
पहले रूस का ऑफर ठुकरा चुके हैं जस्टिस चंद्रचूड़
यह पहली बार नहीं है जब रूस ने जस्टिस चंद्रचूड़ से मध्यस्थता के लिए संपर्क किया है। इससे पहले रूस ने 'विंटर्सहॉल डीया' और 'उक्रेनर्गो' द्वारा किए गए संधि दावों में भी उन्हें अपना मध्यस्थ बनने का प्रस्ताव दिया था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया था।
दिलचस्प बात यह है कि रूस ने यह प्रस्ताव उसी दिन दिया था, जिस दिन स्थायी मध्यस्थता न्यायालय ने उन्हें विंटर्सहॉल मामले में 'नियुक्ति प्राधिकारी' नामित किया था। रूस के इस प्रस्ताव की जानकारी का खुलासा करने के बाद जस्टिस चंद्रचूड़ उस भूमिका से भी हट गए थे।
कानूनी टीमें जो लड़ेंगी केस
ओशाडबैंक की ओर से क्विन इमैनुएल उर्कहार्ट एंड सुलिवन लॉ फर्म के पार्टनर एपामिनोंडास ट्राइंटाफिलू और एलेक्स गेर्बी केस लड़ेंगी। इनके साथ एस्टर्स के पार्टनर ओलेक्सी डिडकोवस्की, एंड्री पोजहिदायेव और ओक्साना लेगका पक्ष रखेंगे।
रूस की ओर से पिन्ना गोल्डबर्ग के पार्टनर एंड्रिया पिन्ना, वकील प्रत्यूष पंजवानी और सीनियर एसोसिएट दिमित्रियोस पापाजॉर्जियू रूस की तरफ से पैरवी करेंगे।
