Updated: Saturday, July 25, 2026, 18:20 [IST]
NEET पेपर लीक को लेकर 36 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन आखिरकार खत्म हो गया। शनिवार (25 जुलाई) को सरकार और CJP के बीच हुई तीसरे दौर की बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान किया। CJP का कहना है कि उसकी तीनों प्रमुख मांगों पर सरकार ने सहमति दे दी है। इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लेना और पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा शामिल है।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर छात्रों ने राष्ट्रगान गाया, नारे लगाए और जान गंवाने वाले साथियों को श्रद्धांजलि देकर जश्न मनाया। आइए जानते हैं कि सरकार और CJP के बीच हुई मीटिंग में क्या-क्या हुआ।
सरकार और CJP के बीच बनी बात: नड्डा बोले- प्रदर्शनकारी घर लौटें
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ CJP के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका की लंबी बैठक हुई। बैठक के बाद जेपी नड्डा ने स्पष्ट किया कि सरकार ने छात्रों की चिंताएं समझ ली हैं।
जेपी नड्डा ने कहा,
"आज सौरभ और CJP प्रतिनिधिमंडल के साथ हमारी तीसरी दौर की बातचीत हुई। उन्होंने चार मुख्य बिंदु रखे थे। सबसे अहम बात यह है कि किसी भी प्रदर्शनकारी छात्र पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है। परीक्षा सुधारों के लिए जो उन्होंने पांच अहम बातें बताई हैं, जो ड्राफ्ट दिए हैं, हम उसपर जल्द विचार करेंगे। हमारी अपील है कि सभी छात्र अब अपना आंदोलन खत्म करें।"
इस्तीफे के अलावा और किन 2 मांगों पर तैयार हुई सरकार?
CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि सरकार से तीन दौर की मैराथन बैठकों के बाद उनकी तीनों शर्तें मान ली गई हैं। आशुतोष रांका डिमांड के बारे में बात करते हुए कहा,
"हमारी पहली शर्त धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा थी, जो पूरी हो चुकी है। दूसरी शर्त प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लेने की थी। सरकार ने आश्वासन दिया है कि आंदोलन के दौरान दर्ज 15-20 FIR की कॉपियां 3-4 दिन में हमें सौंप दी जाएंगी और भविष्य में CJP टीम पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। तीसरी शर्त थी नीट पीड़ितों को मुआवजा, जिस पर भी सहमति बन गई है।"
1 करोड़ मुआवजा और लिखित ड्राफ्ट: आगे क्या होगा?
CJP नेता सौरभ दास ने जानकारी दी कि उन्होंने परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर सरकार को एक ड्राफ्ट सौंपा है। सरकार ने इस लिखित समझौते को मंगलवार यानी 28 जुलाई तक देने का वादा किया है।
सौरभ दास ने आगे का प्लान बताते हुए कहा,
"नीट धांधली के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का सम्मानजनक मुआवजा मिलेगा। हमने पांच बिंदुओं का प्रस्ताव सरकार के सामने रखा है। शिक्षा सुधारों पर आगे की रणनीति तय करने के लिए 4 हफ्ते बाद सरकार के साथ हमारी दोबारा बैठक होगी। हमारी अपील है कि जंतर-मंतर पर डटे सभी साथी अब अपने घर लौट जाएं।"
फिलहाल CJP ने धरना खत्म कर दिया है, लेकिन शिक्षा सुधार का मुद्दा खत्म नहीं हुआ है। संगठन का कहना है कि अब अगला फोकस परीक्षा व्यवस्था में बदलाव पर रहेगा। सरकार और CJP के बीच अगले दौर की बैठक चार हफ्ते बाद होने की बात कही गई है। यानी धरना भले खत्म हो गया हो, लेकिन शिक्षा सुधार पर बातचीत अभी जारी रहेगी।