Updated: Saturday, July 25, 2026, 14:09 [IST]
UN Statement on CJP Protests: नई दिल्ली में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जारी छात्र प्रदर्शनों पर अब संयुक्त राष्ट्र (UN) की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने वाले लोगों को बिना किसी डर, उत्पीड़न, गिरफ्तारी या चोट लगने की आशंका के अपना लोकतांत्रिक अधिकार इस्तेमाल करने की अनुमति मिलनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के हर देश की तरह भारत में भी सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करें।
UN बोला- शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक से नई दिल्ली में चल रहे छात्र प्रदर्शनों को लेकर सवाल पूछा गया। जवाब में उन्होंने कहा कि UN इस पूरे घटनाक्रम से अवगत है। उन्होंने कहा कि जो लोग शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना चाहते हैं, उन्हें बिना किसी उत्पीड़न, गिरफ्तारी या हिंसा के डर के प्रदर्शन करने की अनुमति मिलनी चाहिए। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और नागरिक स्वतंत्रता से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।
सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी पर भी दिया जोर
स्टीफन दुजारिक ने अपने बयान में कहा कि केवल प्रदर्शन की अनुमति देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सुरक्षा बलों की भी जिम्मेदारी है कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के अधिकारों की रक्षा करें। उन्होंने कहा कि यह सिद्धांत केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के हर देश पर समान रूप से लागू होता है। उनका कहना था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ नागरिकों के शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का सम्मान भी जरूरी है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और सुधार की मांग को लेकर हो रहे हैं प्रदर्शन
पत्रकार ने UN प्रवक्ता से सवाल करते हुए बताया कि भारत में छात्र शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और शिक्षा प्रणाली में बदलाव की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी संदर्भ में संयुक्त राष्ट्र का पक्ष जानना चाहा गया। इस पर दुजारिक ने किसी राजनीतिक मांग पर टिप्पणी करने के बजाय शांतिपूर्ण विरोध और नागरिक अधिकारों के संरक्षण के सिद्धांत पर अपनी बात रखी और सभी पक्षों से इन अधिकारों का सम्मान करने की अपेक्षा जताई।