Uttarakhand News: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोहियाहेड में पैदल चलकर आम लोगों और छोटे कारोबारियों से मुलाकात की. उन्होंने स्थानीय रवि स्टॉल पर टिक्की का स्वाद चखा और स्वरोजगार की सराहना की.

Uttarakhand News: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोहियाहेड में पैदल चलकर आम लोगों और छोटे कारोबारियों से मुलाकात की. उन्होंने स्थानीय रवि स्टॉल पर टिक्की का स्वाद चखा और स्वरोजगार की सराहना की.

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pushkar singh dhami Photograph: (NN)

Uttarakhand News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने बेहद सरल और सहज स्वभाव के लिए जाने जाते हैं. शुक्रवार को लोहियाहेड में उनका ऐसा ही आत्मीय रूप एक बार फिर देखने को मिला. मुख्यमंत्री बिना किसी भारी सुरक्षा तामझाम के सामान्य नागरिक की तरह सडकों पर पैदल चलते हुए सीधे आम लोगों के बीच पहुंच गए. अपने लोकप्रिय नेता को इस तरह अपने बीच चलते देखकर स्थानीय निवासियों और व्यापारियों का उत्साह देखते ही बनता था. मुख्यमंत्री का यह अचानक दौरा केवल एक सामान्य आवाजाही नहीं था, बल्कि इसके पीछे स्थानीय स्तर पर काम कर रहे छोटे कारोबारियों का हौसला बढ़ाने और वोकल फॉर लोकल की भावना को धरातल पर उतारने का एक बहुत बड़ा संदेश छिपा हुआ था.

स्थानीय टिक्की का लिया स्वाद और बढ़ाया हौसला

पैदल भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री क्षेत्र के बेहद लोकप्रिय रवि के खानपान के स्टॉल पर अचानक रुक गए. उन्होंने वहां रुककर गरमा गरम टिक्की का स्वाद लिया. मुख्यमंत्री को अपनी दुकान पर खड़ा देखकर स्टॉल संचालक रवि की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. मुख्यमंत्री ने बड़े ही स्नेह से रवि से बातचीत की और उनके काम काज के बारे में जानकारी ली. उन्होंने पूछा कि कारोबार कैसा चल रहा है और प्रतिदिन किस तरह की चुनौतियां सामने आती हैं. मुख्यमंत्री ने रवि के परिश्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि अपनी मेहनत के दम पर स्वरोजगार खड़ा करना और दूसरों के लिए प्रेरणा बनना वास्तव में गर्व की बात है. छोटे स्तर पर शुरू किया गया कोई भी उद्यम स्वावलंबन की सबसे मजबूत नींव होता है.

छोटे व्यापारियों और नागरिकों से आत्मीय संवाद

इस दौरान मुख्यमंत्री ने आसपास के अन्य दुकानदारों, छोटे पटरी व्यापारियों और राहगीरों से भी सीधा संवाद किया. उन्होंने सभी का हालचाल जाना और उनके व्यापारिक अनुभवों को सुना. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जब कोई व्यक्ति स्वरोजगार चुनता है, तो वह केवल अपना परिवार ही नहीं चलाता, बल्कि पूरे समाज की आर्थिकी में अपना योगदान देता है. उन्होंने कहा कि हमारी परंपरा और हमारी स्थानीय पहचान को बनाए रखने में इन छोटे व्यवसायियों की सबसे बड़ी भूमिका होती है. मुख्यमंत्री के इस दोस्ताना और सहज व्यवहार ने वहां मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया. लोगों ने कहा कि यह पहला अवसर है जब किसी प्रदेश का मुखिया इतने अपनेपन के साथ उनके बीच खड़ा होकर उनकी बातें सुन रहा है.

वोकल फॉर लोकल केवल नारा नहीं, मजबूत संकल्प है

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने वोकल फॉर लोकल अभियान के महत्व पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि यह केवल एक सरकारी नारा या अभियान नहीं है, बल्कि यह देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का एक सशक्त जरिया है. उन्होंने कहा कि जब हम अपने गांव, कस्बे और शहर में बनने वाली वस्तुओं को प्राथमिकता देते हैं, तो उससे स्थानीय कारीगरों, किसानों और छोटे दुकानदारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलता है. इससे धन का प्रवाह अपने ही क्षेत्र में बना रहता है, जिससे हर वर्ग की क्रय शक्ति बढ़ती है. मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना केवल सरकार का दायित्व नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक को इसे अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी समझना होगा.

आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में ठोस कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है जिससे युवाओं को अपने ही क्षेत्र में आजीविका के बेहतर अवसर मिल सकें. उन्होंने कहा कि स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ना समय की सबसे बड़ी मांग है. जब स्थानीय स्तर पर उत्पाद तैयार होंगे और उनका सही मूल्य स्थानीय बाजार में मिलेगा, तो पलायन जैसी गंभीर समस्याओं का भी समाधान होगा. आत्मनिर्भर समाज के निर्माण से ही एक सशक्त और आत्मनिर्भर उत्तराखंड का सपना साकार हो सकता है. उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे पारंपरिक व्यवसायों में आधुनिक तकनीकों का समावेश कर नए प्रयोग करें.

क्षेत्र में मुख्यमंत्री की सादगी की चारों तरफ चर्चा

लोहियाहेड में मुख्यमंत्री का यह सहज अंदाज पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा. स्थानीय व्यापार मंडल और नागरिकों ने मुख्यमंत्री की कार्यशैली की मुक्तकंठ से सराहना की. व्यापारियों का कहना था कि मुख्यमंत्री का एक छोटे स्टॉल पर रुकना और वहां के व्यंजन का आनंद लेना यह दिखाता है कि प्रदेश का नेतृत्व आम आदमी के कितने करीब है. इससे न केवल स्थानीय व्यापारियों का मनोबल सातवें आसमान पर पहुंचा है, बल्कि पूरे इलाके में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ है. मुख्यमंत्री का यह कदम छोटे उद्यमों को समाज में उचित सम्मान दिलाने और स्थानीय व्यापार को नई गति देने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा.

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