Published: Sunday, September 20, 2026, 7:29 [IST]
Delhi SIR Notices: दिल्ली की राजनीति में इन दिनों वोटर लिस्ट को लेकर भारी घमासान छिड़ा है। चुनाव आयोग के स्पेशल इंसेंटिव रिवीजन (SIR) अभियान के तहत दिल्ली के करीब 33.1 लाख वोटरों को नोटिस थमाए गए हैं। इस लिस्ट में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल जैसे बड़े चेहरे शामिल हैं।
हालांकि आयोग ने बाद में साफ किया कि सीएम रेखा गुप्ता का नाम सत्यापन के बाद सही पाया गया है। वहीं अरविंद केजरीवाल के नाम को लेकर आम आदमी पार्टी के दावे पर भी चुनाव आयोग ने सफाई दी है। पूरे मामले ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। आइए समझते हैं कि आखिर यह पूरा विवाद क्या है।
रेखा गुप्ता और केजरीवाल को नोटिस क्यों मिला?
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने 31 अगस्त को जारी मतदाता सूची के मसौदे के करीब तीन हफ्ते बाद उन मतदाताओं की सूची सार्वजनिक की है, जिनके नाम में गड़बड़ी या पुराने SIR रिकॉर्ड से मिलान नहीं होने की बात सामने आई है। इन मतदाताओं को सुनवाई के लिए नोटिस भेजे गए हैं।
इस सूची में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नाम भी शामिल था। हालांकि रेखा गुप्ता के मामले में बाद में निर्वाचन अधिकारियों ने बताया कि बूथ लेवल अधिकारी यानी बीएलओ ने मौके पर जाकर उनके विवरण का सत्यापन कर लिया है।
अरविंद केजरीवाल के साथ उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, उनके माता-पिता और बेटे पुलकित के नाम भी नोटिस पाने वाले मतदाताओं की सूची में हैं। राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल का नाम भी पुराने एसआईआर रिकॉर्ड से मिलान नहीं होने वाले मतदाताओं में दर्ज है।
आम आदमी पार्टी ने दावा किया कि पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल का नाम वोटर लिस्ट से गायब है। इसके तुरंत बाद चुनाव आयोग ने स्थिति स्पष्ट की। चुनाव आयोग की और कहा गया, "अरविंद केजरीवाल का नाम लिस्ट में मौजूद है। नोटिस सिर्फ इसलिए भेजा गया क्योंकि उन्होंने और उनके परिवार ने पिछली एसआईआर लिस्ट से खुद की डिटेल मैच नहीं की थी।"
इनके अलावा पूर्व बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, उनकी पत्नी और भाई को भी नाम में गड़बड़ी के चलते नोटिस जारी किया गया है।
दिल्ली में 33 लाख से ज्यादा मतदाताओं को नोटिस
निर्वाचन अधिकारियों की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में 13,79,785 मतदाताओं का पुराने रिकॉर्ड से मिलान नहीं हो पाया। इन्हें 'नो मैपिंग' कैटेगरी में रखा गया है। वहीं, 19,33,134 मतदाताओं के रिकॉर्ड में तार्किक गड़बड़ियां मिली हैं। दोनों कैटेगरी को मिलाकर करीब 33.13 लाख मतदाता नोटिस पाने वालों में शामिल हैं। इन मतदाताओं के नाम मसौदा मतदाता सूची में मौजूद हैं। नोटिस का मकसद रिकॉर्ड में मिली गड़बड़ियों की जांच करना है।
नाम, उम्र और माता-पिता के रिकॉर्ड में क्या गड़बड़ी मिली?
हिंदुस्तान टाइम्स की ओर से नई दिल्ली और शालीमार बाग के दो मतदान केंद्रों के दस्तावेजों की पड़ताल में गड़बड़ियों के अलग-अलग पैटर्न सामने आए हैं। सरोजिनी नगर के एक मतदान केंद्र पर 84 मतदाताओं को नोटिस दिया गया। इनमें 37 का पुराने एसआईआर रिकॉर्ड से मिलान नहीं हुआ। 24 मामलों में माता-पिता के नाम में अंतर मिला, जबकि 13 मतदाताओं के अपने नाम में गड़बड़ी दर्ज की गई।
सात मामलों में बच्चे और माता-पिता की उम्र के बीच नौ महीने से कम का अंतर पाया गया। एक मतदाता के मामले में माता-पिता की उम्र में 50 साल से ज्यादा का अंतर था। एक रिकॉर्ड में दो तरह की गड़बड़ियां मिलीं और एक में कारण दर्ज नहीं था। इन मतदाताओं की उम्र 19 से 76 साल के बीच थी।
शालीमार बाग के एक मतदान केंद्र पर 233 मतदाताओं के रिकॉर्ड में गड़बड़ी या पुराने रिकॉर्ड से मिलान नहीं होने की बात सामने आई। इनमें 108 का पुराने एसआईआर से मिलान नहीं हुआ। 54 मामलों में माता-पिता के नाम और 37 मामलों में मतदाता के अपने नाम में अंतर मिला।
इसके अलावा, 13 मामलों में माता-पिता की उम्र के बीच 15 साल से कम का अंतर दर्ज किया गया। तीन मामलों में उम्र के अंतर के साथ माता-पिता के नाम में भी गड़बड़ी थी। तीन मामलों में बच्चे और माता-पिता की उम्र में नौ महीने से कम का अंतर मिला। दो-दो मामलों में 50 साल से ज्यादा का माता-पिता की उम्र का अंतर, उम्र के अंतर के साथ नाम में गड़बड़ी और दादा-दादी की उम्र में 40 साल से कम का अंतर दर्ज किया गया। आठ मामलों में गड़बड़ी का कोई खास कारण नहीं बताया गया।
दिल्ली में मतदाता सूची कितनी बदली?
31 अगस्त को जारी मसौदा मतदाता सूची में 97,53,577 मतदाता दर्ज हैं। यह 30 जून को मौजूद 1,45,10,299 मतदाताओं के मुकाबले 32.8 फीसदी कम है। वहीं दिल्ली में मतदान केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई गई है। सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में पुनर्गठन के बाद मतदान केंद्र 13,033 से बढ़कर 14,947 हो गए हैं। निर्वाचन अधिकारियों ने सभी मतदान केंद्रों की सूची ऑनलाइन उपलब्ध करा दी है।